होशंगाबाद ,इटारसी ,सिवनी मालवा ,विदिशा राजगढ , 28 नवंबर नससे. बिजली और खाद की मांग को लेकर जहां किसानों ने जमकर प्रदर्शन किया वहीं खराब सडकों को लेकर भी लोगों का आक्रोश भडक गया.

होशंगाबाद रबी फसल के लिये बिजली एवं खाद की आपूर्ति विषय पर भारतीय किसान संघ मध्य भारत प्रांत ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है. भारतीय किसान संघ ने एक हस्ताक्षरित ज्ञापन सौंपते हुये कहा कि विद्युत वितरण कंपनी द्वारा बनाये गये शेडयूल के अनुसार किसानों को 12 घंटे बिजली फुल वोल्टेज के साथ मिलना चाहिये परन्तु वर्तमान में 5-6 घंटे बिजली प्रदान की जा रही है. इसमें भी वोल्टेज की भारी कमी है. इटारसी  में ब्लाक कांग्रेस कमेटी के तत्वाधान में आज क्षेत्र के किसानों ने विद्युत सब स्टेशन पथरोटा के समक्ष नारेबाजी की तथा पुतले का दहन किया गया.ज्ञात रहे कि ग्रामीण क्षेत्रों में बदहाल व्यवस्था को लेकर क्षेत्र के किसानों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है इस संबंध में पूर्व में ब्लाक कांग्रेस कमेटी द्वारा प्रशासन एवं विद्युल मंडल के अधिकारियों को ज्ञापन देकर विद्युत व्यवस्था में सुधार सहित अन्य मांगे रखी गई थी.

ज्ञापन में कहा गया था कि यदि 27 नवंबर तक मांगों का निराकरण नहीं हुआ तो ग्रामीण किसान विद्युत मंडल कार्यालय पथरोटा का घेराव करेंगे. इसी के तहत आज यह आंदोलन किया गया. किसानों की मांग है कि  ग्रामीण क्षेत्र में खराब पड़ी डीपियों को तुरंत बदला जाय.सिवनी मालवा में किसानों ने खाद उपलब्घ कराने की मांग की हैउनका कहना है किखाद नहीं मिलने से गेहूं की फसल प्रभावित होने का खतरा वना हुआ है. बड़े किसानों ने तो पर्याप्त खाद समय से पहले खरीद कर रख लिया परन्तु सबसे ज्यादा परेशानी छोटे किसानों की हो रही है उन्हें हमेशा परेशान होना पडता है इस समय किसान दु:खी है. सिवनी मालवा तहसील में ही देखा जाए तो करीब 20 हजार टन खाद लगता है अभी पर्याप्त खाद नहीं मिला है करीब पांच हजार टन खाद की आवश्यकता है और खाद का पता नही है कब मिलेगा इसका जवाब किसी के पास नहीं है.

ब्यावर खाद की किल्लत से दु:खी, परेशान किसानो का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है. रविवार हाईवे पर चक्काजाम के बाद सोमवार दूसरे दिन फिर किसानो के आक्रोश का गुब्बार फूट पड़ा और किसानो ने स्थानीय डिपो के समीप सुठालिया बायपास जाने वाले मार्ग के यहां एक घंटे से अधिक समय तक चक्काजाम किया. जो पुलिस-प्रशासन के हस्तपेक्ष के बाद खत्म हुआ.  राजगढ जिले के . पचोर से कुरावर और तलेन से कुरावर मार्गो की बदहाली के कारण इन मार्गो पर चलने वाले अधिकांश यात्री वाहन संचालको द्वारा खड़े कर लिये है. जिससे नागरिको को एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचने के लिये काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.  उल्लेखनीय है कि कुरावर से बोरखेड़ा, कोटरी, ढाबला, बोड़ा होते हुए पचोर पहुंचने हेतु शार्टकट मार्ग जाता है, किंतु उक्त मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढïे होकर ये पूरी तरह उबड़-खाबड़ हो चुका है. खासकर बोड़ा से बोरखेड़ा तक का मार्ग बहुत ही भयावह हालत में है.  इस मार्ग पर चलने वाली अधिकतर यात्री बसे आये दिन टूटफूट के कारण संचालको ने बंद कर ली है.

इस मार्ग पर पंडित ट्रेवल्स की पूर्व में चार बसे चल रही थी, जबकि वर्तमान में मात्र एक बस चल रही है. बस के ड्रायवर करण सिंह उमठ ने बताया कि आये दिन बस के पत्ते टूटने, इंजन में खराबी आ रही है. विदिशा के राजीव नगर क्षेत्र में सड़क के  खराब निर्माण कार्य के विरोघ मे लोगोंने प्रदर्शन किया आज डामरीकरण कार्य का भूमि पूजन करने जब नपाध्यक्ष ज्योति शाह, नपा उपाध्यक्ष देवेन्द्र खुराना, मुख्य नपाधिकारी आर.के. कार्तिकेय आदि के साथ वहां पहुंचीं तो इस क्षेत्र के कुछ लोगा मशीन के आगे बैठ गए. इस दौरान विरोध कर रहे इन लोगों की मुख्य नपाधिकारी से बहस भी हुई. बाद में यहां डामरीकरण कार्य शुरू नहीं हो सका. इन लोगों का कहना था कि करीब डेढ़ वर्ष पूर्व इस क्षेत्र में दुर्गा नगर जाने वाले मार्ग के पास स्थित हैंडपंप के यहां से जिला श्रम कार्यालय तक सीसी रोड का निर्माण किया गया था जो 15 दिन बाद ही उखड़ गया था तथा ठेकेदार द्वारा गुणवत्ता विहीन किए गए इस कार्य के विरोध में उसी समय मुख्य नपाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा गया था, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई . अब इस क्षेत्र में भेद भाव करते हुए जिलाश्रम कार्यालय के  सामने से एनएच 86 मुख्य मार्ग तक ही डामर रोड डाला जा रहा है. सीहोर में किसानों को खाद के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा

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