सुकुमारन को इस बात का कोई मलाल नहीं है कि बॉलीवुड में उनकी पहली फिल्म अइया को पूरी तरह रानी मुखर्जी की फिल्म के रूप में प्रचारित किया जा रहा है. पृथ्वीराज ने बताया कि यह बॉलीवुड की फिल्म है और मैं इसमें पूरी तरह से नया हूं. मुझे यह पसंद है. फिल्म पूरी तरह रानी के कंधों पर है और मुझे इसकी खुशी है.

दक्षिण भारत में 80 फिल्में कर चुके सुपरस्टार पृथ्वीराज सुकुमारन को इस बात का कोई मलाल नहीं है कि बॉलीवुड में उनकी पहली फिल्म अइया को पूरी तरह रानी मुखर्जी की फिल्म के रूप में प्रचारित किया जा रहा है. पृथ्वीराज ने बताया कि यह बॉलीवुड की फिल्म है और मैं इसमें पूरी तरह से नया हूं. मुझे यह पसंद है. फिल्म पूरी तरह रानी के कंधों पर है और मुझे इसकी खुशी है. मुझे इस बात की खुशी है कि लोग इस फिल्म को रानी मुखर्जी की फिल्म मानकर देखने जाएंगे और मुझे उसमें पाएंगे. वैसे यह दो लोगों के प्रेम की कहानी है और ये दो लोग हैं-रानी और मैं. निर्माता अनुराग कश्यप की इस फिल्म आइया में रानी और पृथ्वीराज मुख्य किरदारों में हैं. इसमें रानी एक मराठी लड़की की भूमिका में हैं जिसे एक दक्षिण भारतीय लड़के से प्यार हो जाता है. पृथ्वीराज मलयाली, तमिल, और तेलुगू फिल्मों में काम कर चुके हैं.

फिल्म वास्तवम, इंडियन रूपी, क्लासमेटस और मणि रत्नम की रावण और उर्मी के तमिल संस्करण में उन्होंने दमदार भूमिकाएं निभाईं हैं. पृथ्वी ने कहा कि मुझे समझने की जरूरत है कि मैं बॉलीवुड में बिल्कुल नया हूं. दक्षिण में मैंने जो 80 फिल्में की हैं या वहां मैंने जो भी हासिल किया है, उसका यहां बॉलीवुड के काम से कुछ लेना देना नहीं है. रानी ने कुछ कुछ होता है, ब्लैक, हम तुम और वीर जारा जैसी हिट फिल्में दी हैं. पिछली बार उन्होंने नो वन किल्ड जेसिका जैसी राजनीति और अपराध की थ्रिलर फिल्म में भी काम किया था जिसे आलोचकों की काफी सराहना मिली. पृथ्वी ने कहा कि अभी यह फिल्म जाहिर तौर पर रानी की जिम्मेदारी है क्योंकि जैसे ही रानी जैसा कोई बड़ा सितारा किसी फिल्म में दाखिल होता है तो वह फिल्म उन्हीं का प्रोजेक्ट बन जाती है. मुझे लगता है कि इस तरीके से अपनी शुरूआत करना अच्छा है.

Related Posts:

मोदी बनाम राहुल में तुलना बेमानी
प्रदेश भर में कांग्रेस आज प्रदर्शन करेगी
भविष्य निधि कार्यालय भोपाल में क्षेत्रीय समिति की बैंठक में प्रगति रिपोर्ट पर ह...
भूमि विधेयक पर गतिरोध: मोदी ने बुलाया,15 सीएम नहीं आए
मून भारत पाक के बीच मध्यस्थता के लिए तैयार
उप्र 27 सालों में विकास के रास्ते से भटक गया है : शीला दीक्षित