नई दिल्ली, 9 सितंबर. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की संपत्ति पिछले साल की तुलना में दोगुना बढ़ कर करीब 10.73 करोड़ की रुपये हो गई है लेकिन उनके कई मंत्रिमंडलीय सहयोगी उनसे कहीं अधिक अमीर हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय की वेबसाइट पर मंत्रियों की संपत्ति की अद्यतन सूची के अनुसार, अमीर कैबिनेट मंत्रियों में जहां प्रफुल पटेल की संपत्ति 52 करोड़ रूपये की है तो वहीं शरद पवार की संपत्ति 22 करोड़ रूपये की है।

कैबिनेट मंत्रियों की सूची में संपत्ति के नाम पर रक्षा मंत्री ए.के. एंटनी का नाम सबसे नीचे है। उनकी संपत्ति करीब 55 लाख रूपये है। मनमोहन सिंह ने अपने रिहायशी संपत्ति, बैंक में जमा राशि और एक मारूति 800 कार को अपनी संपत्ति के तौर पर दर्शाया है। सिंह के चंडीगढ़ और दिल्ली स्थित दो फ्लैटों की कीमत 7.27 करोड़ रूपये है वहीं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के विभिन्न खातों में उनकी सावधि जमा राशि और निवेशों की राशि करीब 3.46 करोड़ रूपये है। उन्होंने अपनी संपत्ति 10,73,88,730 . 81 रूपये (करीब 19 . 73 करोड़ रूपये) की घोषित की है। पिछले साल प्रधानमंत्री ने अपनी कुल संपत्ति 5.11 करोड़ रूपये की घोषित की थी। तब उनके चंडीगढ़ और वसंत कुंज स्थित फ्लैटों की कीमत 1.78 करोड़ रूपये थी और उनके पास 2.75 लाख रूपये मूल्य के 150. 80 ग्राम सोने के गहने थे। प्रधानमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि सिंह की संपत्ति तो वही है लेकिन सरकार की मंजूरी प्राप्त एक आकलनकर्ता द्वारा किए गए आकलन के अनुसार, उस संपत्ति का मूल्य बढ़ गया है। सिंह की मारूति 800 की कीमत केवल 21,033 रूपये दर्शाई गई है।

वह 150.80 ग्राम सोने के गहनों के मालिक भी हैं लेकिन इनकी कीमत उनकी संपत्ति की घोषणा और देनदारी नहीं दर्शाई गई है। प्रधानमंत्री का असम के दिसपुर में एक बैंक खाता भी है जिसमें उनके मात्र 6,515 . 78 रूपये जमा हैं। मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल और उनकी पत्नी प्रोमिला की कुल संपत्ति का मूल्य 45.33 करोड़ रूपये है। इसमें उनकी पत्नी की 8.11 करोड़ रूपये की है। गृह मंत्री सुशील कुमार शिन्दे का एक मकान है जिसकी वर्तमान कीमत 50 लाख रूपये है। उनके दो फ्लैट हैं जिनकी कीमत 1 . 99 करोड़ रूपये और 1 . 25 करोड़ रूपये है। उनकी कृषि भूमि की कीमत 19 . 76 लाख रूपये है, अतिथि गृह की कीमत 8 . 22 लाख रूपये और जमीन की कीमत 1 . 11 करोड़ रूपये है।
विदेश मंत्री एस एम कृष्णा की संपत्ति 1 . 89 करोड़ रूपये की है जिसमें उनकी 31 . 44 लाख रूपये की अचल संपत्ति शामिल है।

नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह की छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में और उत्तर प्रदेश में करीब 13 करोड़ रूपये मूल्य की कृषि भूमि है। अक्षय उर्जा मंत्री फारूक अब्दुल्ला के बैंक खातों में करीब 98 लाख रूपये जमा हैं और जम्मू कश्मीर में उनकी पैतृक संपत्तियों में उनका हिस्सा है। पर्यटन मंत्री सुबोधकांत सहाय और उनकी पत्नी रेखा सहाय ने अपनी संपत्ति क्रमश: 70.74 लाख रूपये और 1. 24 करोड़ रूपये घोषित की है। पवन कुमार बंसल की कुल संपत्ति 6 . 65 करोड़ रूपये है जिसमें उनकी पत्नी मधु की 95 . 15 लाख रूपये की संपत्ति भी शामिल है।
सूचना और प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने दिल्ली में अपने करीब 3 . 5 करोड़ रूपये के एक फ्लैट की, 16 लाख रूपये के गहनों और चांदी के बर्तनों की, 11 लाख रूपये की एक ऑप्ट्रा कार की घोषणा की है।

स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद की कुल संपत्ति 68 . 59 लाख रूपये की है जिसमें उनकी महाराष्ट्र में 5 . 5 लाख रूपये की जमीन और नगद राशि तथा बैंक बैलेंस शामिल है। उनकी पत्नी शमीम का श्रीनगर में 55 लाख रूपये का एक मकान और जमीन तथा दिल्ली में एक फ्लैट है। बिजली मंत्री एम वीरप्पा मोइली की संपत्ति 30.47 लाख रूपये और देनदारी 12 . 85 लाख रूपये की है जिसके बाद उनकी कुल संपत्ति 17 . 61 लाख रूपये की है।
सलमान खुर्शीद के पास उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में कृषि भूमि है जो उनके परिवार के नाम है और उसकी कीमत 1 . 30 करोड़ रूपये है। खुर्शीद के पास 74 . 48 लाख रूपये की नगद राशि है। लेकिन उनके परिवार की सावधि जमा सहित संयुक्त नगद राशि 1 . 22 करोड़ रूपये से अधिक है।

शहरी विकास मंत्री कमलनाथ ने इस साल 31 मार्च को अपने पास 8 . 85 करोड़ रूपये की संपत्ति होने का ऐलान किया जबकि उनकी पत्नी अलका के पास करीब 4 . 48 करोड़ रूपये की संपत्ति है। बहरहाल, एक साल पहले ही कमलनाथ ने अपने पास 200 करोड़ रूपये से अधिक मूल्य की संपत्ति होने की घोषणा की थी। पिछले साल की घोषणा के अनुसार, कमलनाथ कैबिनेट मंत्रियों में सर्वाधक अमीर थे। उन्होंने अपने घोषणापत्र में संपत्ति में कमी आने का खुलासा भी किया है। उनके घोषणापत्र में कहा गया है पिछले साल घोषणापत्र में नकुल नाथ, बकुल नाथ, श्रीमती सिमरन नाथ की संपत्ति दिखाई गई थी। वह परिवार के आश्रित सदस्य नहीं हैं इसलिए उनकी संपत्ति शामिल करने की जरूरत नहीं है। यही वजह है कि उनकी संपत्ति इस साल शामिल नहीं की गई। इस घोषणापत्र में यह भी कहा गया है कि नकुल नाथ और बकुल नाथ के निजी ट्रस्ट की संपत्ति को भी इस साल इसमें शामिल नहीं किया गया है।

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