नई दिल्ली, 10 जुलाई. यूपीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी की जीत को धमाकेदार बनाने की कोशिश में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी जी-जान से जुटी हैं. सोनिया ने विभिन्न प्रदेशों के कांग्रेस विधायक दल के नेताओं और प्रदेश अध्यक्षों से मुलाकात कर हिदायत दी है कि प्रणबदा की जीत के लिए एक-एक वोट जरूरी है और इसके लिए कड़ी मशक्कत करने की जरूरत है.

सोनिया ने प्रदेश के नेताओं से कहा है कि चुनाव में एक भी वोट बेकार नहीं जाना चाहिए. किसी भी विधायक की ओर से क्रॉस वोटिंग और मतदान के समय गैरमौजूद होने का वाकया कतई नहीं होना चाहिए. सभी विधायकों को इस सिलसिले में उनके निर्देश को तुरंत पहुंचाया जाए.  सोनिया ने उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश समेत तमाम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों और विधायक दल के नेताओं से मुलाकात की. उन्होंने बैठक में नेताओं को कहा कि वह प्रणब के लिए एक-एक वोट जुटाने को लेकर विस्तृत योजना बनाएं.

बैठक के बाद यूपी के कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप माथुर ने कहा कि कांग्रेस यहां प्रणब दा को जिताने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है और उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष को भरोसा दिया है कि भाजपा को छोड़कर प्रदेश के लगभग सभी वोट यूपीए के उम्मीदवार को दिलवाए जाएंगे. सपा, बसपा, रालोद तथा कौमी एकता दल समेत कई पार्टियों ने अपना समर्थन प्रणब को दिया है और बाकी दलों से भी समर्थन की उम्मीद है. सोनिया से बैठक से पहले संसदीय कार्यमंत्री पवन बंसल और प्रभारी कांग्रेस महासचिव बीके हरिप्रसाद ने प्रदेश कांग्रेस के नेताओं से मुलाकात की. बैठक में यूपीए के उम्मीदवार के पक्ष में वोट जुटाने की रणनीति को अंजाम दिया गया.

संगमा खेमे के कदमों से बंसल अविचलित
राष्ट्रपति पद के लिए यूपीए के प्रत्याशी प्रणब मुखर्जी के खिलाफ पीए संगमा खेमे के ताजा अभियान से दादा के प्रचार मैनेजर अविचलित हैं।  गौरतलब है कि संगमा खेमा प्रणब के राष्ट्रपति पद के नामांकन की फिर से जांच करने और इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की शरण लेने पर विचार कर रहा है।

प्रणब के प्रचार प्रबंधक और संसदीय कार्यमंत्री पवन बंसल ने  कहा, 'विरोधी पक्ष को अपनी ऊर्जा प्रचार पर खर्च करनी चाहिए। उनके

द्वारा लगाए जा रहे आरोपों का कोई आधार नहीं है। बंसल ने दोहराया कि राष्ट्रपति पद के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद प्रणब लाभ के किसी पद पर नहीं है। उन्होंने इस मुद्दे पर संगमा खेमे की बयानबाजी पर भी हैरानी जताई।

निकाय चुनावों पर सोनिया की कड़ी हिदायत
उप्र नगर पालिका चुनावों में कांग्रेस की करारी हार को लेकर पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गहरी चिंता जाहिर करते हुए चुनावी हार की समीक्षा करने को कहा है. सूत्रों के मुताबिक सोनिया ने प्रदेश के नेताओं को कड़ी हिदायत देते हुए कहा है कि कांग्रेस को जमीनी स्तर पर पुनर्गठित करने की जरूरत है. वहीं प्रदेश के नेताओं ने भी पार्टी अध्यक्ष की बात पर सहमति जताते हुए संगठन की नीतियों पर पुनर्विचार की जरूरत पर बल दिया है. प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुणा और पार्टी विधायक दल के नेता प्रदीप माथुर ने सोमवार को राष्ट्रपति चुनाव की तैयारियों को लेकर सोनिया से मुलाकात की. मगर बातों बातों में सोनिया ने नगर पालिका चुनावों में कांग्रेस की करारी हार का मसला भी छेड़ दिया.

सूत्रों के मुताबिक सोनिया ने चिंता जताई कि नगर पालिका चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन दूसरी पार्टियों से बेहद खराब रहा और पार्टी अपना वजूद भी नहीं बचा सकी. सोनिया ने दोनों नेताओं से कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को जमीन पर काम करने की जरूरत है, मगर नेता गुटों में बटकर काम कर रहे हैं. जिसका नुकसान पार्टी को उठाना पड़ रहा है. उन्होंने प्रदेश संगठन को दुबारा पुनर्गठित करने की बात कही. सूत्रों के मुताबिक बैठक में रीता बहुगुणा ने भी कमजोर संगठन की बात को स्वीकारते हुए कहा कि चुनाव और संगठन से जुड़ी नीतियों पर फिर से विचार करने की जरूरत है.

बैठक के बाद प्रदीप माथुर ने कहा कि यह बात सच है कि प्रदेश में कांग्रेस मजबूत नहीं है. कांग्रेसी नेताओं को काम करने की जरूरत है. आम कार्यकर्ता संघर्ष करेगा तो पार्टी मजबूत होगी. भाजपा की धमाकेदार जीत को लेकर माथुर ने कहा कि सपा और बसपा ने चुनाव लड़ा नहीं. सत्ता विरोधी लहर का फायदा भाजपा को मिला. उन्होंने कहा कि यह चुनाव स्थानीय स्तर पर होते है. राष्ट्रीय मुद्दे नहीं होते. वहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनीष तिवारी ने भी प्रदेश में कांग्रेस के कमजोर होने की बात कहते हुए कहा कि असलियत से भागा नहीं जा सकता, बल्कि इसे सुधारने पर ध्यान देने की जरूरत है.

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