पुणे, 20 मार्च.  निचली अदालत ने एक बीपीओ कंपनी में कार्यरत 22 वर्षीय युवती की बलात्कार के बाद हत्या करने के दो दोषियों को आज फांसी की सजा सुनाई. मुख्य जिला और सत्र न्यायाधीश अनंत बद्र ने इस बहुचर्चित कांड में लड़की के कार्यालय के दो सहयोगियों को इस मामले में दोषी मानते हुए कहा कि इस बात के पर्याप्त सुबूत हैं कि पुरुषोत्तम बोराटे और प्रदीप कोकडे ने लड़की का अपहरण किया और बलात्कार के बाद उसकी हत्या की और शव को सड़क किनारे फेंक दिया.

इससे पहले सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने अदालत से अपील करते हुए कहा कि ज्योति कुमारी चौधरी के साथ बलात्कार और हत्या के दोषियों को फांसी की सजा दी जाये. विदित हो कि एक नवम्बर 2007 को बोराटे और कोकडे ज्योति को अपराधी उसके घर से यह बहाना करके अपने साथ कार में ले गये कि वे उसे हिंजेनवाडी में स्थित बीपीओ कंपनी में छोड़ देंगे लेकिन वे उसे एक दूरदराज के इलाके में ले गये और दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी. तालेगांव पुलिस ने बाद में मुंबई पुणे राजमार्ग के निकट गांहुजे गांव से उसका शव बरामद किया.

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