नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में जस्टिस  हरकौली ने छात्रों को की डिग्री प्रदान

भोपाल,9 नवम्बर नभासं. केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी, भोपाल के चौथे दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि विधि-सम्मत शासन ही सर्वश्रेष्ठ शासन है. विधि-सम्मत शासन के द्वारा ही नागरिकों को सभी सुविधाएँ समय पर मिल सकती हैं. समारोह में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश एवं यूनिवर्सिटी के चांसलर सुशील हरकौली ने छात्रों को डिग्री प्रदान की.

समारोह में सिब्बल ने कहा कि छात्रों को आज लॉ की डिग्री मिलने से उनका एक सपना पूरा हुआ, लेकिन इसके साथ ही सुनहरे भविष्य का दूसरा सपना शुरू हो गया. इस तरह से जिन्दगी के हर सपने को पूरा करने के लिए कठिन परिश्रम की जरूरत हमेशा रहती है. उन्होंने छात्रों के साथ ही छात्राओं द्वारा भी उल्लेखनीय सफलता प्राप्त करने पर खुशी व्यक्त की.  श्री सिब्बल ने आशा व्यक्त की कि विधि के सभी छात्र लोगों को न्याय दिलाने में मदद करेंगे. उन्होंने कहा कि हमेशा आशावादी रहें. सुधार की गुंजाइश हमेशा रहती है. मानव संसाधन मंत्री ने बताया कि आर.टी.ई. के माध्यम से प्राथमिक शिक्षा को सर्वव्यापी बनाने के साथ ही उच्च शिक्षा में गुणात्मक सुधार के हर-संभव प्रयास किए जा रहे हैं.  उच्च शैक्षणिक संस्थाओं में मेडिटेशन की कक्षाएँ भी लगायी जाएँगी. उन्होंने कहा कि संविधान में न्यायपालिका, विधायिका एवं कार्यपालिका के कार्य एवं अधिकार स्पष्ट रूप से वर्णित हैं. जरूरत इस बात की है कि सभी संस्थाएँ मिलकर लोगों के कल्याण के लिए कार्य करें.

समारोह में भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस जे.एस. वर्मा को जस्टिस हरकौली ने डॉक्टर ऑफ लॉ की डिग्री प्रदान की.दीक्षांत समारोह में जस्टिस हरकौली ने वर्ष 2011 में एलएल.एम. और बी.ए.एलएल.बी. उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की. उन्होंने एलएल.एम. की कु. प्रियम्बदा शुक्ला, कु. प्रेरणा तिवारी, मनीषा जायसवाल, सम्या रॉय चौधरी, हर्षित सक्सेना, विष्णु एस., अतिन कुमार दास, कु. नंदिनी त्रिभुवन नाथ दुबे,  जेलिस सुमन और कु. काव्या सलीम को डिग्री प्रदान की. एलएल.बी. की कु. स्मृति प्रधान, कु. मंजू भारती, कु. स्वप्निल गुप्ता,  शुभम् खरे और  शुभेन्दु जोशी सहित 66 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की.जस्टिस  हरकौली एवं  सिब्बल ने वर्ष 2011 के जस्टिस शचीन्द्र द्विवेदी मेमोरियल गोल्ड मेडल एवं  नानी ए. पालखीवाला मेमोरियल गोल्ड मेडल कु. प्रियम्वदा शुक्ला को, श्रीमती प्रतिभा दुबे मेमोरियल गोल्ड मेडल कु. दीक्षा मनचन्दा को और 2007 एवं 2008 का सिल्वर मेडल कु. दीक्षा मनचंदा को, 2009-2010 के सिल्वर मेडल और 2011 का गोल्ड मेडल विकास कुमार झा को पं. रामलाल जी शर्मा मेडल के रूप में प्रदान किए. अतिथियों ने इण्डियन लॉ रिव्यू जर्नल का विमोचन भी किया.

संचालक प्रोफेसर एस.एस. सिंह ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी देने के साथ ही अतिथियों को प्रतीक-चिन्ह भी भेंट किए. कार्यक्रम के शुभारंभ एवं समापन अवसर पर राष्ट्र-गीत का सामूहिक गान हुआ. इस अवसर पर विधि-विधायी मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, उच्च शिक्षा मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा, मुख्य सचिव श्री अवनि वैश्य सहित अभिभावक, न्यायिक क्षेत्र की विभूतियों सहित वरिष्ठजन उपस्थित थे.

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