नयी दिल्ली, 16 सितम्बर. रिजर्व बैंक की कल घोषित की जाने वाली दूसरी तिमाही के मध्य की रिण एवं मौद्रिक नीति में किसी बडे बदलाव की उम्मीद कम ही है .रिजर्व बैंक ब्याज दरों में कटौती किए जाने से पहले मुद्रास्फीति को लेकर काफी सतर्क है और ऐसी संभावना है कि वह अभी कुछ और इंतजार करेगा .

गौरतलब है कि सकल उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति की दर अगस्त माह में बढकर जून के 6.87 प्रतिशत की तुलना में 7.55 प्रतिशत पर पहुंच गई . सरकार ने पिछले सप्ताह आर्थिक सुधारों की दिशा में तेजी से कदम बढाने की कवायद की है. डीजल की कीमतों में पांच रुपए प्रति लीटर की एकबारगी की सबसे अधिक बढोतरी जैसे बडा कदम उठाया है . इसे देखते हुए विशलेषक मान रहे हैं कि डीजल के दाम बढने से मुद्रास्फीति पर कुल मिलाकर एक प्रतिशत का इजाफा हो सकता है . ऐसे में रिजर्व बैंक गवर्नर डी सुब्बाराव ब्याज दर में कमी किए जाने से पहले कुछ और इंतजार करने को अधिक तरजीह दे सकते हैं . इस वर्ष अप्रैल में डा. सुब्बाराव ने ब्याज दर में आधा प्रतिशत की कटौती कर सबको चौंका दिया था .

देश के सबसे बडे वाणिज्यिक बैंक भारतीय स्टेट बैंक के प्रमुख प्रतीप चौधरी का मानना है कि रिजर्व बैंक रैपो दर में तो शायद ही कोई बदलाव करे किंतु उम्मीद है कि वह नगद सुरक्षित अनुपात.सीआरआर. को एक प्रतिशत कम कर दे 1 ओरियंटल बैंक आफ कामर्स के प्रमुख एस एल बंसल का मानना है कि रैपो दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती की जा सकती है. वर्ष 2008 के वैश्विक आर्थिक संकट के बाद रिजर्व बैंक ने दरों में बढोतरी का लंबा सिलसिला बनाया. अक्टूबर 2010 से दिसम्बर 2011 तक ब्याज दरों में लगातार वृद्धि का सिलसिला रहा. इस दौरान बैंक ने रैपो दर को 4.25 प्रतिशत बढाकर 8.50 प्रतिशत किया. बैकिंग तंत्र में तरलता की किल्लत को देखते हुए जनवरी में सीआरआर में आधा प्रतिशत की कटौती की गई. इसके बाद मार्च में सीआरआर 75 प्रतिशत घटाया गया. अप्रैल में वार्षिक नीति की घोषणा के समय बैंक ने रेपो दर में आधा प्रतिशत की कमी कर सबको चौंका दिया. विश्लेषक मान रहे हैं कि पिछले सप्ताह सरकार ने जिस तरह आर्थिक सुधारों की दिशा में लंबे अंतराल के बाद बडे फैसले किए हैं. डा. सुब्बाराव भी कुछ चौंका दें तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए. वैसे अधिक संभावना इसी बात की है कि रिजर्व बैंक इस बात का इंतजार करेगा कि सरकार के फैसलों पर कितना गंभीरता से अमल होता है और वह इसके बाद ही कोई कदम उठाया.

Related Posts: