दिल्ली गैंगरेप : देशभर में प्रदर्शन, नववर्ष के आयोजन फीके, इंसाफ की मांग

Delhi_gangrape_protestनई दिल्ली. राजधानी दिल्ली में सामूहिक बलात्कार की 23 वर्षीय पीडि़ता लड़की की मौत के दो दिनों बाद दिल्ली पुलिस ने सोमवार को कहा कि उन्होंने इस मामले में लगभग एक हजार पन्नों का आरोप-पत्र तैयार कर लिया है और गुरुवार को उसे अदालत में पेश करने का इरादा है. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस आरोप-पत्र में 16 दिसंबर की घटना के संबंध में 30 गवाहों का हवाला दिया गया है. 

जांचकर्ताओं ने कहा कि वे इस मामले के अभियुक्तों के खिलाफ मौत की सजा की मांग करेंगे. साकेत की अदालत में दायर किए जाने वाले आरोप-पत्र में इस घटना में शामिल पांच लोगों की भूमिका विस्तार से दर्ज होगी और मामले में कथित तौर पर शामिल नाबालिग लड़के की सुनवाई के लिए किशोर न्याय बोर्ड को अलग से एक रिपोर्ट सौंपी जाएगी. अधिकारी ने बताया कि आरोप पत्र में घटनाक्रम, इलाज, पीडि़ता को सिंगापुर के एक अस्पताल में भेजने और उसकी मौत का पूरा ब्योरा दिया जाएगा. पुलिस ने अभियुक्तों के खिलाफ बलात्कार, हत्या और अन्य आरोप लगाए हैं.

फांसी के बाद ही मिलेगी दीदी की आत्मा को शांति

दिल्ली गैंगरेप की शिकार युवती की मौत से दुखी उसके परिजनों ने सभी आरोपियों को फांसी दिए जाने की मांग की है. युवती के भाई ने कहा कि जब तक उसकी बहन के आरोपियों को फांसी पर नहीं लटकाया जाएगा, तब तक उसकी बहन की आत्मा को शांति नहीं मिलेगी. उन्होंने कहा कि लड़ाई तो अभी शुरू हुई है.  उसकी बहन पर हुए अत्याचार के बाद जो मुहिम शुरू हुई है वह तब तक बंद नहीं होगी, जब तक की सभी दोषियों को फांसी नहीं मिल जाती, वहीं इस हादसे की शिकार युवती के पिता ने कहा कि उनकी पत्नी ने इस घटना के बाद से ही बामुश्किल ही खाना खाया है.

इस हादसे ने उन्हें पूरी तरह से हिलाकर रख दिया है. अपनी बेटी को इस घटना में खोने वाले पिता ने कहा कि वह उस घर में जा नहीं पाते हैं क्योंकि वहीं पर उनकी उस जांबाज बेटी ने जन्म लिया था. उनके घर में घुसते ही उसकी चीजें उनसे बार-बार सवाल करती हैं.
अब उसकी आवाज मैं कभी नहीं सुन सकूंगा. यह कहकर उनकी आंखें भर आई. उन्होंने कहा कि जो पीड़ा उनके मन में है वह उसको बयां नहीं कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि उनकी बेटी की मां को इस हादसे से गहरा सदमा लगा है. उन्हें अभी तक उसकी मौत के बारे में पता नहीं है, जब उन्हें इसका पता चलेगा तो वह यह सदमा बर्दाश्त नहीं कर सकेंगी.

विरोध प्रदर्शन जारी

रविवार को अंतिम संस्कार कर दिए जाने के बाद भी विद्यार्थी व महिलाएं विरोध प्रदर्शन के लिए सोमवार को भी जंतर मंतर पर जमा हुए. वहीं, देश के विभिन्न जगहों पर भी पीडि़ता को जल्द न्याय दिलाने की मांग के साथ अपना विरोध जता रहे हैं.  यहां कम से कम दो लोग भूख हड़ताल पर बैठे. बाबूसिंह राम ने कहा कि हम लड़की के लिए लड़ेंगे. हम पिछले तीन दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और तबतक भूख हड़ताल जारी रखेंगे, जब तक पीडि़ता को न्याय नहीं मिल जाता और यौन उत्पीडऩ के मामलों की सुनवाई क लिए त्वरित अदालतें नहीं बन जातीं.

तीन जनवरी को भारत बंद का आह्वान

सामूहिक दुष्कर्म के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला नए साल में भी जारी रहेगा. नौजवानों ने आगामी तीन जनवरी को भारत बंद का आह्वान कर काला दिवस मनाने का फैसला किया है.  इस आयोजन के पीछे कोई राजनीतिक दल नहीं है. रविवार को प्रदर्शनकारियों ने भारत बंद की घोषणा की. उन्होंने युवती को श्रद्धांजलि दी और कैंडल मार्च निकाला. वह सोशल नेटवर्किग साइट के माध्यम से देशभर में अभियान चलाएंगे. दोषियों को फांसी देने और सख्त कानून लागू करने की मांग की मुहिम में कोई भी राजनीतिक दल शामिल नहीं होगा.

प्रदर्शनकारियों के मुताबिक किसी नेता को मुहिम में शामिल होना है तो वह आम आदमी के तौर पर शामिल हो सकते हैं. डीयू, जेएनयू और अन्य शैक्षणिक संस्थानों से आए छात्रों ने मंत्रणा करने के साथ अपील की कि सभी अपने दोस्तों को मोबाइल संदेश और फोन कर सूचित करें कि तीन जनवरी को काला दिवस मनाए और भारत बंद रहेगा. प्रदर्शनकारियों ने रोष व्यक्त करते हुए वी वान्ट जस्टिस, देश शर्मिदा है, दुष्कर्मी अभी जिंदा हैं के नारे लगाए और कैंडल मार्च निकाला.

जश्न नहीं मनाएगी सोनिया गांधी

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दिल्ली में सामूहिक बलात्कार की घटना के कारण नए साल का जश्न नहीं मनाने का फैसला किया है. पार्टी महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने कहा कि सोनिया गांधी ने पार्टी कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों से अपील की है कि सामूहिक बलात्कार की घटना के कारण वे नए साल की बधाई देने के लिए उनके पास नहीं आएं.

सुषमा हुई भावुक

गैंग रेप पीडि़त की मौत पर दिल्ली में बीजेपी की शोक सभा में लोकसभा में विपक्षी की नेता सुषमा स्वराज भावुक हो गईं. उन्होंने यौन शोषण के लिए सख्त कानून बनाने की खातिर संसद के स्पेशल सेशन की मांग को दोहराते हुए कहा कि अपराधियों में दिल्ली पुलिस का खौफ खत्म हो गया. संसद का विशेष सत्र बुलाकर इस बारे में कोई बेहतर निर्णय किया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दुबारा न हो. सभा में सुषमा स्वराज नें गैंग रेप के आरोपियो को फांसी देने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में गंभीर नहीं हैं.

उन्होंने कहा कि मैंने फरवरी, 2०11 में प्राइवेट मेंबर बिल सदन के पटल पर रखा था, जिसमें प्रस्ताव है कि रेप के बाद लड़की की हत्या पर फांसी की सजा का प्रावधान हो. सुषमा स्वराज ने कहा कि अपराधियों को दिल्ली पुलिस का खौफ नहीं है और बस दिल्ली में अपराध के अड्डे बन गए हैं. बीजेपी नेता ने कहा कि कि प्राइवेट बस मालिकों की पुलिस से मिलीभगत है. उन्होंने कहा कि अगर अपराधियों में दिल्ली पुलिस का खौफ होता तो ऐसी घिनौनी घटनाओं को अंजाम देने की उनकी हिम्मत नहीं होती. सुषमा ने कहा कि कानून में सुधार और सख्ती से ऐसी वारदातों पर अंकुश लगेगा. बीजेपी नेता और राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने कहा कि अपराधियों के अंदर कानून का डर बनाना जरूरी है. इसके लिए देश के कानून में बदलाव की जरूरत है. उन्होंने यह भी कहा कि बदलाव सिर्फ कानून ही नहीं हमारी सोच में भी आनी चाहिए. बीजेपी के नेताओं ने यह भी बताया कि बीजेपी कार्यकर्ता इस बार नए साल का नहीं मनाएंगे.

महिला हेल्पलाइन 181

दिल्ली में महिलाओं की मदद के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सेवा 181 सोमवार को शाम को शुरू हो है. भले ही इसमें कुछ दिक्कतें आ रही हैं लेकिन अंतत: यह सेवा आरंभ हो गई है. आज सुबह आरंभ होने वाली यह सुविधा कुछ तकनीकी दिक्कतों की वजह से आरंभ नहीं हो पाई थी. दिन में इसके लिए तार जोड़े जा रहे थे. मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सेवा का ऐलान इतने जोर-शोर से किया गया था, वह शुरू होने से पहले ठप पड़ गई थी. इस मुद्दे पर आज कैबिनेट की बैठक भी हुई.

वैसे, दावा किया गया था कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सेवा के तहत मुसीबत में फंसी महिलाएं अपनी शिकायतें सीधे दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित तक पहुंचा सकती हैं. मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का नंबर है, 181, जिसे लैंडलाइन और मोबाइल से डायल किया जा सकता है. यह सेवा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी. गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने पिछले हफ्ते हेल्पलाइन शुरू करने की घोषणा की थी. उन्होंने कहा, हम सोमवार को हेल्पलाइन की शुरुआत करेंगे. दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री के दफ्तर से हेल्पलाइन संचालित होगी और इसे शहर के सभी 185 थानों से जोड़ा जाएगा.

अस्थि विसर्जन आज

दिल्ली गैंगरेप की शिकार युवती का रविवार को दिल्ली में अंतिम संस्कार कर दिया गया. उसकी अंत्येष्टि में गांव के बहुत सारे लोग चाह कर भी नहीं शरीक हो सके. उसके दादा ने बताया कि पोती की अस्थियां घर वाले लेकर आ रहे हैं. मंगलवार को यहां भरौली घाट पर अस्थियों को गंगा में प्रवाहित किया जाएगा. इसके बाद त्रयोदशाह का कार्यक्रम भी यहीं होगा.

छात्रा का दिल्ली में अंतिम संस्कार के बाद शव बलिया आने की ऊहापोह खत्म हो गई. शनिवार को रात से ही लोग इस बात को लेकर परेशान थे कि उसका अंतिम संस्कार कहां किया जाएगा परिजन भी इस संबंध में कुछ बताने की हालत में नहीं थे. जिला प्रशासन की ओर से भी कुछ स्पष्ट नहीं किया जा रहा था. रविवार की सुबह दिल्ली में अंतिम संस्कार हो जाने की खबर मिलने पर गांव में शोक की लहर दौड़ गई. पूरा गांव सुबक पड़ा. घर में चाची व दादा का रो-रोकर बुरा हाल था. संवेदना व्यक्त करने के लिए गांव आने वालों का तांता लगा रहा. परिजनों के अनुसार अस्थियां लेकर आने के लिए परिवार के सात सदस्यों को दिल्ली प्रशासन की ओर से ट्रेन का आरक्षित टिकट दिया गया है. सभी सदस्य सोमवार को दिल्ली से ट्रेन पकड़ेगे. मंगलवार को बक्सर उतरने के बाद परिजनों व शुभचिंतकों की मौजूदगी में अस्थियां प्रवाहित की जाएंगी.

एक सदस्य को नौकरी

दिल्ली सरकार ने गैग रेप की शिकार लड़की के परिवार में से एक व्यक्ति को नौकरी और 15 लाख रुपये नकद देने की घोषणा की है. इसकी घोषणा दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के अगुवाई में किया गया. गैग रेप की पीडिल लड़की ने शनिवार को अंतिम सांस ली थी और रविवार को अंतिम संस्कार किया गया. शनिवार और रविवार को हजारों लोगों ने श्रद्धाजंलि दी.

नव वर्ष के आयोजन रद्द

दिल्ली सामूहिक बलात्कार मामले पर देशभर में गुस्से और रोष के बीच देशभर में अनेक जगहों पर आयोजकों ने नये साल के स्वागत के लिए आयोजित होने वाले समारोहों को रद्द कर दिया है. दिल्ली में प्रेस क्लब आफ इंडिया, पंजाब और हरियाणा की सरकारों ने नये साल के जश्न के लिए आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को निरस्त कर दिया है.  प्रमुख होटलों, कई कारोबारी समूहों ने भी ऐसा ही करने का फैसला किया है.

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