नई दिल्ली, 23 सितंबर. विज्ञान भवन में एक सेमिनार में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खिलाफ कमीज उतारकर नारेबाजी करने वाले वकील संतोष कुमार सुमन का कहना है कि उनका इस तरह विरोध करने का कोई इरादा नहीं था। संतोष का कहना है कि दरअसल उन्हें पीएम को देखते ही गुस्सा आ गया था।

संसद मार्ग थाने से छूटने के बाद संतोष ने कहा, मैंने जब पीएम को भाषण देने के लिए बढ़ते देखा तो मुझे गुस्सा आ गया। मुझे लगा कि ऐसे भ्रष्ट पीएम को लोगों को संबोधित करने का अधिकार नहीं है। इसके बाद मैं मेज पर चढ़ गया और मैंने नारेबाजी शुरू कर दी। संतोष कुमार सुमन ने एनबीटी को बताया कि विज्ञान भवन में एकाएक गुस्से में उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की थी जिसके बाद एसपीजी उन्हें अपने साथ ले गई। बाद में उन्हें पार्ल्यामेंट स्ट्रीट थाने ले जाया गया। वहां लंबी पूछताछ हुई और बाद में उन्हें शाम 5:30 के करीब छोड़ दिया गया।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के खिलाफ कैश फॉर वोट के मामले में जांच के लिए उन्होंने हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी जिसे हाई कोर्ट पिछले साल खारिज कर चुकी है और उनके ऊपर एक लाख का कॉस्ट लगाया गया था। इस फैसले को उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी लेकिन वहां से भी अर्जी खारिज हो चुकी है।

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