ओरछा, 8 अप्रैल. प्रदेश में सत्तारूढ़ बीजेपी ने कहा है कि वह पृथक बुंदेलखंड राज्य बनाने के पक्ष में नहीं है, क्योंकि ऐसा करना आर्थिक रूप से व्यावहारिक नहीं होगा.

प्रदेश बीजेपी कार्यकारिणी की यहां आयोजित दो दिवसीय बैठक के अंतिम दिन बुंदेलखंड अंचल के विकास को लेकर पारित प्रस्ताव की जानकारी देते हुए प्रांतीय उपाध्यक्ष सांसद भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि प्रस्ताव में देश के सर्वाधिक पिछड़े इलाकों में से एक, इस क्षेत्र के विकास के लिए 25 हजार करोड़ रुपए के पैकेज की मांग की है. उन्होंने बुंदेलखंड अंचल के पिछड़ेपन के लिए कांग्रेस को दोषी ठहराते हुए कहा कि पृथक राज्य की मांग करने वाली बीएसपी समेत वे सब लोग उत्तर प्रदेश का चुनाव हार चुके हैं. यहां तक कि उनमें फिल्म ऐक्टर राजा बुंदेला तक शामिल हैं, जो अपनी जमानत गंवा चुके हैं. भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि अलग बुंदेलखंड राज्य आर्थिक रूप से व्यावहारिक नहीं है, क्योंकि इस समय राज्य के खजाने में इसका योगदान केवल 9 फीसदी है, जबकि व्यय 36 फीसदी है. इसलिए इसके विकास के लिए केन्द्र को 25 हजार करोड़ रुपए का विशेष आर्थिक पैकेज मंजूर करना चाहिए.

राष्ट्रीय महासचिव रामलाल ने कहा कि प्रदेश में शिवराज के नेतृत्व में तीसरी बार सरकार बनेगी और जिसके प्रत्येक कार्यकर्ता को अभी से कमर कस लेनी चाहिये राष्ट्रीय महासचिव रामलाल ने कहा कि बुंदेलखंड की कांग्रेस द्वारा सदैव उपेक्षाकी गई और पचास वर्षो में बुंदेलखंड में कोई भी रेल लाईन परियोजना का शुभारंभ नही किया गया. (विस्तृत पेज अंतिम पेज पर) जबकि भाजपा सरकार ने अटल बिहारी प्रधानमंत्री के कार्यकाल में ललितपुर खजुराहो रेल लाईन का भूमिपूजन कर बुंदेलखंड को नई सौगात दी.

  • शिवराज डरपोक

भोपाल, 8 अप्रैल. कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं. दिग्विजय ने कहा है कि चौहान के निवास पर इस वक्त 3 नोट गिनने की मशीनें लगी हुई हैं और यह जाहिर है कि इन्हें सिर्फ मुख्यमंत्री की तनख्वाह गिनने के लिए नहीं रखा गया है. साथ ही दिग्विजय सिंह ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश के इतिहास में सबसे ज्यादा डरपोक मुख्यमंत्री साबित हुए हैं. कांग्रेस महासचिव ने कहा कि उनका यह मत इसलिए बना है, क्योंकि चौहान को मुख्यमंत्री बने 5 साल से भी ज्यादा समय हो गया है, लेकिन आज तक उन्होंने एक भी ऑफिशल प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित नहीं किया है.

दिग्वियज ने कहा कि उन्हें इस बात से हैरानी इसलिए है, क्योंकि चौहान के पहले मध्य प्रदेश में जितने भी मुख्यमंत्री हुए उन सबने हमेशा कई बार प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करवाईं. उन्होंने कहा कि मैं स्वयं भी 10 साल तक मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री रहा हूं और यह बात सब को पता है कि मैं नियमित रूप से मीडिया से मिलता था और पत्रकारों के सवाल का बेझिझक जवाब भी दिया करता था. कांग्रेस महासचिव ने कहा कि चौहान का इस तरह मीडिया से दूर रहना, इसलिए भी कई सवाल पैदा करता है, क्योंकि पहले के मुख्यमंत्रियों की तुलना में उन्होंने सबसे ज्यादा बड़े-बड़े वादे मध्य प्रदेश की तरक्की को लेकर किए थे. दिग्विजय ने कहा कि अगर चौहान सचमुच मध्य प्रदेश के लिए बहुत ही अच्छा काम कर रहे हैं और वह वाकई एक स्वर्णिम मध्य प्रदेश के लिए कार्यरत हैं तो उन्हें मीडिया से डरने की जरा भी जरूरत नहीं है.

देशभर में स्वाइन फ्लू के 250 से ज्यादा मामले

शिमला/चेन्नई, 8 अप्रैल. देश में स्वाइन फ्लू एक बार फिर से अपने पांव पसार रहा है. महाराष्ट्र, क्रर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में स्वाइन फ्लू का संकट गहरा गया है, जहां कुल मिलाकर 250 से ज्यादा मामले सामने आए हैं. हिमाचल प्रदेश में  55 साल की एक महिला की स्वाइनफ्लू से मौत हो गयी, जबकि तमिलनाडु में इस बीमारी के अब तक 29 मामले सामने आये हैं. हिमाचल प्रदेश में स्वाइन फ्लू से किसी मरीज की मौत की यह पहली घटना है. शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज :आईजीएमसी: के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. के एस राणा ने बताया कि इस महिला ने ज्वर एवं कफ की शिकायत की थी और जांच में एच1एन1 की पुष्टि हुई जिसके बाद उसे मांडी जिले के सारकाघाट से यहां इस अस्पताल में भेजा गया. उसकी मौत इसी अस्पताल में हुई. उन्होंने कहा, ‘उसे बिल्कुल ही अंतिम चरण में यहां लाया गया जब उसके फेफड़े प्रभावित हो चुके थे और उसे नहीं बचाया जा सकता था. राणा ने कहा कि राज्य में यह स्वाइन फ्लू का पहला मामला है और इस बीमारी से पहले रोगी की मौत भी हुई. ऐसे में एहतियात के तौर पर ज्वर एवं कफ के सभी रोगियों को स्वाइन फ्लू को लेकर परीक्षण हो रहा है.

इसी बीच सूत्रों ने बताया कि आईजीएमसी में शुक्रवार को पांच नमूनों का परीक्षण हुआ लेकिन उनमें से किसी में भी एच1एन1 विषाणु नहीं मिला. उधर, तमिलनाडु के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ वीएस विजय ने कहा कि राज्य में स्वाइन फ्लू के 29 मामले सामने आए हैं. स्वाइन फ्लू से ग्रस्त पाये गये अधिकतर लोग चेन्नई, कोयंबटूर और तिरुपुर जिलों के रहने वाले हैं. लोगों से दशहत में नहीं आने का आग्रह करते हुए उन्होंने कहा कि वायरस के मामले किसी खास क्षेत्र में केन्द्रित नहीं हैं बल्कि छिटपुट हैं. बच्चे और कम प्रतिरोधक क्षमता वाले बुजुर्गों को स्वाइन फ्लू की संभावना अधिक है. मंत्री ने कहा कि तिरुपुर जिले के 75 वर्षीय एक किसान की पिछले हफ्ते स्वाइन फ्लू से मौत हो गयी. उनके 26 रिश्तेदारों को एहतियातन टीका लगाया गया है.

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