अक्षय तृतीया के महामुहूर्त पर राजधानी में हुए सैकड़ों सामूहिक विवाह सम्मेलन 101 ऊंटों पर निकली दूल्हों की बारात

भोपाल, 24 अप्रैल. अक्षय तृतीया के महामूहुर्त पर आज राजधानी में हजारों जोड़े परिणय सूत्र में बंधे. इस शुभ दिन पर राजधानी में कई स्थानों पर विभिन्न समाजों और संगठनों द्वारा सामूहिक विवाह के आयोजन किए गए.

विवाह के लिए सर्वाधिक शुभ माने जाने वाले मुहूर्त अक्षय तृतीया पर लगभग पंद्रह सौ से अधिक जोड़े परिणमय सूत्र में संघ. सर्वाधिक आकर्षण का केन्द्र दोपहर बाद निकली पाल समाज की बारात रही. जिसमें 101 ऊंटों पर सवार होकर दूल्हे शहर का भ्रमण किए. बाल विवाह रोकने प्रशासन रहा मुस्तैद: सामूहिक विवाहों व सम्मेलनों में बाल विवाह को रोकने प्रशासन मुस्तैद रहा. इसके लिए कलेक्टर के निर्देश पर टीमें गठित की गई जो आयोजन स्थल पर नजर रखे हुए थी. इसे पूर्व कल एक कार्यशाला में कलेक्टर निकुंज श्रीवास्तव ने कहा कि बाल विवाह ऐसी सामूहिक कुरीति है जिसे एक तरफा प्रयासों से रोकना संभव नहीं है.
लगा रहा जाम: अक्षय तृतीया के मौके पर सामूहिक विवाह के दौरान होने वाली ट्रैफिक की समस्या से निपटने के लिए यातायात पुलिस के जवानों को एक दर्जन स्थानों पर तैनात किया गया था. इसके बावजूद सामूहिक विवाह व बारात के कारण सड़कों पर जाम की स्थिति बनी रही. कोलार रोड, करोंद, छोला मंदिर, गांधी नगर, शाहजहाँनी पार्क, द्वारका नगर, काली मंदिर तलैया, कमला नगर आदि क्षेत्रों की प्रमुख सड़कों पर जाम की स्थिति बनी रही.

निकली 46 जोड़ों की बारात

गेहलोत मेवाड़ा राजपूत समाज द्वारा भोपाल सीहोर क्षेत्रीय समिति द्वारा अक्षय तृतीया सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किया गया. आयोजन समिति अध्यक्ष वीरभान सिंह मेवाड़ा एवं समाज सचिव दीपक सिंह ठाकुर ने संयुक्त रूप से बताया कि सामूहिक विवाह सम्मेलन प्रति वर्ष सीहोर भोपाल मेन रोड स्थित ग्राम फंदा, भोपाल में आयोजित किया जाता है. इस वर्ष 46 जोड़ों का सामूहिक विवाह सम्पन्न कराया गया यह सामूहिक विवाह सम्मेलन का 18वां साल है. इस अवसर पर फंदा गार्डन को फूलों से सजाया गया था, जगह-जगह रंगोली बनाई गई, मंत्रोच्चारण शहनाई बैण्डबाजों की धुन से आयोजन स्थल गूंज रहा था. दूल्हे और बाराती बैण्ड बाजे के साथ नाचते हुए विवाह स्थल पहुँचे. दूल्हों बारातियों का स्वागत, तिलक फूल माला के साथ स्वागत गीत, रंगारंग आतिशबाजी से किया गया.

सुहाग की निशानी  बिछिये भेंट

श्री 360 खटीक छत्रीय समाज के विवाह सम्मेलन में भाजपा जिला कार्यकारिणी सदस्य देवेन्द्र योगी द्वारा कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित सभी 37 जोड़ो को भेंट में दुल्हन को सुहाग की निशानी बिछिये एवं चूड़ी भेंट किये गये तथा दूल्हों को चांदी पालिश के सिक्के भेंट किये तथा नवयुवक दंपत्तियों को कुशल पारिवारिक जीवनयापन करने का आशीर्वाद दिया. जिसमें योगी का खटीक समाज के प्रदेश अध्यक्ष पंचम लाल सपरे एवं अन्य कार्यकर्ताओं द्वारा साल एवं श्रीफल से सम्मान किया. इस अवसर पर बी.डी.ए. के अध्यक्ष भाजपा नेता सुरेन्द्रनाथ सिंह, सम्मेलन के अध्यक्ष हरिओम खटीक, अनु. ज. महामंत्री अमर सिंह खटीक, विष्णु खटीक, विजय किरार, कमल सेजवार, गणेश बडोले, अजय खटीक तथा बड़ी मात्रा भाजपा कार्यकार्ता एवं सम्मेलन के कार्यकर्ता उपस्थित थे.

773 जोड़े बंधे परिणय सूत्र में

अक्षय तृतीया के पुनीत अवसर पर मुख्यमंत्री कन्यादान योजनांतर्गत राजधानी के रतन कालोनी करोंद, छोला दशहरा मैदान, बिट्टन मार्केट दशहरा मैदान, चांदबड़ और कोटरा स्थित राम मंदिर में सामुहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किये गये. जिनमें 773 से जोड़े परिणय सूत्र में बंधे. महापौर कृष्णा गौर ने छोला दशहरा मैदान में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में पहुँचकर नवदाम्पतियों को आशीर्वाद दिया एवं प्रमाण पत्र भी वितरित किये जबकि विधायक विश्वास सारंग ने रतन कालोनी करोंद में नव दम्पत्तियों को आशीर्वाद दिया. इस अवसर पर महापौर परिषद की सदस्य श्रीमती ममता तिवारी अपर आयुक्त प्रमोद शुक्ला आदि भी मौजूद थे.
मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत नगर निगम भोपाल द्वारा सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किये गये. करोंद स्थित रतन कालोनी में 414, छोला दशहरा मैदान में 227, कोटरा में 25, विट्ïटन मार्केट में 97 तथा चांदबड़ में 10 जोड़े दाम्पत्य सूत्र में बंधे.

कन्यादान योजना में 25 कन्याओं का हुआ विवाह

सिलाई मशीन, गैस-चूल्हा, कुकर, पंखा, पलंग सहित इतना सामान मेरी बहन को मिला जो हम कभी नहीं दे सकते थे. यह बात सुनीता के भाई राजू ने बतायी. सुनीता का आज कमला नगर में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के सामूहिक विवाह सम्मेलन में राहुल के संग विवाह हुआ. सम्मेलन में सुनीता, प्रियंका, मनीषा, काजल, कल्पना, सपना, ज्योति, सोनिया, बबीता सहित 25 कन्याओं का विवाह हुआ. गृह मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने वर-वधु को आशीर्वाद दिया.

विवाह सम्मेलन में गृह मंत्री गुप्ता ने कहा कि अभी तक जिनकी कन्या होती थी वही विवाह की जिम्मेदारी निभाता था. लेकिन अब सभी कन्याओं के विवाह की जिम्मेदारी सरकार की है. उन्होंने कहा कि बिटिया को लोग बोझ नहीं समझें. लाड़ली लक्ष्मी योजना में उसकी पढ़ाई का खर्च होने के साथ ही इतनी राशि उसके नाम से जमा की जाती है कि जब 18 वर्ष में उसका विवाह हो तो वह एक लाख 21 हजार  लेकर वह ससुराल जाये. स्कूल में भी ड्रेस, पुस्तकें, भोजन सब-कुछ नि:शुल्क मिलता है. श्री गुप्ता ने बुजुर्गों के लिए शुरू की गयी तीर्थ-यात्रा योजना के बारे में भी बताया. उन्होंने विवाह समारोह के आयोजक मोतीलाल ठाकरे और उनके सहयोगियों की सराहना करते हुए कहा कि अगले वर्ष 51 कन्याओं का विवाह कराएँ. सम्मेलन में जन-प्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे. मुख्यमंत्री कन्यादान योजना का अनुचित लाभ लेने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिये अब यह अनिवार्य कर दिया गया है कि इस योजना में सामूहिक विवाह समारोह में लगाये जाने वाले पोस्टरों और बेनरों पर मुख्यमंत्री तथा सामाजिक न्याय मंत्री का चित्र भी लगाना अनिवार्य होगा.

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