दिग्गजों का फ्लॉप शो, गंभीर, सचिन, लक्ष्मण, अश्विन ने लगाए अर्धशतक

सिडनी, 6 जनवरी. आस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों के आगे दिग्गज बल्लेबाजों से सजी भारतीय टीम को एक और शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा है. चार अर्धशतकों के बावजूद भारत दूसरे टेस्ट मैच के चौथे दिन मेजबान टीम के हाथों एक पारी और 68 रनों हार गया. इस हार के साथ ही भारत का आस्ट्रेलिया में पहली बार टेस्ट सीरीज जीतने का सपना भी ध्वस्त हो गया.

बेन हिलफेनहास (5/106) की अगुआई में आस्ट्रेलिया ने भारत की दूसरी पारी 400 रनों पर समेट दी. पहली पारी के आधार पर 468 रनों से पिछडऩे के बावजूद भारत चार सौ रन बनाने में सफल रहा. भारत की तरफ से गौतम गंभीर ने सर्वाधिक 83 रन जबकि सचिन तेंदुलकर (80), वीवीएस लक्ष्मण (66), आर अश्विन (63) ने भी अर्धशतक जमाए. एक समय जब लग रहा था कि भारत तीन सौ रन पहले ही आउट हो जाएगा ऐसे में अश्विन ने जहीर खान (35 रन, 26 गेंद, 5 चौका व 1 छक्का) के साथ आठवें विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी कर टीम को तीन सौ के पार पहुंचाया. इसके बाद उन्होंने ईशांत शर्मा (11) और उमेश यादव (नाबाद 0) के साथ खेलते हुए टीम को चार सौ का आंकड़ा भी छुआ दिया. अश्विन के रूप में भारत का अंतिम विकेट गिरा. उन्होंने 76 गेंदों में नौ चौके व एक छक्के की मदद से 62 रनों की पारी खेली. आस्ट्रेलिया की तरफ से हिलफेनहास और जेम्स पैटिसंन ने 100 से ज्यादा रन खर्च किए. इस हार के साथ ही भारत चार मैचों की सीरीज में 0-2 से पिछड़ गया है.

हिलफेनहास और पीटर सिडल (2/88) ने दूसरे सत्र में 15 रन पर चार विकेट हासिल करके भारत के मध्यक्रम की रीढ़ तोड़ दी. इससे पूर्व पहले सत्र में बल्लेबाजों का दबदबा रहा जिसमें 27 ओवर में टीम इंडिया ने 129 रन जोड़कर सिर्फ एक विकेट गंवाया. इससे पूर्व भारत ने पहली पारी में 191 रन बनाए थे जिसके जवाब में आस्ट्रेलिया ने चार विकेट पर 659 रन पर पारी घोषित की. तेंदुलकर एक बार फिर सौवें अंतरराष्ट्रीय शतक के करीब पहुंचकर चूक गए. उन्होंने वीवीएस लक्ष्मण (66) के साथ चौथे विकेट की 103 रन की साझेदारी की.  लंच के बाद लक्ष्मण ने सिडल पर दो चौके मारे जबकि तेंदुलकर ने माइकल क्लार्क की गेंद को मिड आन पर एक रन के लिए खेलकर 100 रन की साझेदारी पूरी की. इस बीच जब लग रहा था कि तेंदुलकर इस बार अंतरराष्ट्रीय शतकों पर शतक पूरा कर लेंगे तब क्लार्क की फिरकी का जादू चल गया. क्लार्क की आफ स्टंप के बाहर से अंदर की ओर आती गेंद को तेंदुलकर ने रक्षात्मक तरीके से खेलने की कोशिश की लेकिन यह उनके बल्ले का बाहरी किनारा लेती हुई विकेटकीपर ब्रेड हैडिन के ग्लव्स से टकराती हुई पहली स्लिप में खड़े माइक हसी के हाथों में पहुंच गई.

इस दिग्गज बल्लेबाज ने अपनी पारी में 141 गेंद का सामना किया और नौ चौके जड़े. तेंदुलकर ने अपना पिछला अंतरराष्ट्रीय शतक विश्व कप के दौरान नागपुर में 12 मार्च को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जड़ा था जब उन्होंने 111 रन की पारी खेली थी. तेंदुलकर तब से अब तक 21 पारियों में अपने सौवें शतक का इंतजार खत्म करने में नाकाम रहे हैं. क्लार्क ने इसके दो ओवर बाद नई गेंद ले ली और एक बार फिर भारतीय बल्लेबाजों की कमियां उजागर हो गई. हिलफेनहास ने नई गेंद के दूसरे ओवर की पहली गेंद पर ही लक्ष्मण को बोल्ड कर दिया जिन्होंने 119 गेंद का सामना करते हुए सात चौके जड़े. युवा विराट कोहली ने पैटिंसन पर लगातार दो चौके जड़े लेकिन हिलफेनहास ने अपनी ही गेंद पर कप्तान धौनी (2) को लपक लिया. पैटिंसन ने इसके बाद कोहली पगबाधा करके भारत को सातवां झटका दिया. जहीर खान (35) और अश्विन ने आठ ओवर में 56 रन जोड़कर निचले क्रम को ढहने से बचाया. दोनों ने कुछ अच्छे शाट खेले और टीम का स्कोर 300 रन के पार पहुंचाया. पीटर सिडल ने जहीर को प्वाइंट पर शान मार्श के हाथों कैच कराकर उनकी पारी का अंत किया. उन्होंने 26 गेंद की अपनी पारी में पांच चौके और एक छक्का मारा.

इससे पूर्व भारत ने आज सुबह दो विकेट पर 114 रन से आगे खेलना शुरू किया और सुबह के सत्र में सलामी बल्लेबाज गंभीर (83) का विकेट गंवाया. कल रक्षात्मक बल्लेबाजी करने वाले तेंदुलकर ने हिलफेनहास को निशाना बनाया और आज अपने पहले पांच चौके इसी तेज गेंदबाज पर जड़े. आठ रन से आगे खेलने उतरे तेंदुलकर ने आफ साइड के बाहर की गेंदों पर निर्ममता दिखाई और कई आकर्षक स्क्वायर कट खेले. गंभीर ने पैटिंसन की गेंद को स्लिप क्षेत्र से चार रन के लिए भेजा. टीम इंडिया ने दिन के पहले दो ओवर में 18 रन जोड़े. तेंदुलकर और गंभीर जब अच्छी लय में दिख रहे थे जब कप्तान माइकल क्लार्क ने गेंद सिडल को थमाई जिन्होंने अपनी दूसरी गेंद पर ही गंभीर को डीप प्वाइंट पर डेविड वार्नर के हाथों कैच करा दिया. उन्होंने 83 गेंद की अपनी पारी के दौरान 142 गेंद का सामना किया और 11 चौके जड़े. पिछली तीन पारियों में दो, एक और दो रन बनाने वाले लक्ष्मण भाग्यशाली रहे जब सिडल की गेंद पर विकेटकीपर ब्रेड हैडिन ने उनका कैच छोड़ दिया. इस समय लक्ष्मण ने खाता भी नहीं खोला था. हालांकि वह जल्द ही लय में आ गए. उन्हें गेंदबाजी आक्रमण में स्पिनर नाथन ल्योन को लगाए जाने का भी फायदा मिला. उन्होंने सिडल की गेंद पर ड्राइव करके चौका जड़ा जबकि ल्योन पर भी कवर ड्राइस से चार रन बटोरे. टीम इंडिया ने आज सुबह से ही सकारात्मक बल्लेबाजी की और पहले घंटे में 13 ओवर में 79 रन जोड़े. इस बीच तेंदुलकर ने फाइन लेग पर दो रन के साथ 89 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया. तेंदुलकर ने सुबह सिर्फ 48 गेंद में 42 रन जोड़े.

विशिष्ट सूची में शामिल क्लार्क

कंगारू कप्तान माइकल क्लार्क ने शुक्रवार को मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को महाशतक से रोककर अपना नाम विशिष्ट सूची में दर्ज कराया. वह दुनिया के केवल पांचवें क्रिकेटर हैं जिन्होंने एक मैच में तिहरा शतक बनाने के अलावा कम से कम एक विकेट जरूर लिया. क्लार्क ने आस्ट्रेलियाई पारी में नाबाद 329 रन बनाए.  इसके बाद तेंदुलकर जब 80 रन पर खेल रहे थे तब कामचलाऊ स्पिनर क्लार्क की टर्न लेती गेंद भारतीय बल्लेबाज के बल्ले का किनारा लेकर स्लिप में माइक हस्सी के पास चली गई. तेंदुलकर इस तरह से लगातार 21वीं अंतरराष्ट्रीय पारी में शतक बनाने से चूक गए.

उन्होंने अपना आखिरी शतक विश्व कप के दौरान 12 मार्च 2011 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ नागपुर में लगाया था. क्लार्क हालांकि इस विकेट से ग्राहम गूच, सनथ जयसूर्या, क्रिस गेल और वीरेंद्र सहवाग की सूची में शामिल हो गए जिन्होंने एक मैच में तिहरा शतक लगाने के अलावा विकेट भी लिया. गूच ने 1990 में भारत के खिलाफ लार्ड्स में 333 रन बनाने के अलावा भारत की पहली पारी में संजय मांजरेकर को आउट किया था. जयसूर्या ने 1997 में कोलंबो में 340 रन बनाने से पहले भारत की पहली पारी में तीन विकेट लिए थे. क्रिस गेल ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2005 में सेंट जोन्स में 317 रन की पारी खेलने से पहले हर्शल गिब्स का विकेट लिया था. सहवाग ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ही 2008 में चेन्नई में जब 319 रन की पारी खेली और दोनों पारियों में एक-एक विकेट भी लिया.

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