यादव ने 3, जहीर ने 2 और अश्विन ने 1 विकेट लिया

मेलबर्न, 26 दिसबंर. युवा तेज गेंदबाज उमेश यादव ने शीर्ष क्रम और चोट से उबरने के बाद वापसी करने वाले जहीर खान ने मध्यक्रम को झकझोर कर पहले टेस्ट क्रिकेट मैच में भारत का पलड़ा भारी कर दिया, लेकिन निचले क्रम के बल्लेबाजों के साहसिक प्रदर्शन से ऑस्ट्रेलिया शुरुआती दिन अपनी पहली पारी सिमटने से बचाने में सफल रहा.

ऑस्ट्रेलिया का स्कोर तीसरे सत्र के पहले घंटे में ही छह विकेट पर 214 रन हो गया था, लेकिन विकेटकीपर बल्लेबाज ब्रैड हैडिन (नाबाद 21) और पीटर सिडल (नाबाद 34) ने सातवें विकेट के लिये लगभग 22 ओवर में 63 रन की अटूट साझेदारी करके पहले दिन की समाप्ति पर टीम का स्कोर छह विकेट पर 277 रन पर पहुंचाया. इन दोनों से पहले डेविड वार्नर (37), अपना पहला मैच खेल रहे सलामी बल्लेबाज एड कोवान (68) और खराब फॉर्म के कारण आलोचकों के निशाने पर रहे रिकी पोंटिंग (62) ही उल्लेखनीय योगदान दे पाये थे. पोंटिंग और कोवान की तस्मानियाई जोड़ी ने तीसरे विकेट के लिये 113 रन जोड़े. यादव ने ऑस्ट्रेलिया के पहले तीन विकेट लिये. उन्होंने पहले दो सत्र में वार्नर, शान मार्श (शून्य) और पोंटिंग को जबकि जहीर ने तीसरे सत्र के शुरू में कप्तान माइकल क्लार्क (31) और बुरे दौर में गुजर रहे माइकल हसी (शून्य) को लगातार गेंद पर आउट किया. ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कोवान की एकाग्रता भंग की. यादव खर्चीले साबित हुए और उन्होंने 20 ओवर में 96 रन देकर तीन विकेट लिये हैं. जहीर ने 23 ओवर में 49 रन देकर दो विकेट हासिल किए. तीसरे तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा ने बल्लेबाजों को काफी परेशान किया लेकिन पहले दिन भाग्य उनके साथ नहीं था, उन्होंने अपने 20 ओवर में केवल 40 रन दिये हैं. आसमान बादलों से घिरा था लेकिन क्लार्क ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया.

वार्नर और कोवान ने एक-दूसरे के ठीक विपरीत रवैया अपनाया. वार्नर ने जहां हर गेंद पर प्रहार करने की रणनीति अपनायी वहीं कोवान ऑफ स्टंप से बाहर की गेंदों को छोडऩे की पूरी तैयारी के साथ उतरे थे. वार्नर ने जहीर के लगातार ओवर में गेंद कवर क्षेत्र से चौके के लिये भेजी. ईशांत की जगह गेंदबाजी के लिये आये यादव शुरू में नर्वस लगे. कोवान ने उनकी गेंद पर एक्स्ट्रा कवर पर जबकि वार्नर ने ड्राइव से चौका और हुक करके छक्का जमाया. नौवें ओवर में रोशनी कम होने के कारण फ्लडलाइट जला दी गयी और 13वां ओवर समाप्त होने के बाद जब स्कोर बिना किसी नुकसान के 46 रन था तभी बारिश के कारण खेल रोकना पड़ा. खेल दो मिनट बाद ही शुरू हो गया और यादव ने सात गेंद के अंदर दो विकेट लेकर पासा पलट दिया. उन्होंने पहले सही दिशा में किये गये बाउंसर पर वार्नर को आउट किया जिन्होंने इस पर गलत टाइमिंग से हुक करने की कोशिश की और गेंद हवा में लहराती हुई महेंद्र सिंह धोनी के दस्तानों में चली गयी. इसके बाद उनकी कोण लेती गेंद पर मार्श ने ड्राइव करके गली में विराट कोहली को कैच दिया. पोंटिंग जब क्रीज पर उतरे तो ईशांत को गेंदबाजी पर लगा दिया गया, जिन्होंने पिछले दौरे में ऑस्ट्रेलिया के इस सबसे सफल बल्लेबाज को खासा परेशान किया था. उन्होंने दबाव की तमाम कहानियों को धता बताकर अपने दर्शनीय स्ट्रोक से लगभग खचाखच भरे एमसीजी में दर्शकों को काफी रोमांचित किया. लंच के समय पोंटिंग 15 रन पर थे. उन्होंने 67 गेंद पर छह चौकों की मदद से अपना 59वां टेस्ट अर्धशतक पूरा किया.

कोवान पहले सत्र में केवल 14 रन बना पाये थे, लेकिन वह 120 गेंद पर छह चौकों की मदद से पहले अर्धशतक तक पहुंचे. पोंटिंग और कोवान दोनों ने यादव को निशाने पर रखा. इस बीच ईशांत के पास पोंटिंग को सातवीं बार आउट करने का बढिय़ा मौका था, लेकिन तब गली में क्षेत्ररक्षक काफी पीछे थे, जिससे वह इससे चूक गये. जब लग रहा था कि पोंटिंग पिछली 31 पारियों से शतक नहीं जमा पाने का इंतजार समाप्त कर देंगे तभी यादव की शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर तीसरी स्लिप में खड़े वीवीएस लक्ष्मण के सुरक्षित हाथों में समा गयी. उन्होंने 94 गेंद की अपनी पारी में छह चौके लगाये. जहीर ने चतुराई भरी गेंदबाजी से क्लार्क को अपने जाल में फंसाया. उन्होंने अंदर आती गेंद पर ऑस्ट्रेलियाई कप्तान को कट करने के लिये मजबूर किया लेकिन वह उनके बल्ले का अंदरूनी किनारा लेकर विकेटों में समा गयी. अगले बल्लेबाज हस्सी ने तेजी से उठती गेंद से बचने की कोशिश की जो उनकी बाजू से हल्का स्पर्श करके धोनी के पास पहुंची लेकिन आठवें टेस्ट मैच में अंपायरिंग कर रहे दक्षिण अफ्रीकी मारियास इरासमुस की उंगली उठ गयी, हस्सी इससे निराश थे. इससे डीआरएस का मसला फिर गरमाने की संभावना बढ़ गयी. हस्सी ने पिछली आठ पारियों में उन्होंने केवल 63 रन बनाये हैं और उन पर अब टीम से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है. तीसरे सत्र में भारत को तीसरा विकेट अश्विन ने दिलाया. कोवान ने शुरू से अश्विन पर कट करने की रणनीति अपनायी थी. इस बार गेंद हालांकि उनके शरीर के काफी करीब थी जिस पर उन्होंने कट करने की कोशिश में धोनी को कैच थमाया. कोवान ने 177 गेंद खेली तथा सात चौके लगाये. इसके बाद जहीर ने हैडिन और सिडल को परेशान किया लेकिन दोनों ने साहसिक बल्लेबाजी करके टीम को संकट से उबारने का बीड़ा बखूबी उठाया. भारत ने 80 ओवर के तुरंत बाद नयी गेंद ली लेकिन इससे भी इन दोनों पर असर नहीं पड़ा. सिडल ने अब तक 80 गेंद खेलकर चार चौके लगाये हैं जबकि हैडिन ने 60 गेंद का सामना किया है.

कोवान ने दोहराया 18 साल पुराना रिकार्ड

एड कोवान का अपने पदार्पण टेस्ट मैच की शुरुआती पारी में ही शतक जडऩे का सपना तो पूरा नहीं हो पाया लेकिन सोमवार को भारत के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में 68 रन की पारी खेलने के साथ ही वह पिछले 18 साल में पदार्पण मैच में अर्धशतक जडऩे वाले पहले आस्ट्रेलियाई सलामी बल्लेबाज बन गए. कोवान पूरी एकाग्रता के साथ अपनी पारी आगे बढ़ा रहे थे जब आफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन की गेंद पर कट करने के प्रयास में उन्होंने विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी को कैच थमाया. उन्होंने 177 गेंद खेली तथा सात चौके लगाए. कोवान से पहले आस्ट्रेलिया की तरफ से अपने पदार्पण टेस्ट मैच में ही अर्धशतक जडऩे वाले आखिरी सलामी बल्लेबाज माइकल स्लैटर थे, जिन्होंने 1993 में इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में 58 रन बनाए थे. इसके बाद कोवान के पदार्पण तक आस्ट्रेलिया की तरफ से सात बल्लेबाजों ने ओपनर के तौर पर अपना टेस्ट करियर शुरू किया लेकिन इनमें से छह तो सलामी बल्लेबाज के रूप में अपनी पहली पारी में दोहरे अंक में भी नहीं पहुंचे.  कोवान ने पहले टेस्ट के पहले दिन 68 रन की शानदार पारी खेलकर अपने करियर का आगाज किया. उन्होंने कहा, मैंने काफी क्रिकेट देखा है लेकिन मैं यह नहीं समझ पा रहा कि आईसीसी सभी मैचों में एक समान रुख क्यों नहीं अपनाती. मैं अभी अपने करियर की शुरुआत कर रहा हूं.

बढ़ा पोंटिंग के शतक का इंतजार

जहां दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों को सचिन तेंदुलकर के महाशतक का इंतजार है वहीं आस्ट्रेलिया दर्शक अपने पूर्व कप्तान रिकी पोटिंग के दो साल के शतक का सूखा खत्म होने का इंतजार बेसब्री से कर रहे हैं. सोमवार को मेलबर्न टेस्ट के पहले दिन यह इंतजार और बढ़ गया जब पोटिंग 62 रन बनाकर पवेलियन लौट गए. जब लग रहा था कि पोंटिंग पिछली 31 पारियों से शतक नहीं जमा पाने के दबाव से पार पाकर तिहरे अंक में पहुंचने में सफल रहेंगे तभी तेज गेंदबाज उमेश यादव की उठती गेंद पर उन्होंने स्लिप में वीवीएस लक्ष्मण को कैच थमा दिया. पोंटिंग ने अपना आखिरी शतक जनवरी 2010 में पाकिस्तान के खिलाफ होबार्ट में बनाया था. इसके बाद वह 32 पारियों में आठ अर्धशतक ही जमा पाए हैं. उन्होंने होबार्ट के इस मैच की दूसरी पारी में 89 रन बनाए थे. इस टेस्ट मैच के बाद आस्ट्रेलिया के इस सबसे सफल बल्लेबाज ने 17 टेस्ट की जो 31 पारियां खेली हैं उनमें वह 28.63 की औसत से 859 रन ही बना पाए है. और उनका सर्वाधिक स्कोर 78 रन है. यही नहीं इस मैच में पोंटिंग चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरे थे जबकि बल्लेबाजी क्रम में उनका पसंदीदा स्थान तीन है. पोंटिंग ने नंबर तीन पर बल्लेबाजी करते हुए 32 शतक लगाए हैं लेकिन नंबर चार पर वह कभी सैकड़ा नहीं लगा पाए हैं. इस नंबर पर उनका उच्चतम स्कोर 78 रन है जो उन्होंने हाल में न्यूजीलैंड के खिलाफ ब्रिसबेन में बनाया था.

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