भोपाल, 13 जून नभासं. राजधानी में मंगलवार को हुई बारिश से पूरे शहर में तबाही का मंजर छाया रहा. तेज तूफान के संग बौछारों ने अपना रौद्र क्या दिखाया मानों राजधानी थम सी गई. सड़कों पर पेड़ गिरने से जाम, आधे से ज्यादा शहर की बिजली बंद से अंधेरा, घरों में पानी का घुसना आदि मुसीबतों का मंजर देख लोग सकते में रहे.

वहीं बारिश ने नगर निगम अमले की भी पोल खोल कर रख दी. शहर के प्रमुख बस्तियों से गुजरने वाले नाले कहर बरपा रहे थे. निचली बस्तियां तालाब सी दिख रही थीं. निगम अमला शहर की तबाही देख भौचक रह गया. उसकी पूरी व्यवस्थाएं धरी की धरी रह गईं. प्री-मानसून के चलते मंगलवार को हुई महज 52 मिमी बारिश से शहर के कई इलाकों में पानी भर गया. हालांकि बारिश के चलते तापमान में सामान्य से पांच डिग्री नीचे चला गया. इसके चलते लोगों को गर्मी से राहत जरूर महशूस की लेकिन परेशानी भी कम नहीं रहीं.

सुबह से ही हल्की ठंडी हवाएं और बादल राजधानी का मौसम खुशनुमा बनाए हुए थी. हालांकि 12 बजे के बाद उमस बढऩे से लोगों को हल्की परेशानी हुई. लोग बादलों को देख बारिश की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन इसके लिए उन्हें शाम तक इंतजार करना पड़ा. दोपहर में कुछ वक्त के लिए सूरज बादलों से बाहर आया,  और धूप ने मौसम को गर्म को गर्म कर दिया.  शाम को हुई बारिश के बाद मौसम फिर से ठंडा हो गया. क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केन्द्र भोपाल के निदेशक डा. डी.पी. दुबे ने बताया कि गोवा और महाराष्ट्र में ऊपरी हवाओं में चक्रवात की स्थिति बनने से तेज हवाओं के साथ वहां से आ रही नमी के कारण मध्यप्रदेश में मानसून पूर्व की बारिश हो रही है.

उन्होंने बताया कि इसके साथ ही प्रदेश के कुछ स्थानों पर स्थानीय पूर्व मानसून की बौछारें भी हो रही है. राजधानी भोपाल में आज 52 मिमी बारिश हुई. झीलों की नगरी में आज अपरान्ह तक तेज गर्मी रही लेकिन शाम को करीब साढे चार बजे आंधी और तेज हवाओं के साथ करीब दो घंटे तक बारिश की बौछारें पडी और रूक-रूक कर अब भी बूंदाबांदी देर रात तक जारी रही है. इस दौरान नगर में अनेक स्थानों पर पेंड धराशायी हो गये, हॉर्डिग उखड गये नगर के अरेरा कॉलोनी स्थित मौसम विज्ञान केन्द्र परिसर में पीपल सहित तीन विशाल पेड धराशायी हो गये,  जिससे सडक अवरद्ध हो गई.

जाम-अंधेरा और घरों में पानी

मानसून के पहले मंगलवार को हुई इस बारिश ने शहर को तबाह कर दिया. सड़कों पर जाम की स्थिति और घरों पर अंधेरा छाया रहा. इस दौरान लोगों के घरों में नालों का पानी भी घुसा. एमपीनगर, ज्योति टाकीज, न्यूमार्केट, पूराना शहर, पीएनटी चौराहा समेत शहर के प्रमुख सड़कों पर देर रात तक जाम लगा रहा. इस दौरान यह स्थिति बनी रही की एक वाहन आधे घंटे में एक चौराहा पार कर रहा था. वहीं सड़कों के किनारे खड़े अधिकतर वाहनों पर पेड़ गिरने से वाहन भी छतिग्रस्त हो गए. तेज हवाओं के चलते शहर में हजारों पेड़ धराशाई हो गए. कुछ पेड़ बिजली के खंबों पर जा गिरे जिससे आधे से ज्यादा शहर की बिजली सप्लाई देर रात बंद रही.

आनन-फानन में बिजली विभाग व निगम अमले ने कुछ क्षेत्रों की विद्युत व्यवस्था को सुधारा, लेकिन वह भी नाकामी साबित हुईं. इसी तरह शहर के नाले भी उफान पर आ गए . जिससे शहर के कई निचली बस्तियों जलमग्न हो गई. अनेकों घरों में पानी घुस गया, लोग घरों से निकलकर बाहर बैठे रहे.

देर रात सुधरी कुछ क्षेत्रों की बिजली

शाम चार बजे से जैसे ही बारिश शुरू हुई वैसे ही शहर की बिजली सप्लाई विभाग ने बंद कर दी. इसके बाद तेज तूफान से धराशाई हुई बिजली व्यवस्था देर रात तक में ही सुधर पाई. वह भी एक-दो क्षेत्रों की. बताया जाता है कि शहर के प्रमुख बिजली केन्द्र के पास हाईटेंशन लाइन के टॉवर पर पेड़ गिर गया था, इस कारण राजधानी की पूरी व्यवस्था चरमरागई. हालांकि देररात उस पेड़ को टॉवर से उठा लिया गया.

आपदा कक्ष नहीं आ सका काम

नगर निगम ने बाढ़ व अन्य आपदा की स्थिति से निपटने के लिए मुख्य आपात कक्ष बनाया था. इसमें फोन नंबर 2542222 पर कॉल कर आपदा की सूचना दी जाती थी. लेकिन मंगलवार को जैसे ही बारिश ने कहर ढ़ाया और आपदा व्यवस्था की पोल खुल गई. लोग फोन करते रहे की हमारे घर व सड़क के पास पेड़ गिर गया, घर में पानी भर गया, नाले जाम है आदि समस्याएं लोग फोन से बताते रहे लेकिन निगम का आपदा कक्ष किसी तरह से मदद नहीं कर पाया. दिखावे के लिए सिर्फ एमपी नगर के कुछ इलाकों में एक दो पेड़ सड़क से उठाए गए. लेकिन उनसे कोई ज्यादा फायदा नहीं दिखा.

यहां-यहां तबाही का मंजर

शहर के महाराणा प्रताप नगर में आयकर विभाग के कार्यालय के सामने भी पेंड गिरने से रास्ता बाधित हो गया. प्रोफेसर कालोनी में सैकड़ों पेंड गिरे, पुलिस कंट्रोल रूम में पेड़ गिरने से एक दो वाहन के कांच टूट गए. लिंक रोड नंबर एक में दो से ज्यादा पेड़ गिरे. प्रभात पेट्रोल पंप के पास एक बच्चा हवा की तीव्रता के कारण नाले में गिरा, हालांकि उसे लोगों ने बचा लिया. बारिश से नगर के कई नाले ओवरफ्लो हो गये और निचले इलाकों में पानी जमा हो गया. इस दौरान अनेक क्षेत्रों में विद्युत तारों पर पेंड गिरने और तारों के टूटने से बिजली भी गुल हो गई .

भोपाल में 52 मि मीटर वर्षा

मौसम विभाग के अनुसार पिछले चौबीस घंटों में भी सागर, होशंगाबाद, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर एवं चंबल संभागों में भी कहीं.कहीं वर्षा हुई, इस दौरान भोपाल में 2 से.मी तथा राजगढ और पचमढी में एक एक से.मी.बारिश दर्ज हुई. इसके बावजूद भोपाल का अधिकतम तापमान 38.8 और ग्वालियर का 40 रहा जो सामान्य से एक एक डिग्री अधिक है. इंदौर का 38.4 एवं जबलपुर का 4..3 रहा जो सामान्य से क्रमश: दो और तीन डिग्री अधिक हैं. विभाग ने अगले 24 घंटों में प्रदेश के लगभग सभी संभागों के जिलों में कहीं कहीं गरज चमक के साथ बौछारें पडने की संभावना व्यक्त की है.

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