रायसिना की और बढ़े कदम

राजनीति छोड़ते समय भावुक हुए वित्तमंत्री

नई दिल्ली, 26 जून. राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को केंद्रीय वित्त मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है. इस्तीफे से कुछ ही देर पहले मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि कि वह नई यात्रा पर जाने को तैयार हैं.

उन्होंने कहा कि मैं राजनीति छोडऩे पर बहुत भावुक हूं. उन्होंने राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी पर समर्थन के लिए पार्टी सहित विभिन्न दलों का आभार जताया. उन्होंने यह भी कहा कि मैं जानता हूं मेरा लिया गया हर फैसला सही नहीं था. प्रणब ने कहा कि मैंने जो भी फैसला लिया वह जनहित में था. उन्होंने कहा कि 40 साल की राजनीति छोडऩे का मुझे दु:ख है. राष्ट्रपति चुनाव में यूपीए के उम्मीदवार बनने के बाद वह दो दिनों के बाद पर्चा दाखिल करेंगे. सूत्रों के अनुसार, प्रणब के इस्तीफे के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह वित्त मंत्रालय अपने पास रख सकते हैं. इससे पहले कल कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और महासचिव राहुल गांधी ने मुखर्जी को गर्मजोशी भरी विदाई दी थी. प्रणब राष्ट्रपति पद के लिए नामांकन पत्र 28 जून को दाखिल करेंगे.

संगमा ने मांगा समर्थन, ममता की टालमटोल

कोलकाता. राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार पीए संगमा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात कर उनसे समर्थन मांगा लेकिन उन्हें ममता की ओर से इस संबंध में कोई आश्वासन नहीं मिला है।

वैसे संगमा इस मुलाकात से खुश हैं। ममता ने अब तक अपना फैसला नहीं लिया है। वैसे उन्होंने संगमा को सूचित किया है कि वह अपनी पार्टी में विचार-विमर्श के बाद ही राष्ट्रपति पद पर किसी उम्मीदवार को समर्थन देने का निर्णय ले सकती हैं। संगमा सोमवार रात कोलकाता पहुंचे। वह तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता से मुलाकात के लिए राज्य सचिवालय की रायटर्स बिल्डिंग पहुंचे। केंद्र में सत्तारूढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की दूसरी सबसे बड़ी सहयोगी तृणमूल ने पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के चुनाव लडऩे से इंकार करने के बाद अब तक राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी पर अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है। संप्रग उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी के खिलाफ मैदान में उतरे संगमा को भारतीय जनता पार्टी व राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के कुछ सहयोगियों सहित ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कडग़म व बीजू जनता दल का समर्थन प्राप्त है। वैसे चुनावी गणित प्रणब के पक्ष में दिख रहा है। उन्हें तृणमूल के अलावा संप्रग के सभी भागीदारों का समर्थन प्राप्त है। समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक, जनता दल (यूनाइटेड) व शिव सेना ने भी उनकी उम्मीदवारी के प्रति समर्थन जताया है। ममता अब तक मजबूती के साथ देश के राष्ट्रपति पद के लिए प्रणब का विरोध करती रही हैं।

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