भारत के 13 वें राष्ट्रपति पद के लिये सत्तारूढ़ यू.पी.ए. के उम्मीदवार श्री प्रणव मुखर्जी अपने प्रतिद्वन्दी एन.डी.ए. प्रत्याशी श्री पी.ए. संगमा को भारी मतों से परास्त कर निर्वाचित हो गये हैं. श्री संगमा को किसी ‘चमत्कारिक जीत’ की आशा थी लेकिन कोई चमत्कार नहीं हुआ. अगर थोड़ा बहुत कुछ हुआ माना भी जाए तो यही हुआ कि श्री संगमा को केरल राज्य से एक भी वोट नहीं मिला और कर्नाटक में उनके विरुद्ध क्रास वोटिंग हो गई.

राष्ट्रपति चुनाव में इस बात का कोई महत्व नहीं होता कि उम्मीदवारों में किसका व्यक्तिगत महत्व ज्यादा है. यह चुनाव सांसदों व विधायकों की दलीय स्थिति के आधार पर लगभग पूर्व निर्धारित हो जाता है. केवल ऐसे अवसर पर निर्दलीय या छोटी पार्टियों के विधायक अपना कुछ महत्व किसी भी खास वजह से दिखाते रहते हैं, लेकिन ऐसे वोट कभी निर्णायक नहीं होते. कर्नाटक में श्री संगमा को दलीय समर्थनों के आधार पर बहुमत मिलना था. लेकिन श्री प्रणव मुखर्जी को 117 और श्री संगमा को 103 वोट मिले. श्री संगमा को यह उम्मीद रही कि उनके आदिवासी होने के कारण इसी वजह से यू.पी.ए. के दलों के आदिवासी सांसद व विधायक क्रास वोटिंग करके उन्हें वोट देंगे. लेकिन क्रास वोटिंग जो थोड़ी बहुत ही हुई वह भी उनके विपरीत चली गई है.

अमेरिका में राष्ट्रपति वहां की पद्धति के अनुसार इलेक्ट्रोरल कालेज के आधार पर चुना जाता है. लेकिन अब वास्तविकता में इस आधार के बने रहने पर भी प्रत्यक्ष चुनाव हो गया है. इलेक्ट्रोरल कालेज का मतदान और परिणाम बाद में आता है लेकिन राष्ट्रपति पहले ही घोषित हो जाता है. भारत में सांसद व विधायक ही राष्ट्रपति का इलेक्ट्रोरल कालेज है. देश की जनसंख्या के आधार पर सांसदों व विधायकों की मत संख्या निर्धारित की जाती है.
19 जुलाई को मतदान हुआ था. 24 जुलाई को वर्तमान राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा पाटिल का आखरी कार्य दिवस है और 25  को श्री प्रणव मुखर्जी राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे.

अब तक हुये राष्ट्रपतियों में केवल प्रथम राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद प्रसाद दो बार राष्ट्रपति चुने गये. इसके बाद दोबारा और किसी को मौका नहीं मिला. मध्यप्रेदश में डाक्टर शंकर दयाल शर्मा पहले उपराष्ट्रपति और उसके बाद राष्ट्रपति बने.एक बार सन् 1969 में सत्तारूढ़ कांग्रेस के उम्मीदवार श्री नीलम संजीव रेड्डी निर्दलीय श्री वी.सी. गिरी से हार गये थे. लेकिन श्री गिरी को सत्तारुढ़ प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी का समर्थन प्राप्त था. दो राष्ट्रपति डाक्टर जाकिर हुसैन व श्री फखरुद्दीन अली अहमद का पद पर रहते हुए देहावसान हुआ था. श्रीमती प्रतिभा पाटिल देश की प्रथम महिला राष्ट्रपति है.

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