नई दिल्ली, 10 अगस्त. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमत के चलते सरकारी तेल कंपनियों को पेट्रोल की बिक्री पर 3.56 रुपये प्रति लीटर का घाटा हो रहा है. इसे देखते हुए कंपनियों ने सरकार पर इसके दाम बढ़ाने का दबाव बढ़ा दिया है.

वैसे तो इसकी कीमत को जून 2010 में ही नियंत्रणमुक्त कर दिया गया है मगर महंगाई की ऊंची दर को देखते हुए सरकार अंतरराष्ट्रीय कीमतों के मुकाबले दाम बढ़ाने की इजाजत नहीं दे रही है  24 जुलाई को तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में 70 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी. मगर तब से अब तक कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत में 12 डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी हो चुकी है. इंडियन ऑयल के चेयरमैन आरएस बुटोला के मुताबिक पिछले पखवाड़े तेल कंपनियों को इसकी बिक्री पर औसत 1.37 रुपये का नुकसान हो रहा था. मगर मौजूदा कीमत के आधार पर यह घाटा बढ़कर 3.56 रुपये प्रति लीटर हो गया है. सूत्रों के मुताबिक तेल कंपनियां इस महीने की शुरुआत में ही 1.37 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी करना चाहती थीं, लेकिन मानसून सत्र शुरू होने को देखते हुए सरकार ने इसकी इजाजत नहीं दी.

गूगल पर लगा 2.25 करोड़ डालर का जुर्माना

नई दिल्ली, 10 अगस्त. इंटरनेट कंपनी गूगल को अपने उपभोक्ताओं के साथ किए गए गोपनीय करार के उलंघन मामले में सवा दो करोड़ डॉलर का जुर्माना भरना पड़ेगा.

गूगल पर ये जुर्माना उन उपभोक्ताओं को दिए गए वायदे के उल्लंघन के तौर पर लगाया गया है जो सफारी वेब ब्राउजर का इस्तेमाल कर रहे थे. कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के कुछ शोधकर्ताओं ने कमीशन से शिकायत कर आरोप लगाया था कि गूगल सफारी वेब ब्राउजर का इस्तेमाल करने वाले दूसरे यूजर्स की इंटरनेट गतिविधियों पर नजर रख रखी है. उनका आरोप था कि गूगल ने इसके लिए विशेष वेब ब्राउजर के ग्राहकों से अनुमति नहीं ली थी. गूगल ने ग्राहकों से वायदा कर रखा था कि ग्राहकों की गतिविधियों को गुप्त रखा जाएगा, लेकिन ऐसे में सूचनाएं सार्वजनिक हो रही है. यह अमेरिकी फेडरल ट्रेड कमीशन के इतिहास में लगाया गया सबसे बड़ा जुर्माना है.

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