• विम्बलडन

लंदन, 28 जून. छह बार के चैंपियन और तीसरी वरीयता प्राप्त स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर ने इटली के फैबियो फोगनिनि को आज लगातार सेटों में 6-1, 6-3, 6-2 से हराकर विम्बलडन टेनिस चैपिंयनशिप के तीसरे दौर में प्रवेश कर लिया जबकि यूएस ओपन चैंपियन और पांचवी सीड आस्ट्रेलिया की सांता तोसुर को सबसे बड़े उलटफेर में हारकर बाहर हो जाना पड़ा.

महिला वर्ग के बड़े उलटफेर में हालैंड की अरांशा रस ने तोसुर को दूसरे दौर में 6-2, 0-6, 6-4 से पराजित कर दिया. तोसुर ने पहला सेट गंवाने के बाद जोरदार वापसी की और दूसरा सेट बिना कोई गेम गंवाये 6-0 से जीत लिया लेकिन निर्णायक सेट में उनका खेल फिर लडख़ड़ा गया और 4-6 के हार के साथ विम्बलडन में उनका सपना एक बार फिर टूट गया. तोसुर विम्बलडन में पिछले नौ प्रयासों में कभी तीसरे दौर से आगे नहीं जा पायी है. तोसुर के हार के साथ विम्बलडन में आस्ट्रेलिया की एकल में चुनौती पूरी तरह समाप्त हो गयी है.  महिला वर्ग के दो अन्य उलटफेरों में पहले रांउड में 13वीं सीड स्लोवाकिया की डोमिनिका सिबुलकोवा और दूसरे रांउड में 23वीं सीड चेक गणराज्य की पेत्रा सेटकोवस्का को भी हार का मुंह देखना पड़ा.

सिबुलकोवा को चेक गणराज्य की क्लारा जाकोपालोवा ने 6-4, 6-1, से और पेत्रा को अमेरिका की स्लोएन स्टीफंस ने 7-6, 4-6, 6-3 से हराया. महिलाओं में फ्रेंच ओपन उप विजेता और 10वीं सीड इटली की सारा इरानी और 14वीं वरीयता प्राप्त सर्बिया की एना इवानोविच पहले रांउड का मैच जीतकर और 15वीं सीड जर्मनी की सेबादन लिसिकी दूसरे दौर का मैच जीतकर अगले रांउड में प्रवेश कर गईं. फ्रेंच ओपन के फाइनल में चैंपियन मारिया शारापोवा से हारने वानी सारा ने विम्बलडन में शानदार शुरूआत करते हुए अमेरिका की कोको वादेंवेग को 6-1, 6-3 हरा दिया. इवानोविच ने स्पेन की मार्टिन जोस मार्टिनेज को 6-3, 3-6, 6-3 से पराजित कर दिया.

लिसिकी ने सर्बिया की बुयाएना जोवानोवस्की को 3-6, 6-2, 8-6 से हराया. जर्मनी की जूलिया जार्जेस ने इजरायल की शाहर पीर को 6-2, 6-2 से हरा दिया, इस बीच पुरुषों में सातवीं सीड स्पेन के डेविड फेरर पहले दौर में जीत गये जबकि 15वीं सीड अर्जेन्टीना के जुआन मोनाको ने फ्रांस के जेरेमी शार्डी को 6-2, 3-6, 6-3, 7-6 से हराकर तीसरे दौर का टिकट कटा लिया. फेरर ने जर्मनी के डस्टिन ब्राउन को 7-6, 6-4, 6-4 से हराया.

31वीं सीड जर्मनी के फ्लोरियन मेयर ने अपने हमवतन फिलिप पेट्जशनर को कड़े मुकाबले में 3-6, 3-6, 6-4, 6-2, 6-4 से परास्त कर तीसरे दौर में प्रवेश कर लिया लेकिन 25वीं सीड स्विट्जरलैंड के स्टेनिसलास वावरिंका ने आस्ट्रिया के जुएर्गेन मेल्जर को 3-6, 7-6, 2-6, 6-4, 8-6 से पराजित कर दिया.

पोलैंड के लुकास्ज कुबोत ने जापान के तात्सुमा इतो को लगातार सेटों में 7-6, 6-3, 6-3 से हराकर और 21वीं सीड कनाडा के मिलोस रावनिक ने कोलम्बिया के सैंटियागो जिराल्डो को 6-4, 6-4, 6-4 से पराजित कर दूसरे दौर में जगह बना ली.

भूपति-बोपन्ना की जोड़ी दूसरे दौर में

सातवीं वरीयता प्राप्त महेश भूपति और रोहन बोपन्ना की जोड़ी ने पहले राउंड में गैरवरीय जोड़ी उरुग्वे के मार्सेल फेल्डर और ट्युनिशिया के मालेक जाजिरी को लगातार सेटों में 6-0, 7-6, 6-2 से हराकर आज विम्बलडन टेनिस चैपिंयनशिप के दूसरे दौर में प्रवेश कर लिया. भूपति और बोपन्ना की जोड़ी ने पहला सेट 17 मिनट, दूसरा सेट 44 मिनट और तीसरा सेट 35 मिनट में अपने नाम कर लिया.

एआईटीए ने सानिया के आरोपों को किया खारिज

नयी दिल्ली . अखिल भारतीय टेनिस संघ ने ओलंपिक टीम चयन में शीर्ष महिला खिलाड़ी सानिया मिर्जा के अपमानजनक व्यवहार के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि राष्ट्रीय टीम में चयन केवल प्रतिभा के आधार पर ही किया जाता है. 

एआईटीए के कार्यकारी निदेशक रणवीर चौहान ने आज कहा कि लिएंडर पेस और सानिया मिर्जा की जोड़ी साथ मिलकर देश के लिए बहुत अच्छा परिणाम दे सकती है. ओलंपिक के लिए टीम का चयन एक प्रोफेशनल चयन समिति ने पूरी तरह प्रतिभा के आधार पर किया है. एआईटीए हर खिलाड़ी का सम्मान करता है और हमें सानिया मिर्जा के हितों का पूरा ख्याल है. संघ ने साथ ही सभी खिलाडिय़ों से अपील की कि वे अपने मतभेदों को दरकिनार करें. सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे के खिलाफ बयान देने से बचें और एक साथ मिलकर देशहित में ओलंपिक में पदक जीतकर भारत को गौरव प्रदान करें.  एआईटीए ने कहा सानिया पेस और भूपति की तरह देश की महान टेनिस खिलाड़ी हैं.

इन तीनों खिलाडिय़ों ने ग्रैंड स्लेम खिताब जीतकर देश को गौरवान्वित किया है. एआईटीए ने आईटीएफ का सानिया मिर्जा तथा रश्मि चक्रवर्ती और सोमदेव देववर्मन को वाइल्ड कार्ड देने के लिए शुक्रिया अदा किया. एआईटीए ने सानिया को वाइल्ड कार्ड दिलाने के लिए अपनी तरफ से भरसक प्रयास किये थे क्योंकि वह अपनी रैंकिंग के आधार पर ओलंपिक के लिए क्वालीफाई नहीं कर पायी थी लेकिन सानिया ने उल्टे एआईटीए पर उनके साथ सौतेला व्यवहार करने का ही आरोप लगा दिया. ओलंपिक में केवल फ्रांंस, जर्मनी, इटली, रूस, स्पेन और अमेरिका ही ऐसे देश हैं जिनके सात खिलाड़ी खेलों के महाकुंभ में हिस्सा ले रहे हैं और अब भारत भी इन विशिष्ट देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है.
एआईटीए की चयन समिति का कहना है कि पेस और सानिया की संयुक्त रैंकिंग 19वीं बैठती है और वे शीर्ष 12 टीमों में नौवें स्थान पर मिश्रित युगल के लिए सर्वश्रेष्ठ जोडी हैं. सानिया महिला एकल रैंकिंग में 246 स्थान तक गिर चुकी हैं और उनकी एकमात्र डब्ल्यूटीए खिताबी जीत 2005 के हैदराबाद ओपन में थी लेकिन युगल में सानिया का प्रदर्शन खासा अच्छा रहा है और उन्होंने भूपति के साथ फ्रेंच ओपन का मिश्रित युगल खिताब जीता है. सानिया ने अप्रत्यक्ष रूप से पेस पर कड़े प्रहार कर दिये हैं. हालांकि पेस की तरफ से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है. भूपति और बोपन्ना के एस से त्रस्त पेस के लिए सानिया के आरोप नया झटका हैं.

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