मुशर्रफ ने कहा अमेरिका सहित किसी के लिए भी हमला करना असंभव

वाशिंगटन, 7 नवंबर. पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ का कहना है कि अमेरिका के लिए पाकिस्तान के परमाणु हथियारों पर हमला करना मुमकिन नहीं है।

मुशर्रफ ने सीएनएन के साथ एक साक्षात्कार में कहा कि अपने सैन्य अनुभव से मुझे नहीं लगता कि अमेरिका समेत किसी के लिए भी इन हथियारों पर आसानी से हमला कर पाना संभव है। उन्होंने कहा कि इन हथियारों को काफी मजबूत स्थिति में कई अलग-अलग जगहों पर रखा गया है और इनकी सुरक्षा भी की जाती है। इसलिए मुझे नहीं लगता कि यह ओसामा बिन लादेन पर हुई कार्रवाई जितना आसान होगा। इन्हें निशाना बनाना बहुत मुश्किल है और इन जगहों पर जाना संभव नहीं है। मुशर्रफ ने कहा कि जहां तक इनकी तैनाती और हटाने का सवाल है, पाकिस्तान ने कोई भी परमाणु हथियार तैनात नहीं किया है। मुझे लगता है कि भारत के साथ टकराव के हालात में भी हमने इन्हें तैनात नहीं किया था और मुझे नहीं लगता कि भारत ने भी इन्हें तैनात किया होगा।

मुशर्रफ ने कहा कि हमारे पास युद्ध लडऩे की पारंपरिक शक्ति मौजूद है, इसलिए हमें अभी गैर पारंपरिक तरीकों के इस्तेमाल की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से परमाणु हथियारों को तैनात करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपने सुरक्षाबलों को प्रशिक्षित करने के पाकिस्तान के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। उन्होंने कहा कि अमेरिका-पाकिस्तान युद्ध की सूरत में पाकिस्तान का साथ देने के करजई के हालिया बयान के बावजूद वह अभी भी करजई पर भरोसा नहीं करते हैं।

पाक के परमाणु कार्यक्रम पर यूएस को यकीन

इस्लामाबाद.  अमेरिका ने सोमवार को कहा कि पाकिस्तान अपने परमाणु जखीरे को लेकर संभावित खतरों के प्रति सचेत है और उसने अपने परमाणु हथियारों तथा सामग्री की सुरक्षा को ‘उच्च प्राथमिकता’ दी है। इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने अमेरिकी पत्रिका ‘द अटलांटिक’ में छपी रिपोर्ट पर यह प्रतिक्रिया व्यक्त की। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि पाकिस्तान में मई में ओसामा बिन लादेन को मार गिराने वाले अमेरिकी हमले ने इस्लामाबाद की लंबे समय से चली आ रही इन आशंकाओं को और बढ़ा दिया है कि वाशिंगटन पाकिस्तानी परमाणु जखीरे को नष्ट करने की कोशिश कर सकता है। अमेरिकी दूतावास द्वारा आज सुबह जारी एक बयान में कहा गया कि पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम की सुरक्षा के संबंध में अमेरिका सरकार के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है।

हमें विश्वास है कि पाकिस्तान सरकार अपने परमाणु जखीरे से संबंधित संभावित खतरों को लेकर अच्छी तरह सचेत है और इसने अपने परमाणु हथियारों तथा सामग्री की प्रभावी सुरक्षा को उच्च प्राथमिकता दी है। बयान में कहा गया कि पाकिस्तान के पास एक पेशेवर और समर्पित सुरक्षाबल है जो परमाणु सुरक्षा के महत्व को पूरी तरह समझता है। इसमें उल्लेख किया गया कि राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पिछले साल मार्च में परमाणु सुरक्षा सम्मेलन में घोषणा की थी कि उन्हें पाकिस्तान के परमाणु हथियार कार्यक्रम की सुरक्षा पर विश्वास है। बयान में यह भी उल्लेख किया गया कि ओबामा ने यह भी कहा था कि लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हमारे सभी परमाणु सुरक्षा कार्यक्रमों में कोई सुधार न किया जाए। पाकिस्तान सरकार अटलांटिक की रिपोर्ट को कपोल कल्पना बताकर पहले ही खारिज कर चुकी है।

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