मॉस्को, 7 मई. तेजी से बदल रहे समाज की चुनौतियों और अपने 12 साल के वर्चस्व के खिलाफ शुरू हुए विरोध के बीच व्लादिमिर पुतिन ने सोमवार को तीसरी बार राष्ट्रपति पद का कामकाज संभाला.

लगातार दो बार राष्ट्रपति पद संभालने के बाद तीसरी बार पद संभालने को लेकर बनी संवैधानिक बाध्यता के कारण मेदवेदेव वर्ष 2008 में राष्ट्रपति पद पर आसीन हुए थे. वर्ष 2000 में बोरिस येल्तसिन के त्यागपत्र के बाद पुतिन ने रूसी राष्ट्रपति का कार्यभार संभाला था. लोगों का मानना है कि प्रधानमंत्री के पद पर रहते हुए भी पुतिन ही एक तरह से देश के राष्ट्रपति का कामकाज देख रहे थे. विश्लेषकों का कहना है कि उनके खिलाफ बड़े पैमाने पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों और इंटरनेट पर चल रहे अभियान के कारण उन्हें अपने तीसरे कार्यकाल के दौरान अप्रत्याशित चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा. मॉस्को में कल पुलिस ने पुतिन विरोधी रैली कर रहे लोगों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया. विरोध आंदोलन के तीन महत्वपूर्ण नेताओं सहित 400 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है.

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