मुख्यमंत्री की घोषणा, रूस्तमजी आवासीय परिसर लोकार्पित

भोपाल, 29 अप्रैल. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में प्रतिवर्ष ढाई हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती की जा रही है. अब इस संख्या में प्रतिवर्ष सेवानिवृत्त होने वाले पुलिसकर्मियों की संख्या को शामिल कर भर्ती की जायेगी. मुख्यमंत्री चौहान ने यह घोषणा पुलिस हाऊसिंग कार्पोरेशन द्वारा निर्मित साढ़े सात करोड़ रूपये की लागत के 114 आवासों के परिसर लोकार्पण कार्यक्रम में आज यहां की.

कार्यक्रम में गृह मंत्री उमाशंकर गुप्ता, सांसद कैलाश जोशी, विधायक ध्रुवनारायण सिंह सहित पुलिस के अधिकारी मौजूद थे. मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि पुलिस द्वारा सराहनीय सेवाएं दी जा रही हैं. प्रदेश में जघन्य अपराधों में दोषियों को कड़ा दण्ड मिले इस कार्य में पुलिस द्वारा उल्लेखनीय सफलताएं अर्जित की गई हैं. अपराधियों को दण्डित करने का प्रतिशत निरंतर बढ़ रहा है. उन्होंने इंदौर में बच्चे की हत्या के प्रकरण का उल्लेख करते हुये बताया कि पुलिस की सक्रियता से मात्र 60 से 65 दिन में अपराधी को मृत्युदण्ड की सजा हो गई. इसी प्रकार पुलिस द्वारा अन्य सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलताएं प्राप्त की गई हैं. फिर चाहे अपराधों के नियंत्रण का क्षेत्र हो, चाहे दस्यु समस्या हो, आतंकवाद अथवा संगठित अपराधों की बात हो सभी क्षेत्रों में मध्यप्रदेश की पुलिस ने सराहनीय उपलब्धियां प्राप्त की हैं. इसीलिये देश में मध्यप्रदेश को शांति का टापू कहा जाता है.

इसका सारा श्रेय मध्यप्रदेश की पुलिस को है. मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि पुलिस से अच्छे परिणाम प्राप्त करने के लिये उनकी समस्याओं पर भी ध्यान दिया जाना आवश्यक है. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की सरकार ने पुलिस के प्रति लोगों के नजरिये को बदलने की कोशिश की है. उनकी व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के लिये प्रयास किये हैं. सभी थानों में स्टेशनरी, फर्नीचर आदि की पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई हैं. उन्होंने भोपाल में पुलिस आवासीय कॉलोनी के पूर्व में किये गये आकस्मिक निरीक्षण का स्मरण करते हुये बताया कि पहले पुलिस कॉलोनियों के संधारण के लिये राशि की व्यवस्था भी नहीं होती थी. उन्होंने कहा कि अब पुलिस कॉलोनियों के संधारण का कार्य मध्यप्रदेश पुलिस हाऊसिंग कार्पोरेशन करेगा. संधारण कार्य के लिये वित्तीय सहायता राज्य सरकार द्वारा की जायेगी. उन्होंने कहा कि प्रदेश में नि:शुल्क आवास की पात्रता वाले हर पुलिसकर्मी को मकान उपलब्ध हो तभी इस कार्य की पूर्णता होगी. उन्होंने कहा कि पुलिस बल में वृद्धि के साथ ही आवासों की संख्या में भी वृद्धि की जायेगी.

मुख्यमंत्री चौहान ने इस अवसर पर पुलिस हाऊसिंग कार्पोरेशन को अच्छे मकान बनाने की बधाई देते हुये कहा कि कार्पोरेशन को आधुनिक तकनीक और बहुमंजिले मकानों के निर्माण की दिशा में भी आगे बढऩा होगा. गृह मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा कि मध्यप्रदेश की सरकार ने समाज के सभी वर्गों की समस्याओं के समाधान के कार्य किये हैं. विभिन्न वर्गों की पंचायतों के माध्यम से उनकी आशाओं और अपेक्षाओं के अनुरूप शासन की योजनाओं का निर्माण किया है. उन्होंने कहा कि राजनीति शास्त्र की पुस्तकों में लोकतंत्र की जो परिभाषा मिलती है, मध्यप्रदेश में उसे मूर्त रूप मिला है. उन्होंने कहा कि पुलिस के प्रति जनता का विश्वास हो और अपराधियों में पुलिस का खौफ हो इसके लिये जरूरी है कि पुलिस की कार्यप्रणाली और उसका व्यवहार ठीक हो. पुलिसकर्मी की दक्षता के लिये जरूरी है कि वे एकाग्र होकर कार्य करें. इसके लिये उनकी पारिवारिक जरूरतों और जिम्मेदारियों के प्रति ध्यान दिया जाना जरूरी है. पुलिस थानों और पुलिसकर्मियों के लिये आवास की उपलब्धता के लिये कार्य तेजी से किया जा रहा है. पहली बार राज्य सरकार हुडको से ऋण लेकर और पीपीपी मोड में दस-दस हजार मकानों का निर्माण करा रही है. पुलिस मकानों के संधारण के लिये भी राशि की व्यवस्था की जा रही है. पुलिसकर्मियों की पदोन्नति आदि के कार्य भी समय से हो रहे हैं.सांसद कैलाश जोशी ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार जनहित और लोकहित के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रही है. उन्होंने पुलिस परिसर में निर्मित आवासों के स्थापत्य की सराहना करते हुये कहा कि देश के अन्य राज्यों की पुलिस आवासीय व्यवस्था उन्होंने देखी है. उनमें स्थापत्य के तथ्यों पर विशेष ध्यान नहीं दिया गया है.कार्यक्रम को पुलिस महानिदेशक नंदन दुबे, अध्यक्ष पुलिस हाऊसिंग कार्पोरेशन वीरेन्द्र मोहन कंवर ने भी संबोधित किया. स्वागत उदबोधन पुलिस हाऊसिंग कार्पोरेशन के प्रबंध संचालक संजय राणा ने दिया. अंत में आभार प्रदर्शन मुख्य परियोजना यंत्री प्रियदर्शन खेरा ने किया.

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