2-जी मामले में सरकार टटोल रही संभावनाएं

नई दिल्ली, 9 फरवरी. केंद्र सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 2जी घोटाले के मद्देनजर स्पेक्ट्रम के 122 लाइसेंस रद्द करने के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की संभावनाएं टटोलनी शुरू कर दी हैं.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अटॉर्नी जनरल जीई वाहनवती से इस बारे में राय मागी है. साथ ही यह भी पूछा है कि सुप्रीमकोर्ट के फैसले के बाद क्या प्रधानमंत्री कार्यालय [पीएमओ] के कुछ अफसरों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए. शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में पीएमओ की कार्यप्रणाली की कड़ी आलोचना करते हुए कहा था कि अधिकारियों ने इस मामले में लापरवाही बरती और पीएम को सही जानकारी नहीं दी. सूत्रों के मुताबिक, सुप्रीमकोर्ट के इस फैसले से मोबाइल उपभोक्ताओं और दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनियों पर पडऩे वाले प्रतिकूल परिणामों के मद्देनजर प्रधानमंत्री कार्यालय ने अटॉर्नी जनरल से अगले कदम के बारे में कानूनी राय मागी है. प्रधानमंत्री ने पूछा है कि जब तक नई स्पेक्ट्रम आवंटन नीति नहीं बन जाती, तब तक मौजूदा नीति के तहत स्पेक्ट्रम आवंटन किया जा सकता है या नहीं. सुप्रीमकोर्ट ने पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा के कार्यकाल में दिए गए 2जी स्पेक्ट्रम के 122 लाइसेंस गैरकानूनी और असंवैधानिक बताते हुए निरस्त कर दिए हैं. कोर्ट ने ट्राई को निर्देश दिया है कि वह दो माह के भीतर 3जी स्पेक्ट्रम की तर्ज पर नीलामी के जरिए नए सिरे से 22 सर्विस एरिया के लिए 2जी स्पेक्ट्रम के लाइसेंस आवंटन की सरकार से सिफारिश करे.

सरकार ट्राई की सिफारिश पर विचार के बाद एक माह के भीतर निर्णय ले और नीलामी के जरिए नए लाइसेंस आवंटित करे. आदेश अनुपालन के लिए ट्राई ने काम शुरू भी कर दिया है. सूत्रों का कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर अमल में समय लगना है, जबकि 122 लाइसेंस निरस्त करने का सीधा असर टेलीकॉम सेवाओं पर भी पड़ रहा है. नार्वे समेत दूसरे देश की कंपनियों के साथ टेलीकॉम समझौतों से जुड़े मुद्दों में भी जटिलता बढ़ गई है. इससे देश में विदेश निवेश के माहौल पर भी असर पड़ सकता है. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने भी दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनियों को विभिन्न मदों में 10 हजार का कर्ज दे रखा है. 4500 करोड़ तो अकेले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का है. अदालती आदेश से बैंकों की रकम भी खतरे में पड़ती दिख रही है. इन सबके मद्देनजर सरकार का एक बड़ा वर्ग सुप्रीमकोर्ट से लाइसेंस निरस्त करने के मसले पर पुनर्विचार की अपेक्षा कर रहा है. इसीलिए पुनर्विचार याचिका के बाबत अटॉर्नी जनरल से राय मागी गई है. प्रधानमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है, लेकिन उन्होंने इसे एक सहज प्रक्रिया बताया है. उनका कहना था कि सरकार सुप्रीमकोर्ट के आदेश की मीमासा तो करेगी ही और राय भी लेगी. तभी उस पर सही मायनों में अमल हो सकेगा.

एस्सार ने शीर्ष कोर्ट में दी चुनौती

नई दिल्ली, 9 फरवरी. एस्सार समूह ने 2जी मामले में उसके खिलाफ विशेष सीबीआई अदालत में मुकदमा चलाने को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी. एस्सार ने शीर्ष अदालत में तर्क दिया कि कंपनी और उसके अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला नहीं है, इसलिए उसके खिलाफ मुकदमा मजिस्ट्रेट की अदालत में चलाया जाना चाहिए.

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