राज ठाकरे के बिहारियों के विरुद्घ दिये गये बयान से फिर एक विवाद चल रहा है और राज ठाकरे व बाल ठाकरे की ओर से भी ऐसी विवादित बयानबाजी होती ही रहती है. उस पर कुछ समय के लिये हल्ला भी मचता है, फिर सब सामान्य हो जाता है. सभी जानते हैं कि उन लोगों की राजनीति का आधार ही क्षेत्रीयता व भाषायी है. उस परिवार में विभाजन होने से दोनों में प्रतिस्पर्धा की भी राजनीति शुरू होगी. लेकिन इस बार एक दूसरा पहलू भी इसमें शामिल है. वह ठाकरे के बयान से भी कहीं ज्यादा अहम है, जो बीच-बीच में अन्य संदर्भों से उठता रहा है.

मुंबई के आजाद मैदान पर इस्लामी हुल्लडï से सैनिक स्मारक को भी अपमानित व तोड़ा गया. मुंबई पुलिस ने सी.सी.टी.वी. कैमरे में आ गये एक देशद्रोही प्रवृत्ति के अपराधी को पहचान कर उसे बिहार में जाकर गिरफ्तार कर मुंबई ले गई. इस पर बिहार प्रशासन की ओर से कडï़ा प्रतिकार करते हुये वहां के मुख्य सचिव ने महाराष्टï्र सरकार से विरोध जताते हुये यह तक धमकी दे डाली कि महाराष्ट पुलिस के विरुद्घ उनके राज्य में जाकर कार्यवाही करने पर कार्यवाही भी की जा सकती है.

संविधान व अन्य कानूनों में यह व्यवस्था है कि हर राज्य सरकार का अधिकार क्षेत्र उस राज्य की सीमा के अंदर ही रहेगा, लेकिन अदालतों व पुलिस पूरे भारत में कहीं भी जाकर उसकी कार्यवाही कर सकती है. अदालतें भारत में कहीं भी गिरफ्तारी के लिये वारंट जारी करती है और पुलिस भी जाकर कार्यवाही करती है. जब भी किसी राज्य की पुलिस दूसरे राज्य में जाती है, तो वहां की पुलिस से अपने काम में मदद व सहयोग चाहती है और वह उसको दी ही जाती है. अब प्रश्न यह है क्या ऐसा प्रावधान है कि वह वहां की पुलिस से मदद मांगे या उसे सूचित करे. इस समय विवाद यही बना है कि महाराष्टï्र पुलिस ने बिहार पुलिस को सूचित नहीं किया. अब कानून में इसका परीक्षण किया जाए कि क्या कानूनी रूप सेे जरूरी है कि वह इसे सूचित करे?

दिल्ली के थामसन रोड पर भोपाल के कुछ अपराधियों ने हत्या करते हुए बैंक वाले…. से लाखों रुपये लूटे थे. दिल्ली पुलिस ने भोपाल आकर उन्हें पहले गिरफ्तार किया बाद में भोपाल पुलिस को सूचित किया और अदालत में उनका ट्रान्जिट वारंट लिया. लेकिन एक समय उत्तर प्रदेश की हमीरपुर जिले की पुुलिस ने एक डकैत गैंग का पीछा करते हुए मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले के अंदर तक आ गई और महिला डकैत हसीना को मार गिराया. इस पर टीकमगढ़ के तत्कालीन कलेक्टर विजय सिंह ने उत्तरप्रदेश पुलिस के विरुद्ध आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया. एक बार डकैत फूलन देवी से आत्मसमर्पण मध्यप्रदेश में कराने के लिए भिंड के एस.पी. श्री राजेन्द्र चतुर्वेदी कुछ लोगों को उत्तरप्रदेश से मध्यप्रदेश ले आये. उस समय उत्तरप्रदेश की पुलिस ने श्री चतुर्वेदी के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर लिया. एक बार नागालैंड और असम की पुलिस के बीच किस राज्य की सीमा कहां तक है इस विवाद पर गोलीबारी हो गई.

हाल ही में अमेरिका ने पाकिस्तान सरकार को बिना सूचित किये ओसामा बिन लादेन को मार गिराया और उसे अपना सही कदम बताया. इससे पहले इजरायल ने युगांडा के तानाशाह ईदी अमीन के काल में इटेन्बी… हवाई अड्डे पर वायुसेना से एकाएक हमला कर अपने नागरिक बंधकों को छुड़ाया था. ऐसे ही एक प्रकरण में इजरायल ने अर्जेन्टीना से अपने जर्मन युद्ध अपराधी माइखमैन… को गिरफ्तार कर शक्ति प्रदर्शन से अपने देश में उठा लाये और मौत की सजा दे दी. यह केन्द्र सरकार का कर्तव्य है कि वह नियम कायदों में निर्धारित कर दे पुलिस व अदालतें दूसरे राज्यों में किस प्रकार से काम करेंगी. इस तरह के विवाद देश की एकता व उसके कानूनों के विरुद्ध है. लगता है बिहार सरकार अति कर गई है.

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