हितग्राहियों को मिली 132 करोड़ की सहायता

भोपाल, 29 जनवरी. भोपाल में आज लगे अंत्योदय मेले में 132 करोड़ रूपये की सहायता वितरित की गयी. इसमें एक लाख 20 हजार हितग्राहियों को 48 करोड़ रूपये की परिसम्पत्ति सामग्री/चैक सहित नकद सहायता तथा 84 करोड़ की छात्रवृत्ति स्वीकृत कर वितरित की गयी.

मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से मिली सहायता- अंत्योदय मेले पीडि़त मानवता की सेवा के मंच का रूप भी ले रहे हैं. भोपाल के मेले में आये छह व्यक्तियों को गंभीर रोगों के उपचार के लिये आर्थिक सहायता की आवश्यकता की जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तत्काल चार लाख दस हजार रूपये की सहायता मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से स्वीकृत कर दी. भानुमति बाई और असमा को एक-एक लाख रूपये, रूखसारा को 75 हजार, कमल सिंह और मनोज को 50-50 हजार तथा हरिप्रसाद को 35 हजार रूपये की सहायता स्वीकृत की गयी है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गरीब के सम्मान के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जायेगा. गरीबों की हित रक्षा में किसी भी बाधा को सहन नहीं किया जायेगा. उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि अंत्योदय मेले जैसे पुनीत कार्य का भी प्रतिपक्ष विरोध कर रहा है. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने जनता का खजाना जनता के लिये खोल दिया है. हमने यह व्यवस्था की है कि गरीब और जरूरतमंद को सहायता के लिये भटकना नहीं पड़े.

चौहान आज यहाँ स्थानीय भेल दशहरा मैदान में अंत्योदय मेले को संबोधित कर रहे थे. मेले में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर भी लगाया गया था. निशक्तजनों के बैठने की पृथक से व्यवस्था की गयी थी. चौहान ने कहा कि सरकार गरीब, किसान, मजदूर और उन व्यक्तियों की है जो सबसे पीछे और सबसे नीचे रह गये हैं. उन्होंने कहा कि गरीबों के लिये धन की कमी नहीं होने दी जायेगी. सामान्य रोगों के उपचार के लिये दीनदयाल अंत्योदय उपचार योजना और गंभीर रोगों के लिये मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान की राशि है. कोई भी गरीब इलाज के बिना नहीं रहे, इसके लिये मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान की राशि को 2 करोड़ से बढ़ाकर 30 करोड़ रूपये कर दिया है. समाज के कमजोर वर्ग फेरीवाले, मजदूर, कामकाजी बहनें, निशक्तजन, कोटवार आदि सभी की आवश्यकताओं में प्रदेश सरकार उनके साथ है. बच्चों की पढ़ाई और बेटियों के विवाह आदि सभी कार्यों में उनका सहयोग किया जा रहा है. समाज के सभी वर्गों की आशाओं के अनुसार मदद के लिये पंचायतों का आयोजन किया जा रहा है. अभी फेरीवालों की पंचायत में उनको साहूकारों के शोषण से बचाने के लिये ऋण-अनुदान उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की जा रही है. उन्हें क्रेडिट कार्ड भी दिये जायेंगे. इसी प्रकार मजदूरों का पंजीयन कर उनके कल्याण की विभिन्न योजनाएँ चलायी गयी हैं.

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि गरीबों के बच्चों को शिक्षा के मार्ग में कोई बाधा नहीं हो इसके लिये 50 करोड़ का शिक्षा कोष बनाया गया है. शिक्षा ऋण गारंटी योजना लागू की गयी है, जिसमें साढ़े चार लाख रूपये की वार्षिक आय वाले परिवारों को ऋण पर ब्याज सरकार द्वारा दिया जायेगा. इसी प्रकार सात लाख वार्षिक आय वाले परिवारों को ऋण के ब्याज पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जायेगा. मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि दुनिया में मध्यप्रदेश ऐसा अकेला राज्य है जहाँ किसानों को एक प्रतिशत की दर पर ऋण दिया जा रहा है. गत एक वर्ष में इस ब्याज दर पर किसानों को छह हजार करोड़ रूपये के ऋण उपलब्ध करवाये गये हैं. इसी तरह पाला पडऩे पर किसानों के लिये राज्य सरकार ने खजाना खोल दिया था. उन्होंने कहा कि बड़ी-बड़ी बातें तो होती हैं लेकिन केन्द्र सरकार ने आज तक पाला पीडि़त किसानों के लिये एक फूटी कौड़ी नहीं दी है. उन्होंने कहा कि किसानों का पंजीयन किया जा रहा है. उन्हें प्रति क्विंटल गेहूँ पर सौ रूपये का बोनस आगे भी दिया जायेगा. मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि गाँवों के विकास के लिये पंच परमेश्वर योजना शुरू की गयी है.

मुख्यमंत्री ने प्रदेश को आगे बढ़ाने और बेटी बचाने के लिये उपस्थितजन को संकल्पित कराया. अवकाश दिवस पर मेले के आयोजन में संलग्न शासकीय सेवकों के लिये सोमवार को अवकाश की घोषणा की. चौहान ने प्रारंभ में नन्हीं कन्याओं का पूजन किया. उन्होंने हितग्राहियों को सहायता राशि के चैक और सामग्री देने के साथ ही उनसे भेंट कर समस्याओं की जानकारी भी ली. नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री बाबूलाल गौर ने अंत्योदय मेला को गरीबों का कुंभ बताया. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पारदर्शिता के साथ कार्य कर रही है. गरीब, किसान, मजदूर, कमजोर और पिछड़े सभी वर्ग की मदद के लिये सरकार अधिकारी-कर्मचारियों को घर-घर भेजकर सहायता उपलब्ध करवा रही है. सांसद प्रभात झा ने कहा कि मुख्यमंत्री सत्ता में रहकर समाज के साथ रिश्ता बनाने का बिरला काम कर रहे हैं. पंडित दीनदयाल उपाध्याय की अंत्योदय की संकल्पना को भी उन्होंने साकार कर दिया है. स्वागत उदबोधन विधायक विश्वास सारंग ने दिया.

सुश्री सुहासिनी जोशी और साथियों ने वंदे मातरम् और मध्यप्रदेश गान का गायन किया. मेले में 18 विभागों की 117 शासकीय योजनाओं के एक लाख 20 हजार हितग्राहियों को लगभग 48 करोड़ की राशि, परिसम्पत्ति सामग्री, चैक प्रदाय किए गए. मेले में रोगियों के स्वास्थ्य और रक्त परीक्षण की व्यवस्था भी की गयी थी. स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान 1,158 रोगी चिन्हित किये गये. इनमें दिल में छेद के तीन, कैंसर के आठ, एचआईवी पॉजीटिव 33, मनोरोगी 25, दृष्टि संबंधी 488, श्रवण-बाधित 38 और 18 नि:शक्तता से पीडि़त शामिल हैं. जिले के प्रभारी जल संसाधन मंत्री जयंत मलैया, महापौर श्रीमती कृष्णा गौर, भोपाल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष सुरेन्द्र नाथ सिंह, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री रमेश शर्मा गुट्टू भैया, विधायक जीतेन्द्र डागा, भाजपा भोपाल के अध्यक्ष आलोक शर्मा और संभागायुक्त प्रवीण गर्ग भी मेले में उपस्थित थे.

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