बालेश्वर, 8 फरवरी. स्वदेश में विकसित माइक्रो लाइट पायलट लेस टार्गेट एअरक्राफ्ट [पीटीए] लक्ष्य-1 का बुधवार को चादीपुर के इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से सफल परीक्षण किया गया.

रक्षा सूत्रों ने बताया कि उन्नत डिजीटल नियंत्रित इंजन से सुसज्जित लक्ष्य-1 को दोपहर एक बजकर दस मिनट पर आईटीआर के लाच पैड के एक सचल लांचर से छोड़ा गया. सूत्रों ने इसे नियमित परीक्षण बताया. आमतौर पर माइक्रो लाइट विमान की उड़ान की अवधि 30 से 35 मिनट की होती है. लेकिन उसकी अवधि में विस्तार तथा अन्य मापदंडों को परखने के मकसद से नियमित तौर पर इसका परीक्षण किया जाता है. लक्ष्य एक सब सोनिक और फिर से इस्तेमाल होने वाला हवा में मारक क्षमता वाली प्रणाली है जिसे जमीन से नियंत्रित किया जाता है. इसको पायलटों को प्रशिक्षण देने के लिए विकसित किया गया है. पीटीए को एडीए बेंगलूर ने लड़ाई के मैदान तथा लक्षित ठिकानों की टोह लेने के उद्देश्य से विकसित किया है. लक्ष्य को सन 2000 में भारतीय वायु सेना में शामिल किया गया.

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