बैरागढ़ 25 जुलाई (संवाददाता) संत हिरदाराम नगर स्थित भैसाखेडी के पास कैम्पियन स्कूल द्वारा अवैधानिक रुप से फीस बढोत्तरी एवं सीबीएसई की मान्यता के बगैर स्कूल संचालन को लेकर विधायक जितेन्द्र डागा ने अपने क्षेत्र में चल रहे कैम्पियन स्कूल की कई शिकायतों को ध्यान में रखते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री अर्चना चिटलीस व प्रभारी मंत्री जयन्त मलैया को स्कूल की मान्यता रद्द करने के लिए पत्र लिखा है और कहा है कि कई शिकायते मेरे पास बच्चो के अभिभावको ने स्वयं मुझे की है.

जिला शिक्षा अधिकारी के साथ मैने भी पिछले वर्ष स्कूल का निरीक्षण किया था. कैम्पियन स्कूल की मान्यता संबंधित तथा भवन निर्माण की अनुमति संबंधित दस्तावेजो को मांगा गया था किन्तु तत्कालीन प्राचार्य द्वारा समस्त दस्तावेज मुझे आश्वासन दिया था कि वे जिला शिक्षा कार्यालय में उपलब्ध करा देगे लेकिन आज दिनांक तक कोई भी दस्तावेज जमा नहीं किये. 23 जुलाई को फीस बढोत्तरी के विरोध में अभिभावको द्वारा जिला कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी भोपाल को भी अभिभावको ने ज्ञापन दिया था. ज्ञापन के स्वरुप स्कूल की जांच किये जाने के बाद कई तथ्य सामने आये. बिना सीबीएसई व सुविधाओं के अभाव के अवैध रुप से अभिभावको से विगत 4-5 वर्षो से फीस वसूली की जा रही है.

डागा ने पत्र में लिखा है कि ऐसे स्कूल संचालक के खिलाफ कडी कार्यवाही की जाये शिक्षा मंत्री से उन्होने आग्रह किया कि ऐसे स्कूल संचालक के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाये जो छात्र छात्राओं के भविष्य के साथ स्कूल की मान्यता रद्द की जाये. उल्लेखनीय है कि भोपाल में भी एक स्कूल के खिलाफ अभिभावको ने काफी हंगामा किया था ऐसे बैरागढ में भी कई प्रायवेट स्कूल है जहां छात्र छात्राओ के भविष्य के साथ खिलवाड किया जा रहा है न तो बच्चो के बैठने के लिए कुर्सी टेबल है और न अन्य कोई सुविधाएं उधर ग्रामीण क्षेत्र में भी बगैर डिग्री के कई शिक्षक बच्चो को पढ़ा रहे है न तो उनके पास डीएड व बीएड की डिग्रीया है जबकि स्कूल में पढाने के लिए डीएड व बीएड की डिग्रीया होना अनिवार्य है.

ग्रामीणों में ऐसे कई स्कूल संचालित हो रहे है जहां दसवी एवं बारहवीं तक पढे हुए शिक्षक बच्चो को दसवी की शिक्षा का अध्ययन करा रहे है यह भी संदेह का विषय है इसकी भी जांच की जाना जरुरी है. ग्रामीणो ने क्षेत्रीय विधायक जितेन्द्र डागा एंव स्कूली शिक्षा मंत्री अर्चना चिटलीस से मांग की है. शिक्षा का व्यवसाय करने वाले स्कूल संचालको पर कडी कार्यवाही की जाए जो छात्र छात्राओं को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा पा रहे है.

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