प्रणब की उम्मीदवारी पर ममता का अजब बयान

नई दिल्ली, 3 मई. एक आश्चर्यजनक बयान में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख एवं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि कांग्रेस ने घोषणा की है कि वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी राष्ट्रपति पद के लिए उसके उम्मीदवार नहीं हैं.

ममता का यह बयान कांग्रेस के एक प्रवक्ता के उस बयान के कुछ ही समय बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि मुखर्जी इतने महत्वपूर्ण हैं कि उन्हें छोड़ा नहीं जा सकता. यह पूछे जाने पर कि क्या राष्ट्रपति पद के लिए मुखर्जी स्वीकार्य उम्मीदवार हैं, तो ममता ने कहा, ‘मेरा मानना है कि पार्टी ने आज पहले ही घोषणा की है कि वह (उम्मीदवार) नहीं हैं.’ उन्होंने कहा, ‘मैं कुछ भी नहीं कह सकती. कांग्रेस ने अपनी राय की घोषणा पहले ही कर दी है. वह कांग्रेस पार्टी के हैं, कांग्रेस पार्टी फैसला करेगी. कैसे मैं कह सकती हूं कि वह हों या नहीं. मैं सभी राजनैतिक दलों का सम्मान करती हूं. मैं अपनी सीमाओं को जानती हूं और उनका उल्लंघन नहीं करती.’ ममता राष्ट्रपति चुनाव पर चर्चा करने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलीं.

उन्होंने कहा, ‘उनकी (कांग्रेस की) अपनी पसंद है. इसलिए मैं हस्तक्षेप नहीं करना चाहती.’ इससे पहले, कांग्रेस प्रवक्ता रेणुका चौधरी ने कहा, ‘प्रणब दा को छोडऩा कभी भी आसान नहीं होगा. वह हमारी पार्टी के लिए काफी महत्वपूर्ण व्यक्ति हैं. पार्टी के लिए उनके योगदान को मापा नहीं जा सकता. वह बेहद सक्रिय राजनैतिक मस्तिष्क के व्यक्ति हैं और उनके लिए यह मुनासिब नहीं होगा. वह काफी रमे हुए हैं और राजनीति अच्छी तरह जानते हैं.’ उन्होंने कहा, ‘इसलिए किसी रूप में अगर उनके नाम की चर्चा है, तो मुझे यह कहने का अधिकार नहीं है कि उनके नाम पर भी चर्चा की जा रही है. अगर उनकी उम्मीदवारी के बारे में चर्चा की जा रही है तो वह बेहद सम्मानित और बेहद महत्वपूर्ण पथ प्रदर्शक हमारे लिए हैं.’ यह पूछे जाने पर कि क्या वह मुखर्जी को राष्ट्रपति के तौर पर नहीं देखना चाहतीं हैं, तो उन्होंने कहा, ‘मैं उन्हें कई पदों पर देखना चाहती हूं. व्यक्तिगत तौर पर मैं उनकी बड़ी प्रशंसक हूं.’ अपने बयान पर राजनैतिक गलियारे में खलबली मचने के बाद रेणुका ने इस बात को स्पष्ट करना चाहा कि उन्हें पूरी तरह गलत समझा गया है और राष्ट्रपति उम्मीदवार के बारे में उनके स्तर पर फैसला नहीं किया जाता.

राजनेता ही हो राष्ट्रपति

राष्ट्रपति पद के लिए मुलायम सिंह यादव ने कहा है कि किसी राजनीतिक व्यक्ति को ही राष्ट्रपति बनना चाहिए. ऐसे में यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि उनकी पार्टी पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर सहमत नहीं है. इससे पहले, राष्ट्रपति चुनाव के बारे में सीपीएम ने भी अपने रुख को स्पष्ट किया है. सीपीएम ने साफ किया है कि जिस नाम पर पार्टिंयों के बीच आम सहमति बनेगी, उसे सीपीएम का समर्थन मिलेगा.

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