भोपाल, 31 मार्च, नभासं. मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने विद्युत दर निर्धारण कर 7.17 प्रतिशत की वृद्धि स्वीकृत की है. इस वृद्धि के संबंध में आदेश जारी कर दिये गये हैं. यह आदेश 10 अप्रैल से प्रभावी होगा.

आयोग के अध्यक्ष के.एस. शाहनी ने शनिवार को पत्रकारों को बताया कि  वहीं ऐसे घरेलू उपभोक्ता जिनकी खपत 30 यूनिट या उससे कम है तो उनकी विद्युत दरों में कोई परिवर्तन नहीं किया जा रहा है. विद्युत घरेलू उपभोक्ता उच्च दाब श्रेणी 6.1 में गैर घरेलू वार्षिक एवं अन्य सामान्य प्रयोजन के उपयोग सीमा में वृद्घि 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक कर दी है. आयोग द्वारा बिलों के भुगतान नियत तिथि के बाद लगने वाले विलम्ब शुल्क को 1.25 प्रतिशत से घटाकर 1 प्रतिशत किया है. इसके अलावा उच्च दाब उपभोक्ता जिनका पावर फेक्टर 99 प्रतिशत या फिर 100 प्रतिशत है तो 99 प्रतिशत हेतु 5 प्रतिशत की दर तथा 100 प्रतिशत के लिये 1 प्रतिशत दर से प्रोत्साहन दर बढ़ाई जा रही है.

भार कारक प्रोत्साहन के ढांचे में पुनरीक्षण आयोग द्वारा दर आदेश में प्रोत्साहन को 15 प्रतिशत से 10 प्रतिशत घटाया गया है जो कि 70 प्रतिशत से अधिक भार कारक पर प्रत्येक प्रतिशत की वृद्घि पर लागू है तथा इसे 70 प्रतिशत से अधिक भार कारण के समतुल्य ऊर्जा प्रभारों पर लागू किया गया है. आयोग द्वारा विद्यमान उच्च दाब 3.1 दर श्रेणी के 33 के.व्ही. एवं 11 के.व्ही. उपभोक्ता जिनकी मांग 100 के व्हीए तक है की वार्षिक न्यूनतम खपत प्रति यूनिट को 900 यूनिट से घटाकर 600 यूनिट कर दिया गया है.  पावर फैक्टर 0.8 या अधिक होने की स्थिति में बैङ्क्षल्डग सरचार्ज नहीं लगेगा. आयोग द्वारा 15 हजार 667 करोड़ रुपये की कुल राजस्व आवश्यकता को ही ग्राह्यï किया है. वहीं अमीटरीकृत उपभोक्ता के बिलिंग मानक को 42 यूनिट प्रतिमाह मानी है.

अब नई दरें

घरेलू उपभोक्ता हेतु 30 यूनिट खपत की दर प्रति यूनिट 2 रुपये 90 पैसे यथावत रखी है. 50 यूनिट से ज्यादा खपत दर प्रति यूनिट 3 रु. 40 पैसे होगी.  51 से 100 यूनिट तक खपत की दर प्रति यूनिट 3.85 पैसे कर दी है. 101 से 300 तक खपत पर दर प्रति यूनिट 4 रुपये 80 पैसे होगी. 301 से 500 तक खपत पर दर प्रति यूनिट 5 रुपये 20 पैसे की है. 500 से अधिक खपत पर 5 रुपये 55 पैसे की गई है. कृषि उपयोग हेतु प्रथम 300 यूनिट प्रतिमाह पर दर 3 रु. 20 पैसे, 301 से 750 यूनिट प्रतिमाह 3 रुपये 75 पैसे, शेष यूनिटों के लिये 4 रुपये और अस्थाई संयोजन के लिये 4 रुपये की नई दर घोषित की है. शहरी क्षेत्रों में 25 एचपी तक प्रति यूनिट पर 3 रुपये 75 पैसे, ग्रामीण क्षेत्रों में 25 एचपी तक प्रति यूनिट पर 3 रु. 75 पैसे, शहरी क्षेत्रों में 25 एचपी से अधिक और 10 एचपी तक प्रति यूनिट 4 रुपये 50 पैसे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 25 एचपी से अधिक 100 एचपी तक प्रति यूनिट 4 रु. 50 पैसे की नई दर लागू होगी. रेलवे ट्रेक्शन 265 केव्हीए पर प्रति यूनिट दर 5 रुपये कर दी है. इसी तरह 11 कि.वा. 50 प्रतिशत लोड फैक्टर तक खपत के लिये दर 4 रु. 65 पैसे होगी. 33 कि.वा. 50 प्रतिशत लोड फैक्टर तक खपत हेतु दर 4 रु. 45 पैसे, 132 कि.वा. श्रेणी 50 प्रतिशत लोड फैक्टर तक खपत के लिये 4 रुपये 35 पैसे प्रति यूनिट तथा 200 कि.वा. पर 50 प्रतिशत लोड फैक्टर तक खपत 4 रु. 25 पैसे प्रति यूनिट की है. औद्योगिक, गैर औद्योगिक एवं शॉङ्क्षपग मॉल हेतु 11 के.व्ही. 50 प्रतिशत  लोड फैक्टर तक खपत के लिये 4 रु. 50 पैसे प्रति यूनिट, 33 के.व्ही. 50 प्रतिशत लोड फैक्टर तक खपत के लिये 4 रुपये प्रति यूनिट, 132 के.व्ही. 50 प्रतिशत लोड फैक्टर तक की खपत के लिये 3 रु. 80 पैसे प्रति यूनिट तथा 200 से 400 के.व्ही. हेतु 50 प्रतिशत लोड फैक्टर तक खपत के लिये 3 रुपये 70 पैसे कर दी है.

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