भोपाल,27 जून, सब रजिस्ट्रार संपत्तियों का पंजीयन करते समय मौका निरीक्षण करना सुनिश्चित करें. शत प्रतिशत रजिस्ट्रियों का मौका निरीक्षण किया जाना चाहिए.

यह निर्देश कलेक्टर निकुंज कुमार श्रीवास्तव ने आज मंगलवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक में जिले के पंजीयन विभाग के अधिकारियों को दिए. बैठक में वरिष्ठ जिला पंजीयक एन.एस. तोमर और जिले के सभी सब रजिस्ट्रार मौजूद थे. श्रीवास्तव ने सब सजिस्ट्रार से कहा कि वे संपत्तियों की रजिस्ट्री करते समय मौका का निरीक्षण जरूर करें.

उन्होंने कहा कि कुछ बिल्डर मकान का एग्रीमेंट करते हैं और प्लाट की रजिस्ट्री करा देते हैं. ऐसा करने वालों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई हो. उन्होंने सब रजिस्ट्रार से कहा कि वह रजिस्ट्री करते समय मौके का निरीक्षण करेंगे तो इस तरह की कार्रवाई नहीं हो सकेगी. संपत्ति का कम मूल्य दर्शाकर की जाने वाली राजस्व राशि की चोरी पर भी सख्ती से रोक लगना चाहिए. ग्रामीण क्षेत्रों में जहां खसरे में सिंचित और असिंचित का उल्लेख नहीं होता है वहां पर सिंचित मानकर ही स्टांप ड्यूटी लगाई जाये. श्रीवास्तव ने कहा कि पंजीयन कार्यालय की छवि बेहतर होना चाहिए. आम आदमी सीधे कार्यालय में संपर्क करे और अपनी संपत्ति तथा दस्तावेजों का पंजीयन कराएं. बिचौलियों व दलालों से वह दूर रहे. उन्होंने कहा कि कार्यालय में कार्य करने वालों की जिम्मेदारी है कि वह व्यवस्था में सुधार लाएं. लोगों का विश्वास बढ़ाएं. उन्होंने कलेक्ट्रेट में समाधान एक दिन में भी रजिस्ट्री सेवा शुरू करने पर विचार करने की बात कही. श्रीवास्तव ने उप पंजीयक वार कार्यों की प्रगति की जानकारी ली राजस्व अर्जित करने के आधार पर उनकी परफारमेंस को आंका गया.

उन्होंने कहा कि सब रजिस्ट्रार शैलेन्द्र चौहान की परफारमेंस सबसे बेहतर है जबकि सब रजिस्ट्रार अनिल पांडे की परफारमेंस जिले में कार्य कर रहे सब रजिस्ट्रार में सबसे कम है. कलेक्टर श्रीवास्तव ने वित्तीय सत्र के प्रारंभिक दो माह अप्रैल मई में पिछले वर्ष की तुलना में कम राजस्व प्राप्त होने पर चिंता व्यक्त की और राजस्व में वृद्धि करने की बात कही.

सतना को हवाई अड्डे से वंचित करने की रची साजिश

भोपाल. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया ने कहा है कि भाजपा शासन काल में मंत्रीगण सार्वजनिक हितों पर किस तरह कुठाराघात कर रहे हैं, इसका एक ताजा उदाहरण सतना में देखने को मिला है.

राज्य मंत्रि-मंडल में सतना जिले का प्रतिनिधित्व करने वाले लोक निर्माण मंत्री नागेन्द्रसिंह ने अपने अघोषित निहित स्वार्थों को पूरा करने के लिए सतना शहर को हवाई अड्डे से वंचित करने की गंभीर साजिश रची है. 451 एकड़ रकबे में फैले सतना के हवाई अड्डे को नियमित उड़ान के योग्य बनाने की कार्यवाही राज्य के लोक निर्माण विभाग से एनओसी न मिलने के कारण आगे नहीं बढ़ सकी. 20 दिसम्बर 2011 से सतना शहर से वेन्चुरा एयर लाइन्स की नियमित वायुसेवा शुरू होन वाली थी, किंतु मंत्री नागेन्द्रसिंह द्वारा लोक निर्माण विभाग के जरिए सतना हवाई अड्डे को नियमित उड़ान के योग्य न बताकर उसके मार्ग में बाधा खड़ी करवा दी गई.

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