• कलेक्टर और कमिश्नर भी कटघरे में।

ग्वालियर 17 अक्टूबर। नरवर दुर्ग से तोप चोरी का मामला गहराता जा रहा है। प्रदेश के मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा के हस्ताक्षेप के बाद भी कलेक्टर शिवपुरी और पुलिस कप्तान ने भी इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया है। राज्य पुरातत्व विभाग के अफसर भी जिला प्रशासन शिवपुरी से खफा नजर आ रहे है। साथ ही उन्हें रिपोर्ट भेजने को लेकर भी हिदायते दे रहे है।

राज्य पुरातत्व विभाग के सूत्रो का कहना है कि नरवर से तीन तोपें चोरी हो चुकी है, जिनकी रिपोर्ट भी पुलिस थाने दर्ज करा दी गई है, लेकिन उसके बाद भी पुलिस असफल रही है। अब पुलिस के ऊपर ही पुरातत्व विभाग के अफसर सवालिया निशान लगा रहे है। साथ ही उसकी रिपोर्ट भी भोपाल आला अफसरों और डीजीपी को भेज रहे है। नरवर दुर्ग का तोप चोरी मामले को लेकर पुलिस एक ओर माथा पच्ची कर रही है, तो दूसरी ओर पुरातत्व विभाग के अफसर पुलिस की नाकामी बता रहे है। प्रदेश शासन के केबिनेट मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने पुरातत्व विशेष स्मारकों और सामग्री को सहजने के निर्र्देश दिए है। विभागीय सूत्रों की माने तो तोप चोरी कैसे हुई, साथ ही उस समय किसकी ड्यूटी उससे पूछताछ की जाए। पुलिस भी अंधेरे में तीर छोड़ रही है, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली है।

नरवर से कैसे आए ग्वालियर तोप – बीते दिनों गूजरी महल में अफसर दिन भर नरवर से ग्वालियर तोप लाने को लेकर बतियाते दिखे, लेकिन अफसरों का कहना था कि तोप कैसे ग्वालियर लाई जा सकती  है। क्यों कि वाहन ऊपर दुर्ग तक नहीं जाते है। अब विभाग ने मप्र शासन से इस बारे में सलाह मांगी है।

इनका कहना है
नरवर में तोप चोरी मामले को लेकर मंत्रीजी को जानकारी दी गई है। कलेक्टर और एस पी से इस मामले में जवाब भी मांगे गए है। तोप की सुरक्षा को लेकर रणनीति तैयार की जा रही है।
एस आर वर्मा, डिप्टी डायरेक्टर पुरातत्व विभाग

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