मुखर्जी बने देश के 13वें राष्ट्रपति, पहुंचे रायसिना हिल्स, राष्ट्रपति चुनाव में मिली भारी मतों से विजय

देश की जनता को दिया धन्यवाद
महामहिम प्रणव मुखर्जी ने कहा कि देश के लोगों को मैं धन्यवाद देता हू. साथ ही निर्वाचन मंडली को बधाई देता हू. मैं पीए संगमा को धन्यवाद देता हू.  मेरी जीत पर उन्होंने मुझे बधाई दी है. उन्होंने कहा कि मैं संविधान के गरिमा की रक्षा करने का प्रयास करूंगा.  देश के लोगों की उम्मीद को पूरा करने का प्रयास करूंगा.

नयी दिल्ली, 22 जुलाई, नससे. रायसिना हिल्स की दीवारे किसको स्वागत करेंगी इसके लिए लगभग एक माह से यूपीए और एनडीए उम्मीदवार मशक्कत कर रहे थे लेकिन आज इसका फैसला हो गया है. यूपीए उम्मीदवार प्रणव मुखर्जी को भारी मतों से सफलता मिली है. एक ओर प्रणव दा को जहां लगभग 713763 मत मिलें है वहीं दूसरी ओर एनडीए के उम्मीदवार पीए संगमा को मात्र 315967 मतों से संतोष करना पड़ा है. 25 जुलाई बुधवार को प्रणव दा राष्ट्रपति की शपथ लेंगे.

राष्ट्रपति चुनाव में सांसदों के मतों में से प्रणव को भाजपा समर्थित संगमा के मुकाबले तीन लाख 97 हजार 796 मत मूल्य अधिक मिले हैं. अधिकृत सूत्रों ने बताया कि सांसदों के मतों की गणना पूरी होने पर संगमा को मात्र 145848 मत मूल्य मिले. इस महीने की 19 तारीख को हुए चुनाव में 776 सासंदों में से 748 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया जिसमें से प्रणव को 527 और संगमा को 20०6 सांसदों ने मत दिया. सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव सहित 15 सांसदों के मत अयोग्य करार दिये गये. राष्ट्रपति चुनाव में आंध्र प्रदेश से संप्रग उम्मीदवार प्रणव मुखर्जी को 185 वैध मतों में से 182 और भाजपा समर्थित पीए संगमा को तीन मत मिले .

बधाई देने वालों का ताता –

प्रणव दा ने जैसे ही राष्टï्रपति के लिए आवश्यक बहुमत को हासिल किया उसके रायसिना हिल्स पर बधाई देने वालों को ताता लग गया. सबसे पहले गृह मंत्री पी. चिदंबरम और रक्षा मंत्री एके एंटनी उन्हें बधाई देने पहुंचे. उसके बाद संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी अपने पुत्र राहुल गांधी के साथ तथा प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह अपनी पत्नी गुरशरण कौर के साथ मुखर्जी को बधाई देने पहुंचे. लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार के अलावा सहयोगी दलों के नेताओं और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी मुखर्जी से भेंट कर उन्हें बधाई दी. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी प्रणव को फोन कर बधाई दी. चुनाव में मुखर्जी के प्रतिद्वंद्वी रहे पीए संगमा ने राष्ट्रपति चुनाव जीतने पर प्रणव मुखर्जी को बधाई दी और उनकी सफलता की कामना की.

म.प्र.-छग में संगमा आगे रहे- बीजेपी शासित मध्य प्रदेश में प्रणव मुखर्जी को 74 और संगमा को 149 मिले हैं. 4 वोट को अवैध घोषित कर दिए गए हैं. प्रणव के वोटों का मूल्य 9,694 और संगमा का 19,519 है. वहीं  छत्तीसगढ में प्रणव मुखर्जी को 39 और संगमा को 50 मत मिले, जबकि 10 वोट अमान्य करार दिए गए. प्रणव को मिले मतों का मूल्य 5,031 और संगमा का 6,450 है.

कर्नाटक में क्रास वोटिंग- कर्नाटक में प्रणव मुखर्जी को 117 विधायकों के मत हासिल हुए, जबकि बीजेपी समर्थित पी. ए. संगमा को 103 मतों से संतोष करना पडा. स्पष्ट है कि राज्य में प्रणव को क्रास वोटिंग का फायदा मिला. मुखर्जी को कर्नाटक में मिले मतों का मूल्य 15,327 है जबकि संगमा के मतों का मूल्य 13,493 है. सांसदों में  प्रणव मुखर्जी को 527, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी संगमा को 206 सांसदों के वोट मिले हैं. 15 सांसदों के वोट अवैध घोषित किए गए हैं. हालांकि संगमा ने राष्ट्रपति चुनाव के मुद्दे पर अदालत जाने की संभावना से इंकार नहीं किया.

प्रणव के मतों का मूल्य 26 हजार 926 और संगमा का 444 मत मूल्य है. पांच मत अमान्य करार दिये गये. राष्ट्रपति चुनाव में असम से प्रणव मुखर्जी को 11० और पीए संगमा को 13 विधायकों के मत हासिल हुए. दो मत अमान्य करार दिये गये जबकि एक विधायक ने मतदान नहीं किया. प्रणव का मत मूल्य 1276० और संगमा का मत मूल्य 14०4 रहा. राष्ट्रपति चुनाव में बिहार में प्रणव मुखर्जी को 146 और संगमा को 9० मत मिले जबकि चार वोट अमान्य करार दिये गये. प्रणव को मिले वोटों का कुल मत मूल्य 25258 और संगमा का 1557० है. चुनाव में छत्तीसगढ़ में प्रणव मुखर्जी को 39 और संगमा को 5० मत मिले जबकि दस वोट अमान्य करार दिये गये. प्रणव को मिले मतों का मूल्य 5०031 और संगमा का 6450० है. गोवा में प्रणव मुखर्जी को नौ और संगमा को 31 वोट मिले. वहां प्रणव का मत मूल्य 18० और संगमा का 62० है.

गुजरात में प्रणव मुखर्जी को 59 और संगमा को 123 मत मिले. प्रणव को मिले मतों का मूल्य 8673 और संगमा का 18०81 है. कांग्रेस शासित हरियाणा में प्रणव मुखर्जी को 53 और संगमा को 29 मत मिले जबकि आठ वोट अमान्य करार दिये गये. प्रणव को मिले मतों का मूल्य 5936 और संगमा का 3248 है. भाजपा शासित हिमाचल प्रदेश में संप्रग उम्मीदवार प्रणव मुखर्जी को 23 और पीए संगमा को 44 मत मिले जबकि एक वोट अमान्य करार दिया गया. प्रणव को मिले मतों का मूल्य 1173 और संगमा का 2244 है. जम्मू कश्मीर में संप्रग उम्मीदवार प्रणव मुखर्जी को 68 और पीए संगमा को 15 मत मिले जबकि एक वोट अमान्य और एक मत खारिज किया गया है. झारखंड में प्रणव मुखर्जी को 6० और पीए संगमा को 2०0 मत मिले. प्रणव को मिले मतों का मूल्य 1०56० और संगमा का 352० है. कर्नाटक में क्रास वोटिंग हुई जिसके चलते प्रणव मुखर्जी को 117 और पीए संगमा को 1०3 मत मिले. जबकि तीन मत अमान्य करार दिये गये.

प्रणव को मिले मतों का मूल्य 15327 और संगमा का 13493 है. यहां भाजपा को बड़ा झटका मिला है जोकि अपने विधायकों को संभाल नहीं पाई. केरल में प्रणव मुखर्जी को 124 और पीए संगमा को शून्य मत मिले जबकि एक मत अमान्य करार दिया गया. प्रणव को मिले मतों का मूल्य 18848 है. भाजपा शासित मध्य प्रदेश में प्रणव मुखर्जी को 74 और पीए संगमा को 149 मत मिले हैं. चार वोट को अमान्य करार दिया गया है. प्रणव के मतों का मूल्य 9694 और संगमा का 19519 है. राष्ट्रपति चुनाव में पीए संगमा अपने राज्य मेघालय में भी संप्रग उम्मीदवार प्रणव मुखर्जी से बढ़त नहीं हासिल कर पाये. वहां उन्हें प्रणव के 34 के मुकाबले मात्र 23 मत हासिल हुए. प्रणव के मतों का मूल्य 578 और संगमा के मतों का मूल्य 391 है. मणिपुर से प्रणव मुखर्जी को 58 और पीए संगमा को मात्र एक मत मिला. एक मत अमान्य करार दिया गया है. प्रणव के मतों का मूल्य 1०44 जबकि संगमा के मतों का मूल्य 18 रहा. नगालैंड में प्रणव को 58 विधायकों का मत हासिल हुआ जबकि संगमा के हाथ एक भी वोट नहीं लगा.

दो वोट अमान्य करार दिये गये. मुखर्जी का मत मूल्य 522 रहा. मिजोरम में प्रणव को 32 और संगमा को सात विधायकों के वोट मिले. एक वोट अमान्य करार दिया गया. प्रणव के मतों का मूल्य 256 जबकि संगमा का मत मूल्य 56 था. ओडिशा में प्रणव को 26 और संगमा को 115 विधायकों के मत मिले. तीन मत अमान्य करार दिये गये. मत मूल्य प्रणव का 3874 और संगमा का 17135 रहा. पंजाब में प्रणव को 44 विधायकों ने मत दिये जबकि संगमा को 7० मत हासिल हुए. प्रणव के मतों का मूल्य 51०04 जबकि संगमा का मत मूल्य 812० रहा. संसद भवन में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रणव और संगमा के आधिकारिक प्रतिनिधियों की मौजूदगी में मतगणना शुरू हुई थी.

गृह मंत्री पी चिदंबरम और प्रणव के प्रतिनिधि केन्द्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल राजीव शुक्ला वी नारायणसामी और पबन सिंह घटोवार तथा संगमा के प्रतिनिधि सत्यपाल जैन और बी महताब मौके पर मौजूद थे. गुरूवार को हुए मतदान में 776 सांसदों और 412०0 विधायकों ने मतदान किया. संसद भवन और 3० राज्यों एवं संघ शासित प्रदेशों में एक साथ मतदान शुरू हुआ था. संसद भवन में पड़े मतों की गणना पहले पहल की गयी. संप्रग के प्रबंधकों का कहना है कि प्रणव को सात लाख से अधिक मत मूल्य हासिल होगा. संप्रग के घटक दलों और उसे बाहर से समर्थन दे रहे सपा बसपा एवं राजद ने प्रणव की उम्मीदवारी का समर्थन किया था. उन्हें राजग के घटक दलों शिवसेना और जदयू का भी समर्थन हासिल था.

मेरी हार देश की जनजातीय समुदाय की हार

राष्ट्रपति चुनाव में हार के बाद पीए संगमा ने कहा कि उनकी हार देश की जनजातीय समुदाय की हार है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव के दौरान केंद्र सरकार ने राज्यों को पैकेज देकर प्रणब दा के पक्ष में वोट जुटाया. उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में भी आचार संहिता लागू करने की मांग की. राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाये जाने पर उन्होंने सभी समर्थकों का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने ओडि़शा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक तथा जयललिता का विशेष रूप से आभार जताया. हालांकि उन्होंने भाजपा नीत राजग गठबंधन में शामिल होने की संभावना से इन्कार कर दिया.

पद को नया आयाम देंगे पापा

नई दिल्ली.  प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा ने कहा है कि उनके पिता अपने अनुभव और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से अपने अच्छे सम्पर्कों के चलते देश के राष्ट्रपति पद को एक नया आयाम देंगे।

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