नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सभी जगह विकास कार्य ठप्प पड़े हैं. वहां निर्माण कार्य या औद्योगिक व्यवसाय करने के लिये इस्सार जैसे बड़े संस्थान को नक्सलियों को लाखों रुपये की रकम फिरौती में इसलिये देना पड़ती है कि वे उन संस्थानों को यहां काम करने देंगे. ऐसे कठिन परिस्थिति में मध्य प्रदेश की पुलिस ने एक नई पहल की है. राज्य के पुलिस महानिदेशक श्री एम.के. राऊत ने कहा है कि बालाघाट जिला में यदि लोक निर्माण विभाग या ठेकेदार वहां निर्माण व विकास कार्यों को करने में नक्सलियों की वजह से असमर्थता महसूस करते हैं तो राज्य के पुलिस उसके जवानों को इस काम में लगा सकती है.

राज्य में विशेष सशस्त्र बल (एस.ए.एफ.) की 7वीं बटालियन ऐसे कामों को करने में दक्ष है. छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने इस मामले में पुलिस का पृथक विंग बनाया है, जो नक्सल क्षेत्र में निर्माण कार्य कर रहा है. छत्तीसगढ़ï राज्य से लगे बालाघाट, मंडला व डिंडोरी में नक्सल सक्रिय हैं. राज्य की पुलिस को यह सूचना भी प्राप्त हो गई है कि 5 अन्य जिलों सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया व अनूपपुर में भी नक्सली गतिविधियां हो रही हैं. देश भर में ‘लाल गलियाराÓ के नाम से कुख्यात कई राज्यों में फैला नक्सल इलाका विकास में काफी पिछड़ गया है.

संस्थापक : स्व. रामगोपाल माहेश्वरी
प्रधान संपादक : श्री प्रफुल्ल माहेश्वरी

Related Posts: