राज्य मंत्री मंडल के विस्तार पर बोले दिग्विजय

गुना 16 सितंबर नससे. मप्र मंत्रिमंडल के विस्तार में भ्रष्टाचार में लिप्त मंत्रियों को बर्खास्त करने की बजाए नवाजकर शिवराजसिंह ने इनाम दिया है, जबकि कई मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के आरोप में लोकायुक्त द्वारा जांच की जा रही है.

यह बात कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजयसिंह ने रविवार को राघौगढ़ स्थित लाहोटी कृषि फार्म पर आयोजित पत्रकार वार्ता में कही. वे श्रीमद् भागवत कथा के समापन समारोह में भाग लेने के बाद संवाददाताओं से चर्चा कर रहे थे. श्रीसिंह ने कहा कि शिवराजसिंह चौहान भ्रष्ट मंत्रियों को बर्खास्त कर ईमानदारी का प्रमाण देंगे ऐसी उम्मीद करना व्यर्थ है. क्योंकि राजेन्द्र शुक्ला पर गंभीर आरोप लगे. इनकम टैक्स की भी जांच चल रही है. सुधीर शर्मा को मप्र सरकार ने खनिज में लाभ पहुंचाया. उनके लायसेंस की भी जांच होनी चाहिए. इसके  अलावा दिलीप सूर्यवंशी और सुधीर शर्मा के कारनामों की जांच की जाना चाहिए. एफडीआई रिटेल संबंधी सवाल के जवाब में कांगे्रस के राष्टï्रीय महासचिव ने कहा कि यह 20 शहरों में लागू होगा और इसे लागू करना है या नहीं इसका अधिकार राज्य सरकार को है. इसका फायदा किसान और उपभोक्ताओं को होना है और नुकसान बिचौलियों को. इसका विरोध कर क्या बिचौलियों को फायदा पहुंचाना चाहते हैं. जब चाइना में यह चल रहा है तो फिर हिन्दुस्तान में क्यों विरोध.

डीजल और रसोईगैस की कीमतों में वृद्घि के सवाल पर श्रीसिंह ने कहा कि इस बारे में केन्द्र सरकार को मेरा सुझाव है कि डीजल की राशि सब्सिडी के रूप में किसान और गरीब रसोईगैस उपभोक्ताओं के  खातों में सीधे जमा कर देना चाहिए. इसका विरोध करने वाली भाजपा पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि जब वह सरकार में थे तब वैट आना चाहिए कहते थे और आज उसका विरोध कर रहे हैं. मायावती, मुलायमसिंह आदि के द्वारा विरोध करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनसे बात कर इस मामले में सहमति जुटा ली जाएगी.एक अन्य सवाल के जवाब में श्रीसिंह ने कहा कि सीएजी विनोद राय 2004 के बाद जांच करते हैं लेकिन इससे पहले की नहीं.उन्होंने हैरानी जताई कि रिपोर्ट लोकसभा की बजाए मीडिया में पहले कैसे आ जाती है इसकी भी जांच होना चाहिए. भाजपा द्वारा संसद नहीं चलने देने के सवाल पर श्रीसिंह ने कहा कि संसद हो या विधानसभा इसे चलने में रोड़ा नहीं बनना चाहिए. इसमें कांगे्रस पार्टी ही क्यों न हो. भाजपा के राष्टï्रीय अध्यक्ष नितिन गड़करी द्वारा दिए गए नोटिस के सवाल पर श्रीसिंह ने कहा कि मैं किसी नोटिस का जवाब नहीं देता. पहले भी कई नोटिस मिल चुके हैं, अगर जरूरत होगी तो कोर्ट में जवाब दूंगा.

जल सत्याग्रह के सवाल पर उन्होंने कहा कि डूब  क्षेत्रों के मामले में राज्य सरकार को संवेदनशील होना चाहिए, लेकिन मप्र राज्य सरकार गैरसंवेदनशील है. कांगे्रस के राष्टï्रीय महासचिव श्रीसिंह ने कहा कि पूरे इलाके में सोयाबीन की फसल अच्छी है लेकिन दवाओं का असर इल्लियों पर नहीं हो रहा है.कृषि विभाग को इसकी जांच करनी चाहिए कि दवाओं में मिलावट तो नहीं.

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