नई दिल्ली.. बेअंत सिंह हत्याकांड के दोषी बलवंत सिंह राजोआना की फांसी पर केंद्र ने रोक लगा दी है. राजोआना को 31 मार्च को फांसी दी जानी थी. इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री बादल ने बुधवार शाम राष्ट्रपति से मुलाकात की और उन्हें दया याचिका सौंपी. राष्ट्रपति ने दया याचिका गृह मंत्रालय को भेज दी. इस दया याचिका के चलते केंद्र ने राजोआना को 31 मार्च को फांसी देने पर फिलहाल रोक लगा दी है.

गौरतलब है कि चंडीगढ़ की अदालत ने आदेश दिया था कि राजोआना को 31 मार्च को फांसी दी जाए. कोर्ट के इस आदेश के बाद पूरे पंजाब में हाई अलर्ट जारी है और राज्य के कई हिस्सों में निषेधाज्ञा लगी हुई है. राजोआना को फांसी की सजा के विरोध में कट्टरपंथी सिख संगठनों ने बुधवार को पंजाब बंद का आह्वान किया. बंद से राज्य के अलग – अलग हिस्सों में सामान्य जनजीवन पर असर पड़ा. सीबीआई की विशेष अदालत ने बेअंत सिंह हत्या मामले में 1 अगस्त 2007 को राजोआना और जगतार सिंह हवाड़ा को मौत की सजा सुनाई थी.

चंडीगढ़ की अदालत ने च् डेथ वॉरंट च् इस महीने पटियाला जेल प्राधिकरण को दे दिया. उनसे 31 मार्च को फांसी की तामील करने को कहा गया. गौरतलब है कि 31 अगस्त 1995 को बेअंत सिंह आत्मघाती बम हमले में मारे गए थे. जिस समय आत्मघाती हमला हुआ सिंह चंडीगढ़ में पंजाब सचिवालय स्थित उच्च सुरक्षा वाले अपने दफ्तर से निकल रहे थे. इस घटना में 17 अन्य लोग मारे गए थे. योजना के तहत हमले में दिलावर के नाकाम होने पर राजोआना को दूसरे मानव बम के रूप में इस्तेमाल किया जाना था.

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