अगले चुनाव में संभव है मुकाबला

अमेरिका का आकलन : पीएम पद के लिए हो सकती है टक्कर

वॉशिंगटन 14 सितंबर. अमेरिकी संसद की रिसर्च सर्विस ने अपने आकलन में कहा है कि 2014 में भारत में होने वाले आम चुनाव में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस के राहुल गांधी के बीच सीधा मुकाबला हो सकता है.

रिपोर्ट के मुताबिक विपक्षी पार्टी बीजेपी के लिए 2014 के चुनावों में प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी मजबूत दावेदार होंगे. कांग्रेस की तरफ से राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद के लिए आगे करने की संभावना भी जताई गई है.
राहुल गांधी के बारे में टिप्पणी करते हुए सीआरएस रिपोर्ट कहती है, राहुल गांधी के बारे में माना जा रहा है कि वह कांग्रेस नेतृत्व के उत्तराधिकारी हैं. रिपोर्ट के मुताबिक,  प्रत्यक्ष उत्तराधिकारी के तौर पर पार्टी का नेतृत्व करने के सवाल, चुनावी रणनीतिकार के तौर पर मिला जुला रिकॉर्ड, सार्वजनिक तौर पर मौजूदगी में सामान्य न रह पाना और गलतफहमी और भूलचूक करने की उनकी छवि है.

रिपोर्ट में यूपीए और कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी के बारे में कहा गया है कि वह सरकार की नीति निर्धारण पर खासा दखल रखती हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, 2004 में प्रधानमंत्री पद को ठुकराने के सोनिया गांधी के आश्चर्यजनक फैसले के पीछे उनका विदेशी मूल का होना बड़ी वजह था. अमेरिकी कांग्रेस की एक रिपोर्ट में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत के सबसे अच्छे प्रशासकों की संज्ञा दी गई है.

कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस (सीआरएस) की भारत आधारित रिपोर्ट में गुजरात को भारत में सबसे अच्छा प्रशासित राज्य बताया गया है. मुख्यमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए कहा गया है कि उनके नेतृत्व में राज्य में आर्थिक विकास को नई गति मिली है. मोदी ने प्रशासन में व्याप्त भ्रष्टाचार और लालफीताशाही से निपटने के लिए कड़े कदम उठाए हैं.

वहीं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए कहा गया है कि नीतीश ने राज्य में दोबारा कानून व्यवस्था का राज स्थापित किया. उन्होंने शिक्षा की बेहतरी के लिए कई उपाय किए और ढांचागत क्षेत्र का विकास कर आम जनता को फायदा पहुंचाया.  रिपोर्ट में उत्तरप्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती के बारे में कहा गया है कि वह राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका निभाने की आकांक्षा रखती है. मायावती ने 2009 में तीसरे मोर्चे की कल्पना रचने में मुख्य भूमिका अदा की थी. मायावती ने अपने राज्य में बिजली आपूर्ति के क्षेत्र में सुधार किया और ढांचागत क्षेत्र के विकास पर ध्यान केंद्रित किया.

सीआरएस रिपोर्ट में पश्चिम बंगाल की नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भी चर्चा की गई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि ममता के जिम्मे देश के सबसे गरीब राज्यों में से एक के विकास की जिम्मदारी है. सीआरएस रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका-भारत कूटनीति सबसे हाल में जुलाई 2011 में देखने को मिली, जब अमेरिका-भारत रणनीतिक वार्ता के दूसरे सत्र में वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों के बड़े प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली का दौरा करके कई वैश्विक और द्विपक्षीय मुद्दों पर विचार विमर्श किया.

इसमें कहा गया कि कई विश्लेषकों का नजरिया है कि अमेरिका-भारत संबंध आगामी दशकों में विश्व के सबसे महत्वपूर्ण रिश्तों में से एक होने जा रहे हैं और ए संबंध काफी फायदेमंद रहेंगे. रिपोर्ट में कहा गया कि सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय पहल जारी हैं लेकिन दोनों देशों के स्वतंत्र विश्लेषकों को चिंता है कि साझेदारी ने हाल के वर्षों में लय खोई है. सीआरएस ने माना है कि 21वीं शताब्दी में दक्षिण एशिया अमेरिकी विदेश नीति के प्रमुख हितों के लिए लगातार महत्वपूर्ण हो रहा है. इसमें कहा गया कि इस क्षेत्र में दबदबा रखने वाले भारत को अक्सर उदीयमान महाशक्ति और अमेरिका के लिए जरूरी साथी के रूप में पेश किया जाता है.

बीजेपी पर रिपोर्ट में कहा गया है, इस समय बीजेपी के अध्यक्ष नितिन गडकरी हैं. महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री की पहचान निजीकरण के समर्थक के तौर पर है. कुछ खामियों के बाजवूद इस बात के संकेत हैं कि बीजेपी ने 2014 के चुनावों में एक बड़ी ताकत के तौर पर सामने आने के लिए जरूरी बदलाव कर लिए हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी ने अपनी छवि एक ऐसी पार्टी तौर पर बनानी शुरू कर दी है जो भावनात्मक और हिंदुत्व से जुड़े मुद्दों की बजाय सुशासन और विकास की हिमायती है. गडकरी ने पार्टी के भीतर असंतुष्टों को कुछ हद तक शांत किया है और अपने कई पूर्ववर्तियों की तुलना में अच्छे रणनीतिकार और बेहतर संगठनकर्ता के तौर पर उभरे हैं.

लेकिन बावजूद इसके पार्टी की तरफ से अगले आम चुनाव में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी होंगे. मोदी ने गुजरात के विकास में अहम योगदान किया है लेकिन 2002 के दंगों के चलते उनकी छवि विवादास्पद है.
कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस (सीआरएस) की भारत पर रिपोर्ट में असरदार तरीके से सरकार चलाने और भारत में विकास के सबसे शानदार मॉडल के तौर पर गुजरात को मान्यता देते हुए राज्य के मुख्यंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की गई है. 94 पन्नों की रिपोर्ट में कहा गया है कि मोदी के नेतृत्व में गुजरात देश के आर्थिक विकास में अहम योगदान दे रहा है.  सीआरएस अमेरिकी संसद का एक हिस्सा है, जो अमेरिकी सांसदों के लिए रिपोर्ट तैयार करती है. मोदी और नीतीश का आकलन करती यह रिपोर्ट 1 सितंबर को अमेरिकी सांसदों को मुहैया कराई गई थी. इस रिपोर्ट को फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट ने सार्वजनिक किया है.

ट्विटर पर मोदी ने सीआरएस की रिपोर्ट में खुद की और गुजरात की तारीफ पर टिप्पणी करते हुए लिखा है, 6 करोड़ गुजरातियों को एक और मान्यता मिली है. अमेरिकी रिपोर्ट गुजरात के प्रभावी शासन की प्रशंसा करती है. जय जय गर्वी गुज.
यूएस ने भी माना मोदी पीएम के प्रवल दावेदार
वाशिंगटन. अमेरिकी कांग्रेस की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 2014 के आम चुनाव से पहले भारत में प्रधानमंत्री पद के संभावित उम्मीदवारों को लेकर बहस जोर पकड़ रही है. अगले चुनाव में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बीच सीधा मुकाबला हो सकता है. अमेरिकी कांग्रेस की दो दलीय स्वतंत्र शोध शाखा ने अपनी नई रिपोर्ट में मोदी को 2014 में भाजपा का मजबूत उम्मीदवार बताया है. साथ ही इस पद के लिए कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी की संभावनाओं पर चर्चा की गई है.
हालांकि भारत के अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक आयामों का ब्यौरा देने वाली इस रिपोर्ट में यह साफ तौर पर इंगित नहीं किया गया है कि 2014 में चुनाव मोदी बनाम गांधी होगा. एक सितंबर की तारीख वाली इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 2009 चुनाव में युवा गांधी को उभरते हुए नेता के रूप में देखा गया और कई उन्हें 2014 में होने वाले चुनावों के लिए कांग्रेस की ओर से प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार मानते हैं.

सीआरएस ने कहा कि पार्टी प्रमुख और संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी का गठबंधन की नीति निर्धारण प्रक्रिया में अच्छा खासा प्रभाव माना जाता है. रिपोर्ट के मुताबिक, राहुल को कांग्रेस नेतृत्व के वारिस के तौर पर देखा जा रहा है. रिपोर्ट में कहा गया कि मोदी भाजपा की ओर से संभावित उम्मीदवारों में से हैं. इसमें कहा गया है कि वर्तमान में भाजपा के अध्यक्ष नितिन गडकरी हैं, महाराष्ट्र के इस पूर्व अधिकारी को निजीकरण के समर्थक के तौर पर जाना जाता है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि भविष्य के चुनावों में पार्टी के संभावित उम्मीदवारों में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी है जिन्होंने अपने प्रदेश में विकास की सफल कहानी लिखी है लेकिन 2002 के मुस्लिम विरोधी दंगों में कथित तौर पर शामिल होने के आरोप के कारण वह इससे भी जूझ रहे हैं.
अमेरिकी कांग्रेस का मोदी, नीतीश के नेतृत्व की सराहना
वाशिंगटन.

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