RBIनई दिल्ली, 1 जनवरी.भारतीय रिजर्व बैंक ने माइक्रो सेक्टर में निवेश की सीमा में बढ़ोतरी कर दी है। रिजर्व बैंक ने इसके तहत मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में प्लांट और मशीनरी पर 10 लाख रुपये तक के निवेश को और सेवा क्षेत्र में चार लाख रुपये तक के निवेश को माइक्रो सेक्टर के तहत कर दिया है। अभी यह सीमा पांच लाख रुपये और दो लाख रुपये थी।

आरबीआई के इस कदम से बैंकों को माइक्रो सेक्टर को कर्ज देने का लक्ष्य पूरा करने में आसानी होगी। इसका फायदा छोटे कारोबारियों को ज्यादा कर्ज देने के रूप में मिलेगा। माइक्रो सेक्टर को मिलने वाला कर्ज प्राथमिकता क्षेत्र में आता है। बैंक निवेश सीमा में बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे। नए नियम के तहत बैंकों द्वारा छोटे और मझोले उपक्रमों को दिए गए कर्ज में से 40 फीसदी कर्ज मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में प्लांट और मशीनरी पर 10 लाख रुपये तक के निवेश करने वाली और सेवा क्षेत्र में चार लाख रुपये तक के निवेश करने वाली कंपनियों को देना होगा। जबकि 20 फीसदी कर्ज मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में 10 से 25 लाख रुपये तक के निवेश करने वाली कंपनियों और सेवा क्षेत्र के तहत 4 से 10 लाख रुपये तक का निवेश करने वाली कंपनियों को देना होगा।

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