• रथयात्रा के दौरान प्रधानमंत्री पद की दावेदारी पर आडवाणी ने कहा

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर। बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी की रथयात्रा के तीसरे दिन  प्रधानमंत्री पद पर उनकी दावेदारी का सवाल एक बार फिर जोरदार ढंग से सामने आ गया। बीजेपी नेता उमा भारती ने प्रधानमंत्री पद के लिए आडवाणी का खुलकर समर्थन किया। इसके बाद खुद आडवाणी ने भी कहा कि वह इस बारे में पार्टी के आदेश का पालन करेंगे।

आडवाणी ने नागपुर में कहा था कि उन्हें देश और संगठन से इतना कुछ मिल चुका है जो प्रधानमंत्री पद से भी बहुत ज्यादा है। उनके इसी बयान के सहारे यह बात प्रचारित की जा रही थी कि वह प्रधानमंत्री पद की दौड़ से हट चुके हैं। मगर, खुद आडवाणी ने भी इस बारे में भ्रम दूर करते हुए साफ कर दिया कि वह दौड़ से हटे नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि मुझे जितना सम्मान मिला है वह प्रधानमंत्री पद से ज्यादा है और मुझे अब किसी पद की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर पार्टी चाहेगी तो मैं किसी भी जिम्मेदारी को ठुकरा कैसे सकता हूं? उन्होंने कहा कि पिछली बार भी मीडिया में कहा जा रहा था कि जिन्ना वाले बयान के बाद संघ मुझसे खफा है, लेकिन 2009 में पार्टी और संघ सबने मिलकर फैसला किया कि मुझे प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया जाना चाहिए। एक सवाल के जवाब में उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि आज की तारीख में वह प्रधानमंत्री पद संभालने लायक फिटनेस रखते हैं।  देखिए कल की बात कैसे की जाए। आज मैं फिट हूं लेकिन हो सकता है कल मेरी सेहत उतनी अच्छी न रह जाए। जब उनसे दो टूक प्रधानमंत्री पद के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, फैसला पार्टी करेगी और मैं पार्टी के फैसले का पालन करूंगा।

जन चेतना यात्रा भाजपा की नहीं, देश की यात्रा
व्यवस्था परिवर्तन के लिए जन चेतना यात्रा पर निकले भारतीय जनता पार्टी  के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने गुरुवार को कहा कि यह यात्रा उनकी या भाजपा की नहीं बल्कि घोर भ्रष्टाचार पर सरकार की चुप्पी से निराश जनता को मायूसी से उबारकर उसमें नया विश्वास पैदा करने की यात्रा है। जन चेतना यात्रा के क्रम में मंदिरों के शहर वाराणसी पहुंचे आडवाणी ने कहा कि टूजी स्पेक्ट्रम आवंटन और राष्ट्रमंडल खेलों में हुए घोटालों से देश का आत्मविश्वास हिल गया है।

जनता इस बात से चिंतित है कि सरकार इतने भयंकर घोटालों पर कुछ कर क्यों नहीं रही है। इसके कारण निराशा छाई है। हमें भारत के एक-एक नागरिक को इस घोर निराशा से उबारकर उसमें आत्मविश्वास पैदा करना है। उन्होंने कहा कि जन चेतना यात्रा का लालकृष्ण आडवाणी और भाजपा से कोई संबंध नहीं है। यह यात्रा मूलत: इस कल्पना से जुड़ी है कि किसी देश में अगर इस तरह का भ्रष्टाचार चलता रहे और उस देश का इतना धन विदेशी बैंकों में पड़ा रहे तो क्या असीमित संभावनाओं वाला वह देश आगे बढ़ सकता है। भाजपा नेता कलराज मिश्र के नेतृत्व में वाराणसी से शुरू होने वाली जन स्वाभिमान यात्रा को रवाना करने पहुंचे आडवाणी ने कहा कि भ्रष्टाचार ही महंगाई का प्रमुख कारण है। हम विदेश में जमा काला धन वापस लाएंगे और देश के छह लाख गावों को बिजली, पानी, सड़क और स्कूल जैसी मूलभूत सुविधाओं से युक्त किया जाएगा। जो देश आज निर्धन लगता है, वह धनवान हो जाएगा। हमें यह काम करके दिखाना है। भाजपा नेता ने कहा कि हमें 1947 में आजादी मिली। देश को आजाद करवाने वाले महात्मा गाधी, पंडित नेहरू और सरदार भगत सिंह जैसे लोगों ने सोचा था कि कुछ ही सालों में देश की तस्वीर बदल जाएगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। उन्होंने कहा कि मैं देश को यह संकल्प लेते देखना चाहता हूं कि भ्रष्टाचार मिटाएंगे, नया भारत बनाएंगे।

वाराणसी शहर पहुंचे भारतीय जनता पार्टी [भाजपा] के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने गुरुवार सुबह काशी विश्वनाथ मंदिर में जाकर पूजा अर्चना की। उन्होंने काशी को अपना पहला घर बताया। पूजा अर्चना के बाद मंदिर के बाहर संवाददाताओं से आडवाणी ने कहा कि मेरा परिवार कराची में रहता था, जो देश के विभाजन के बाद भारत आ गया। मेरे पिताजी गुजरात में बसना चाहते थे लेकिन मेरी 80 वर्षीया दादी ने पिता से काशी में ही रहने का अनुरोध किया था। आडवाणी ने बताया कि भारत में आने के बाद शुरुआती कुछ वर्षो तक उनका परिवार काशी में ही रहा इसलिए उनका पहला घर काशी ही है।
भाजपा नेता ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मैं कल मुगलसराय में था और आज वाराणसी आया हूं। इन दोनों ही स्थानों से मेरा भावनात्मक लगाव है। इसके साथ ही, भाजपा उपाध्यक्ष कलराज मिश्र की अगुवाई में वाराणसी से और पूर्व पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह के नेतृत्व में मथुरा से शुरू होने वाली जन स्वाभिमान यात्राएं भी प्रारम्भ हो गई। इन यात्राओं का पहला चरण 13 से 22 अक्टूबर तक जबकि दूसरा चरण नौ से 17 नवंबर तक चलेगा। ये यात्राएं 17 नवंबर को अयोध्या में विजय संकल्प समागम के साथ संपन्न होंगी। सिंह की अगुवाई वाली यात्रा 34 जिलों में 216 विधानसभा क्षेत्रों के छह करोड़ 33 लाख 11 हजार मतदाताओं से सीधा संवाद करेगी जबकि मिश्र के नेतृत्व वाली यात्रा 27 जिलों के 153 विधानसभा क्षेत्रों के चार करोड़ 46 लाख नौ हजार 711 मतदाताओं तक पहुंचेगी।

आडवाणी पीएम के योग्य उम्मीदवार : उमा
उमा भारती ने कहा कि आडवाणी प्रधानमंत्री पद के सबसे काबिल उम्मीदवार हैं। उन्होंने कहा कि आडवाणी की यह यात्रा बीजेपी को तगड़ा समर्थन दिलाएगी और चुनाव के बाद केंद्र में बीजेपी की सरकार बनेगी। स्वाभाविक रूप से उमा भारती के इस बयान के बाद एक बार फिर यह सवाल उछल पड़ा कि क्या आडवाणी अब भी पीएम पद की दौड़ में शामिल हैं?

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