नई दिल्ली. 2जी मामले में सुनवाई के खिलाफ महीने भर के विरोध के बाद पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा ने गुरुवार को सीबीआई के महत्वपूर्ण गवाह और अपने पूर्व अतिरिक्त निजी सचिव असेरवर्तम आचारी से जिरह के साथ अपना बचाव शुरू किया.

सीबीआई के 12 दिसंबर को एस्सार, लूप और उनके प्रवर्तकों के खिलाफ अपना तीसरा आरोप-पत्र दायर करने के बाद राजा ने अपना विरोध वापस ले लिया. आचारी के साथ जिरह कुछ देर के लिए रोकनी पड़ी जब उन्होंने कहा कि अदालत कक्ष में बैठे एक शख्स से उनकी जान को खतरा है. संदिग्ध ने अदालत कक्ष को छोड़ दिया लेकिन अदालत परिसर में ही वह दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ गया. उसे न्यायाधीश के समक्ष पेश कर दिल्ली पुलिस की हिरासत में सौंप दिया गया.

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