भोपाल, 1 अप्रैल. नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने मुख्यमंत्री से प्रदेश के बीस लाख बेरोजगार नौजवानों से संविदा शिक्षक, पटवारी एवं वनरक्षक पदों के लिये परीक्षा शुल्क के नाम पर वसूले गये 80 करोड़ रुपये वापस करने की मांग की है.

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राज्य सरकार अपने ही उस आदेश का उल्लंघन कर रही है जो सामान्य प्रशासन विभाग ने 1990 में जारी कर सीधी भर्ती में परीक्षा शुल्क न लेने के आदेश सभी विभागों को दिये थे. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार ने संविदा शिक्षक, पटवारी एवं वन रक्षक के 88 हजार पदों के प्रति फार्म 250 रुपया तो बेरोजगारों से लिया ही साथ ही विभिन्न पदों के लिये 600, 500 एवं 250 रुपया प्रति उम्मीदवार से परीक्षा शुल्क वसूला.

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सामान्य प्रशासन विभाग ने 1990 में 5 सितंबर के अपने आदेश में सभी विभागों को परिपत्र जारी कर बेरोजगारों से सीधी भर्ती के पदों के लिये होने वाली परीक्षा में परीक्षा शुल्क न लेने को कहा था. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार ने अपने इस आदेश की खिल्ली उड़ाते हुये परीक्षार्थियों से खुलेआम शुल्क लिया गया. उन्होंने कहा कि सामान्य जाति के साथ-साथ सरकार ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति तथा पिछड़े वर्ग के आवेदकों को भी नहीं बख्शा उनसे भी परीक्षा शुल्क वसूला गया. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि तीनों ही पदों के लिये लगभग 20 लाख आवेदन पत्र प्राप्त हुये हैं जिनसे परीक्षा शुल्क वसूला गया है. साथ ही फार्म ऑनलाइन भवाये जाने पर प्रति आवेदन 50 रुपया अलग से हर आवेदक को भुगतान करना पड़ा है.

इन पदों की परीक्षा देने वाले एससी-एसटी के बोरोजगारों को यात्रा व्यय की पात्रता राज्य सरकार ने तो देख्रखी है लेकिन राज्य के 8 जिलों में आयोजित पटवारी परीक्षा में बैठने वाले एससी-एसटी के बच्चों को यात्रा व्यय दिये जाने का कोई प्रावधान नहीं किया गया. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि 20 लाख नौजवानों में से मात्र 88 हजार ही नौकरी पा सकेंगे शेष 19 लाख से अधिक नौजवानों को हजार रुपये तक का व्यय होगा जो उनके लिये गरीबी में गीला आटा है. नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस मामले में संवेदनशीलता का परिचय दें और तत्काल बीस लाख नौजवानों को उनका परीक्षा शुल्क वापस कराकर शासन के आदेशों का पालन करायें.

भूरिया-अजय सिंह आदिवासी जिलों का दौरा करेंगे

प्रदेश कांग्रेस की समन्वय समिति की 24 मार्च की बैठक में लिये गये निर्णय के अनुसार राज्य के आदिवासी जिलों के नगरीय निकायों के संभावित चुनावों के लिये बनी रणनीति के तहत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह प्रथम चरण में 9 अप्रैल से 14 अप्रैल तक आदिवासी बाहुल्य रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगौन और धार जिले के विधानसभा क्षेत्रों के संयुक्त दौरे करेंगे. इन छह दिवसीय सघन दौरों की शुरूआत 9 अप्रैल, सोमवार को रतलाम जिले से होगी और समापन 14 अप्रैल शनिवार को शाम धार जिले के राजगढ़ में होगा.

म.प्र. कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष मानक अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस के इन दोनों वरिष्ठï नेताओं के ये सघन दौरे 16 आदिवासी बहुल जिलों की 52 नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के चुनाव के लिये कांग्रेस के पक्ष में जन जागरण के लिये आयोजित किये जा रहे हैं. इन दौरों के दौरान भूरिया और अजय ङ्क्षसह भाजपा सरकार के 8 वर्ष के कार्यकाल की विफलताओं को भी आम लोगों के सामने जनसंपर्क और आमसभाओं के माध्यम से उजागर करेंगे.

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