चंडीगढ़। प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्य पंजाब और हरियाणा में गेहूं उत्पादन 2011-12 के रबी सत्र में तीन प्रतिशत कम होकर 273.75 लाख टन रह जाने की संभावना है।

इन दो राज्यों ने पिछले वर्ष 281 लाख टन गेहूं उत्पादन किया था। देश में अनाज उत्पादन के लिहाज से महत्वपूर्ण राज्य पंजाब ने चालू सत्र में अपने गेहूं उत्पादन के अनुमान को कम करके 155.40 लाख टन कर दिया जबकि पिछले सत्र में वहां 164.72 लाख टन का अब तक सर्वाधिक उत्पादन हुआ था। पंजाब कृषि विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ऐसा नहीं है कि हमने चालू सत्र में कम गेहूं उत्पादन के लक्ष्य को तय किया है पिछले वर्ष का सत्र एक विशेष सत्र था क्योंकि अनुकूल मौसम परिस्थितियों के कारण यहां अब तक का सर्वाधिक गेहूं उत्पादन हुआ था और अगर इस सत्र में भी मौसम अनुकूल रहता है तो हम इस लक्ष्य को लांघ जाएंगे। अनुकूल मौसम के कारण पिछले सत्र में पंजाब में गेहूं की उपज प्रति हेक्टेयर 46.93 क्विंटल के रिकार्ड आंकड़े को छू गई थी। पंजाब ने चालू सत्र में गेहूं खेती का रकबा 35 लाख हेक्टेयर रहने का अनुमान व्यक्त किया है जो पिछले सत्र के 35.10 लाख हेक्टेयर से मामूली कम है। पंजाब को प्रति हेक्टेयर 44.40 क्विंटल की उपज होने की उम्मीद है। हालांकि पड़ोसी राज्य हरियाणा ने रबी सत्र 2011-12 में अपने गेहूं उत्पादन लक्ष्य को दो प्रतिशत बढ़ाकर 118.35 लाख टन किया है जो उत्पादन पिछले सत्र में 116.30 लाख टन था। इसी प्रकार से हरियाणा ने प्रति हेक्टेयर 47.35 क्विंटल गेहूं उपज का अनुमान व्यक्त किया है जो पिछले सत्र में 46.24 क्विंटल प्रति हेक्टेयर था।

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