नई दिल्ली. प्याज, फल और प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थो के दामों में गिरावट के कारण महंगाई दर में मामूली गिरावट आई है। हालांकि इस दौरान सब्जियों और दलहन की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। फरवरी माह की 6.95 फीसदी के मुकाबले मार्च में सकल मुद्रास्फीति दर मामूली गिरावट के साथ 6.89 फीसदी रही। जबकि पिछले साल मार्च में यह दर 9.68 फीसदी थी।

सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक मार्च के दौरान खाद्य मुद्रास्फीति 9.94 प्रतिशत रही। फरवरी में यह 6.07 प्रतिशत थी। मार्च के दौरान प्याज की कीमतों में 24.23 प्रतिशत की गिरावट आई। इसमें फरवरी में 48.50 प्रतिशत की कमी आई थी। वहीं अंडे, मांस और मछली के दामों में 17.17 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई जो कि फरवरी में 20 प्रतिशत की तेजी के मुकाबले कम है। मार्च के दौरान दाल की कीमतों में 10.05 प्रतिशत की और सब्जियों के दामों में 30.57 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। फरवरी के दौरान सब्जियों के दामों में 1.52 प्रतिशत की तेजी आई थी।

इस दौरान दूध 15.29 प्रतिशत महंगा हुआ जबकि चावल और अनाज की कीमतों में क्रमश: 4.73 प्रतिशत और 4.41 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। आलू के दामों में 11.60 प्रतिशत तेजी आई। थोक मूल्य सूचकांक में खाद्य पदार्थो की हिस्सेदारी 14.3 प्रतिशत है। आलोच्य अवधि के दौरान विनिर्मित वस्तुओं के दामों में मामूली कमी दर्ज की गई और यह 5.75 प्रतिशत से कम होकर 4.87 प्रतिशत रह गया। इस प्रकार मार्च के दौरान मुद्रास्फीति वित्त मंत्रालय के अनुमान 6.5 प्रतिशत से अधिक रहा।

बढ़ती  मुद्रास्फीति परेशान करने वाली

वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने बढ़ती खाद्य मुद्रास्फीति को परेशान करने वाला बताते हुए सोमवार को कहा कि सरकार स्थिति को सुधारने के लिए आपूर्ति पक्ष की दिक्कतों को दूर करने को कदम उठाएगी। पिछले महीने के कुल मुद्रास्फीति आंकड़ों पर अपनी प्रतिक्रिया में वित्त मंत्री ने कहा कि मार्च महीने में खाद्य मुद्रास्फीति बढ़ी है, जो परेशान करने वाली बात है।

मार्च महीने में कुल मुद्रास्फीति मामूली घटकर 6.89 प्रतिशत पर आ गई है। फरवरी में यह 6.95 प्रतिशत पर थी। पिछले साल मार्च में मुद्रास्फीति 9.68 फीसद के उच्च स्तर पर थी। उन्होंने कहा कि यदि मुद्रास्फीति 6.5 प्रतिशत के दायरे में आती है, तो सरकार ज्यादा संतोषजनक स्थिति में होगी। हमें इस पर सतर्क रहना होगा। यह सही है कि आपूर्ति पक्ष की दिक्कतों की वजह से खाद्य मुद्रास्फीति प्रभावित हो रही है। हम इसे दूर करने का प्रयास कर रहे हैं।

खाद्य मुद्रास्फीति मार्च माह में तेज वृद्धि के साथ 9.94 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गई है। यह फरवरी में 6.07 फीसद पर थी। थोक मूल्य सूचकांक में खाद्य वस्तुओं की हिस्सेदारी 14.3 प्रतिशत है। वित्त मंत्री ने हालांकि उम्मीद जताई कि समय के साथ मुद्रास्फीति नीचे आएगी। मार्च महीने में सब्जियों की महंगाई 30.57 प्रतिशत के उच्च स्तर पर थी। यह फरवरी में 1.57 फीसद थी। इसी तरह माह के दौरान दूध 15.29 प्रतिशत महंगा हुआ, वहीं चावल और अनाज की महंगाई क्रमश: 4.73 प्रतिशत और 4.41 प्रतिशत बढ़ी।

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