मांग और आपूर्ति में अंतर को कम करने का किफायती उपाय है ऊर्जा संरक्षण

भोपाल, 14 दिसंबर. म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के सीएमडी नीतेश व्यास ने कहा है कि ऊर्जा हमारे जीवन की अनिवार्य आवश्यकता है.

ऊर्ज ने विभिन्न रूपों में हमारी जीवनशैली में महत्वपूर्ण स्थान बना लिया है. इन विभिन्न रूपों में बिजली ऊर्जा का वह प्रकार है जो सबको सुगमता से हर कहीं उपलब्ध और सुलभ है. यही कारण है कि ऊर्जा के विभिन्न स्रोतों को भी बिजली के रूप में बदलकर उसका उपयोग प्रकाश, यातायात, आवास, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के साथ मनोरंजन, दूरसंचार एवं पर्यटन जैसे सुख-साधन में भी किया जा रहा है. यह बात आज गोवदपुरा स्थित कंपनी के मुख्यालय में ‘राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस’ के अवसर पर नीतेश व्यास के संदेश में कही गई. संदेश का वाचन कंपनी के मुख्य महाप्रबंधक आर.के. मिश्रा ने किया. इस अवसर पर निदेशक वित्त संजय श्रीवास्तव एवं कंपनी के सभी वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे.

सीएमडी नीतेश व्यास ने अपने संदेश में कहा कि ऊर्जा बचत और ऊर्जा दक्षता के लाभों को ध्यान में रखते हुये शासन ने मध्यप्रदेश में ऊर्जा संरक्षण के विभिन्न उपाय लागू करने के लिये दिशा-निर्देश और अधिसूचनायें जारी की हैं. भारत सरकार ने 11वीं पंचवर्षीय योजना (2007-12) के दौरान 10 हजार मेगावॉट की अतिरिक्त क्षमता के बराबर ऊर्जा की बचत का लक्ष्य रखा है. ऊर्जा मंत्रालय के अधीन स्वायत्तशासी निकाय ऊर्जा दक्षता ब्यूरो ने इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये विभिन्न क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुये छह राष्ट्रीय योजनायें प्रारंभ की हैं. सभी योजनायें सरकार द्वारा स्वीकृत हैं और कार्यान्वित की जा रही हैं. नीतेश व्यास ने अपने संदेश में कहाकि विद्युत वितरण कंपनी होने के नाते हम बिजली वितरण क्षेत्र में कार्यरत् अधिकारी और कर्मचारी बिजली वितरण प्रबंधन में ऊर्जा संरक्षण के लिये बेहतर कार्य कर सकते हैं. हम वितरण हानियों में कमी लाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं. इसके अतिरिक्त वितरण कंपनी ही बिजली उपभोक्ताओं के सीधे संपर्क में रहती है. अतएव हम उपभोक्ताओं से सीधे संपर्क के कारण उपभोक्ताओं को बिजली की बचत के प्रति प्रेरित कर सकते हैं. उन्होंने अधिकारियों व कर्मचारियों का आह्वïान किया कि वे प्रदेश और देश को ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में आगे बढ़ाने हेतु अपना पूरा योगदान दें.

Related Posts: