कोहली और युवराज ने दिखाया रंग

कोलम्बो 20 सितंबर. बेहतरीन फार्म में चल रहे विराट कोहली की अर्धशतकीय पारी और युवराज सिंह की उम्दा गेंदबाजी से भारत ने प्रभावशाली प्रदर्शन करने वाले अफगानिस्तान को बुधवार को 23 रन से हराकर विश्व ट्वंटी-20 चैंपियनशिप में सकारात्मक शुरुआत की.

कोहली ने 39 गेंद पर 50 रन बनाए, उनके अलावा सुरेश रैना ने दो जीवनदान का फायदा उठाकर 33 गेंद पर 38 रन का योगदान दिया. कप्तान महेंद्र सिंह धौनी आखिरी क्षणों में नौ गेंद पर 18 रन बनाए जिससे भारत पांच विकेट पर 159 रन बनाने में सफल रहा. अफगानिस्तान को बीच में एक रन के अंदर तीन विकेट गंवाने की कीमत चुकानी पड़ी. मोहम्मद नबी ने 17 गेंद पर 31 रन ठोके लेकिन अफगानिस्तान के बल्लेबाजों ने अनुभवहीनता दिखाकर अपने विकेट गंवाए और आखिर में उसकी टीम 19.3 ओवर में 136 रन पर आउट हो गई.

लक्ष्मीपति बालाजी ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 19 रन देकर तीन, युवराज ने 24 रन देकर तीन जबकि रविचंद्रन अश्विन ने 20 रन देकर दो विकेट लिए.  भारत ने भले ही यह मैच जीत लिया लेकिन बड़ी टीमों से भिडऩे से पहले कुछ खिलाडिय़ों के प्रदर्शन ने उसकी चिंता बढ़ा दी है. वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर की सलामी जोड़ी फिर से नाकाम रही जबकि जहीर खान अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के करीब भी नहीं पहुंच पा रहे हैं. जहीर ने तीन ओवर में 32 रन लुटाए, भारत को अब अपना अगला मैच रविवार ग्रुप ए की दूसरी टीम इंग्लैंड से खेलना है. इससे पहले अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी सौंपने का रणनीतिक फैसला किया. बाएं हाथ के मध्यम गति के गेंदबाज शापूर जादरान ने भारतीय सलामी जोड़ी को जल्द ही पवेलियन की राह दिखाकर इसे सही साबित करने की भी कोशिश की.

गौतम गंभीर (आठ गेंद पर दस रन) का खराब फार्म जारी रहा. उन्होंने शापूर जादरान की बाहर जाती गेंद पर बिना टाइमिंग के प्रहार करने की कोशिश की लेकिन वह बल्ले का अंदरूनी किनारा लेकर विकेटों में समा गई. शापूर जदरान ने अपने अगले ओवर की पहली गेंद पर वीरेंद्र सहवाग (10 गेंद पर आठ रन) को आउट करके अफगानिस्तान के दर्शकों को रोमांचित कर दिया.
सहवाग ने कदमों का इस्तेमाल किए बिना बाहर जाती गेंद खेलनी चाही लेकिन वह उनके बल्ले का किनारा लेकर विकेटकीपर मोहम्मद शहजाद के दस्तानों में चली गई. भारत का स्कोर दो विकेट पर 22 रन हो गया. इसके बाद यदि अफगानिस्तान ने कुछ कैच नहीं टपकाए होते तो भारत की स्थिति और खराब हो सकती थी. युवराज सिंह, कोहली और रैना तीनों को जीवनदान मिले.

युवराज (20 गेंद पर 18 रन) ने क्रीज पर कदम रखा और जादरान की गेंद उनके सिर के ऊपर से छह रन के लिए भेजकर 2007 में स्टुअर्ट ब्राड के एक ओवर में लगाए गए छह छक्कों की याद ताजा करने की कोशिश की. उन्होंने पांच साल पहले आज के दिन ही डरबन में यह कमाल दिखाया था. युवराज इसके बाद कोई जलवा नहीं दिखा पाए और थर्डमैन पर आसान कैच थमाकर पवेलियन लौट गए.

कोहली को शुरू में सामंजस्य बिठाने में थोड़ी परेशानी हुई लेकिन इस युवा बल्लेबाज ने फिर से टीम को संकट से उबारा. उन्होंने गुलबोदिन नैब पर छक्का जड़कर अपने हाथ खोले. करीम सादिक पर जमाया गया उनका छक्का कैच में तब्दील हो सकता था लेकिन समीउल्लाह उसे नहीं पकड़ पाए.
दिल्ली के इस बल्लेबाज ने अपना तीसरा टी20 अर्धशतक पूरा करने के बाद अगली गेंद पर हवा में कैच दे दिया. उन्होंने अपनी पारी में चार चौके और दो छक्के लगाए. रैना को दो और 19 रन के निजी योग पर दो जीवनदान मिले लेकिन आखिरी ओवर में बोल्ड होने से पहले वह शापूर जादरान की दो गेंदों पर ही विश्वसनीय शाट लगा पाए.

कमजोर मानी जा रही अफगानिस्तान के गेंदबाजों ने भारत की हालत खस्ता कर दी लेकिन विराट कोहली ने 50 रन के अर्धशतक के अलावा भला हो क्षेत्ररक्षकों का जिसने कई आसान कैच टपकाए जिसकी बदौलत टी-20 विश्व कप के तीसरे और ग्रुप-ए के पहले मुकाबले में अफगान टीम के सामने जीत के लिए 160 रनों का लक्ष्य रखा था. कोहली के अर्धशतक के अलावा सुरेश रैना ने 38 रनों की पारी खेली जिनके दम पर भारत ने 20 ओवर में पांच विकेट पर 159 रन बनाए, अफगान टीम की ओर से शपूर जदरान ने सर्वाधिक दो विकेट लिए.
पहले बल्लेबाजी का न्योता मिलने पर भारत की शुरुआत खराब रही और तीसरे ओवर की पहली ही गेंद पर भारत ने गौतम गंभीर 10 का विकेट गंवा दिया.

गंभीर का विकेट शपूर जदरान ने बोल्ड करके लिया. इसके बाद वीरेंद्र सहवाग ने 8 रन, 10 गेंद पर भी शपूर के दूसरे शिकार बने और विकेटकीपर को कैच थमा बैठे. अफगान टीम की जोरदार गेंदबाजी के आगे भारतीय बल्लेबाजों को रन बनाने में खासी दिक्कत आ रही थी. युवराज सिंह ने 18 रन, 20 गेंद, 1 छक्का लगाया आज टीम को खासी उम्मीद थी लेकिन फिरकी गेंदबाज करीम सादिक ने शार्ट थर्ड मैन की दिशा में खड़े शपूर को कैच थमा दिया. जबर्दस्त गेंदबाजी के बावजूद अफगान टीम ने कई आसान कैच न छोड़े होते तो भारत की स्थिति और भी विकट होती. युवराज के साथ तीसरे विकेट के लिए 46 रनों की साझेदारी करने के बाद कोहली ने सुरेश रैना के साथ भी 46 रनों की साझेदारी का टीम का स्कोर सौ के पार पहुंचाया. जोरदार फार्म में चल रहे कोहली ने 37 गेंदों में पचासा पूरा किया. लेकिन अर्धशतक लगाने के बाद अगली ही गेंद पर दौलत जदरान की गेंद पर मुहम्मद नबी को कैच थमा बैठे. रैना अंतिम ओवर में मुहम्मद नबी की गेंद पर बोल्ड हो गए. कप्तान धौनी 18 रन बनाकर नाबाद लौटे, धौनी ने अंतिम दो गेंदों में एक चौका व एक छक्का जमाया.

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