कर्तव्य पर्व समापन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री चौहान

भोपाल, 2 अक्टूबर. मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि अधिकारों के साथ कत्र्तव्यों की बात भी हो। उन्होंने आज कर्तव्य पर्व शपथ कार्यक्रम में छात्राओं को मूल कत्र्तव्यों की शपथ दिलाई। शपथ कार्यक्रम का आयोजन टीटी नगर स्थित कमला नेहरू हायर सेकेण्ड्री स्कूल में किया गया था।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि कत्र्तव्य पर्व का आयोजन एक सकारात्मक पहल है। उन्होंने कहा कि समाज की सोच में परिवर्तन आज की जरूरत है। नवमी में पाँव पूजन के बाद कन्याओं को भूल जाने की प्रवृत्ति उचित नहीं है। कन्याओं को समाज में समान अधिकार मिलेंए यह हर नागरिक का कत्र्तव्य है।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि आज समाज में अधिकार की बात तो सब करते हैंए कत्र्तव्य के मामलों में पीछे हो जाते हैं। उन्होंने प्रश्नोत्तरी के माध्यम से छात्राओं को नागरिक कत्र्तव्यों की महत्ता बताई। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि बेटी बेटे में भेदभाव हिंसात्मक व्यवहार है। बेटे बेटी में ईश्वर ने कोई भेदभाव नहीं किया है। इसलिए मनुष्य को भी बेटा बेटी में अंतर नहीं करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कल को बचाने के लिए लड़का लड़की के जन्म के प्रति भेदभाव को समाप्त करना जरूरी है। वर्तमान समय में जो लिंगानुपात है यदि उसे सुधारा नहीं गया तो अगले वर्षों में लाखों युवकों को जीवन साथी नहीं मिलेगा। कन्याएं समाज के सुखद भविष्य की अनिवार्यता है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि हमारी सामाजिक मान्यताओं में बेटे को बुढ़ापे का सहारा कहते हैं। उन्होंने कहा कि बेटा बुढ़ापे का सहारा बनेगा अथवा नहीं यह कहना कठिन है किन्तु बेटी जीवन की अंतिम साँस तक माँ बाप को याद रखेगी यह निश्चित है।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में बेटियां वरदान हैं बोझ नहीं। बेटी की हर जिम्मेदारी प्रदेश सरकार ने ले ली है। बेटी के जन्मए स्वास्थ्यए शिक्षा दीक्षा और विवाह तक के सभी उत्तरदायित्व के निर्वहन के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित हैं। प्रदेश में बेटियां लाड़ली लक्ष्मी हैं।

स्कूल शिक्षा मंत्री  अर्चना चिटनीस ने कहा कि नागरिकों को मूल अधिकार के साथ ही कत्र्तव्यों का पालन करना भी जरूरी है। कत्र्तव्यों के प्रति सामाजिक चेतना को बढ़ाने के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जन्मदिवस 25 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा कत्र्तव्य पर्व का आयोजन किया गया। इस अवधि में मूल कत्र्तव्यों का स्मरण वाचन के साथ ही देश की स्वतंत्रता के लिए बलिदान देने वाले शहीद भगत सिंह आदि का स्मरण भी किया गया। उन्होंने बालाघाट जिले के अत्यंत गरीब परिवार के छोटे बच्चे द्वारा स्कूल घड़ी की व्यवस्था के लिए मजदूर पिता से पैसे लेने की घटना के माध्यम से श्रोताओं को कत्र्तव्यों का अहसास कराया। इस अवसर पर विद्यालय की छात्राओं ने मप्र गान वंदे मातरम् और राष्ट्रीय गीत का गायन किया।

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