भोपाल,10 नवम्बर नभासं. भारतीय  जनता पार्टी मध्यप्रदेश की अनुशासन समिति की दो दिवसीय बैठक समिति के अध्यक्ष पूर्व सांसद कैलाश सारंग की अध्यक्षता में आज संपन्न हुई. बैठक में 2009 सहित पुराने लम्बित अनुशासनहीनता के कुल 446 मामलों में सदस्यों ने गहन विचार विमर्श किया. समिति ने जिलानुसार प्राप्त सभी मामलों का पहले वाचन किया. अभी तक प्राप्त अनुशासनहीनता करने वाले कार्यकर्ताओं द्वारा भेजे गए माफीनामों पर भी गौर किया. जिला समिति की अनुशंसा की रिपोर्ट को भी देखा. समिति ने सभी मामलों पर विस्तार से समीक्षा की.

सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद  समिति ने सर्वसमिति से निर्णय किया है कि अनुशासनहीनता के जिन प्रकरणों में दोषियों का खेद व माफीनामा प्राप्त हो गया है जिनकी जिला समिति ने भी अपनी अनुशंसा के साथ सहमति की रिपोर्ट दी है उन सभी को आम माफी और चेतावनी देकर बहाल कर दिया जावे. कुछ प्रकरणों को गुणदोषों के आधार पर समिति ने अभी लम्बित रखने का निर्णय लिया. जिनका फैसला आगे होने वाली बैठकों में किया जाएगा. समिति के सामने कुल 446 मामले आए थे जिन  पर विचार कर निर्णय लिया वे  जिन्हें अनुशासनहीनता के प्रकरणों से समिति ने बहाल किया है वह इस प्रकार है. भावसिंह लोधी दमोह, वीरेन्द्र चौरसिया छतरपुर, जसपाल अरोरा सीहोर, भागीरथ पाटीदार भोपाल ग्रामीण, पुष्पेन्द्र सिंह सतना आदि हैं. समिति ने जिन प्रकरणों  को लम्बित रखा है वे अधिकांशं ग्वालियर , नीमच , बैतूल जिलों के हैं जबकि मुरैना, शिवपुरी आदि के एक एक दो दो नाम है. क्योंकि इन मामलों में समिति ने बहाली के लिए जो मापदण्ड तय किए हैं उनकी पूर्ति नहीं हो पाई है.समिति में विचार करते समय  उमरिया जिले के  जिलाध्यक्ष ने बताया  कि हमारे जिले में  भाजश में गए कुछ कार्यकर्ताओं के  अलावा कोई विद्रोही कार्यकर्ता नहीं है उमा के भाजपा में आने के बाद वे सभी कार्यकर्ता भाजपा में काम कर रहे हैं. समिति की इस विषय में राय बनी जो कार्यकर्ता उमा के साथ भाजश में गए थे यदि वे पुन: भाजपा में आने के लिए निवेदन करना चाहते हैं उन्हें गुणदोषों के आधार पर वापस पार्टी में ले लिया जाना उचित है. समिति की दो दिवसीय बैठक में अध्यक्ष  सारंग के अतिरिक्त रविनंदन सिंह पूर्व सांसद, सरदार प्यारा सिंह ओर डॉ. उमाशशि शर्मा उपस्थित थे.

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