10 दिन में बयान पर मांगा जवाब

भोपाल, 3 नवम्बर.  भाजपा आलाकमान से मिली अनुमति के बाद  प्रदेश अध्यक्ष प्रभात झा ने आज राज्यसभा सदस्य और पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष रघुनंदन शर्मा को उज्जैन में सीएम शिवराज सिंह चौहान,राज्य के मंत्रियों एवं उज्जैन के महापौर को लेकर विवादास्पद बयान देने के आरोप में तत्काल प्रभाव से पार्टी के उपाध्यक्ष के पद से कार्यमुक्त कर दिया है.

शर्मा से उनके बयान पर कैफियत भी मांगी गई है. उनसे कहा गया है कि गत दिवस उज्जैन में एक कार्यक्रम मे सार्वजनिक रूप से राज्य मंत्रीपरिषद के सदस्यों पर की गयी टिप्पणी के संबंध में वह अपना स्पष्टीकरण 10 दिवस के अंदर प्रदेश अध्यक्ष को प्रस्तुत करें अन्यथा उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी.

क्या कहा था शर्मा ने ? – सरकार के मुखिया घोषणावीर… राज्य के अधिकतर मंत्रियों और उनके मुखिया को घोषणावीर कहा था. जबकि राज्यमंत्री पारस जैन को मंत्री पद का मोह छोडऩे की नसीहत और काम नहीं करने वाले अफसरों को नामर्द की संज्ञा दी थी.शर्मा स्थानीय निकाय सेवा दिवस पर नगर निगम द्वारा कालिदास अकादमी में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे जहां ये तीर चले.

ये भी कहा – शर्मा ने कहा, अभी पारस जैन ने सिंहस्थ के लिए शासन द्वारा 70 करोड़ रूपए देने की बात कही है.ऐसे ही मंत्रिमंडल के अधिकांश मंत्री घोषणावीर हैं. उनके मुखिया ही घोषणावीर हैं तो अन्य क्या करेंगे.उन्होंने कहा कि सिंहस्थ के लिए 56 करोड़ रूपए की घोषणा हुई,ये फाइलों में तो स्वीकृत हो गई, नगरीय मंत्री, मुख्यमंत्री सभी ने उज्जैन पर मेहरबानी कर दी और मिले सिर्फ एक करोड़ रूपए.क्या होगा सिंहस्थ में एक करोड़ रूपए से?  एक करोड़ रूपए की क्या चटनी बांटकर खिलाए?

ऐसे मिला नोटिस – भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष प्रभात झा ने शर्मा से इसके पहले जवाब-तलब किया और खाद्य एवं आपूर्ति राज्यमंत्री पारसचंद जैन से भी पूछताछ कीै.उसके बाद आलाकमान को हकीकत समझा कर कार्रवाई का रास्ता साफ किया. उन्होंने आलाकमान को कार्यक्रम की सीडी भी भेजी है.

जबाव मांगने पर ये कहा – मैं खरा बोलता हूं, साफ बोलता हूं. व्यावहारिक बात कहता हूं. उन्होंने कहा कि उनका बयान सिर्फ उज्जैन नगर निगम तक सीमित है. जिसे तूल नहीं देना चाहिए. रघुनंदन शर्मा, सांसद

इनके भी चले तीर

  •  मुझे हटाने की कोशिश

कुछ लोग मुझे हटाने की कोशिश कर रहे हैं. ये माफिया लोग हैं.
शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री

  •  ‘मोदी’ सरकार ईमानदार

भ्रष्टाचार के मामले में एकमात्र गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ही ईमानदार है. इसके अलावा उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को दादा कोंडके कहा था.
बाबूलाल गौर, नगरीय प्रशासन मंत्री

  •  मेरे हाथ काटे

मेरे हाथ शोले के ठाकुर की तरह काटे गए हैं. अगर हाथ लौटा देते हैं तो कुछ काम कर सकूंगा अन्यथा मजबूर हूं.
कैलाश विजयवर्गीय, उद्योग मंत्री

अब क्या होगा
पद से हटाए जाने की गाज सारी पार्टी पर भारी पड़ सकती है.नेताओं के बीच ध्रुवीकरण संभव है.उमा भारती के समर्थक रहे नेता एकजुट होकर अगले चुनाव के परिपेक्ष्य में बयान पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर दबाव बना सकते हैं.

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