बिजली न होने से गांवो में पानी का संकट गहराया

गांधीनगर 15 जून (संवाददाता) राजधानी से सटे ग्रामीण क्षेत्र की विधुत व्यवस्था इन दिनों अधिकारियों के लापरवाही के चलते अस्त-व्यस्त पडी हुई है.इसके चलते गांवो में जल संकट गहरा गया है और ग्रामीण महिलाएं एक से दो किलोमीटर पानी लाने पर मजबूर है.परवलिया सडक विधुत उपकेन्द्र के अंतर्गत 12 जून को आध्ंाी तूफान के चलते जोरदार बारिश हुई थी.

इससे कई गांवो में घोर अंधेरा छा गया.13 जून को अधिकारियों से शिकायत करने के बाद रात्रि करीब 2-3 घंटे तक प्रदाय हो सकी इसके बाद 14 जून को फिर अचानक कुराना फीडर पर सुबह फाल्ट होना बताया गया जब हमने विधुत वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री श्री अतरे से जब इस संबंध में चाही तो उन्होने बताया कि वे इस संबंध में अपनीे अधीनस्त अधिकारियो को निर्देशित करेगे कि गांवो की विधुत व्यवस्था सुचारु रुप से क्यो नहीं चल पड रही है.जब विधुत वितरण कंपनी के कार्यपालन यंत्री श्री जाहिद खान से शिकायत की कुराना फीडर की विधुत व्यवस्था बंद है आखिर कब तक बिजली आएगी तब उनका कहना था कि आंधी तूफान के चलते चार गांवो की बिजली बंद है.

हम इसको चालू करने के प्रयास कर रहे है.लेकिन जब हमने 14 जून को बिजली प्रदाय बंद होने के लिए उनसे संपर्क किया तो उन्होने मोबाइल रिसीव नहीं किया.यह हालात है राजधानी से लगे गांवो के तो राजधानी से दुरदराज गांवो की क्या स्थिति होगी इससे अंदाजा लगाया जा सकता है.राजधानी में बैठे वरिष्ठ अधिकारी भी इस ओर ध्यान नहीं देते यहां तक भाजपा से जुडे कई प्रतिनिधि ग्रामीण क्षेत्रों की परेशानी को हल कराने में नाकाम साबित हुए है. यही कारण है कि मंडल के अधिकारियों पर सरकार का कोई खोप दिखता नजर नहीं आ रहा है.यही हालात अन्य केन्द्रो पर है जहां एक से दो दो दिनों तक बिजली बंद रहती है कोई सुनने वाला तैयार नहीं है.

परवलिया डी.सी केन्द्र पर एक नजर डाली जाये तो सुपरवाइजर इन दिनों छुट्टी पर है. जब वहां के कार्यालय में कोई भी उपभोक्ताओ के फोन रिसीव नहीं करता अधिकारियो के हालात ये है विधुत वितरण के सहायक यंत्री का प्रमोशन हो जाने के बाद वे कार्यपालन यंत्री बनकर बैतूल पदस्थ हो गये है अब सहायक यंत्री का कार्यभार श्री रायकवार के हाथो में है अब वे इन दिनों अवकाश पर है.अगर ग्रामीणो क्षेत्रो को किसी भी बिजली से संबंधित शिकायत करना होती है उस पर कोई भी अधिकारी ध्यान नहीं देता है.ये हालात है ग्रामीण क्षेत्र के बिजली के अब ग्रामीणो ने प्रदेश के उर्जा मंत्री व मुख्यमंत्री से लापरवाह अधिकारियो की शिकायत करने का मन बनाया हैं ऐसे अधिकारियो को क्षेत्र से हटाया जाये जो ग्रामीण उपभोक्ताओ की समस्याओ पर ध्यान नहीं देते.

गांधीनगर की विधुत व्यवस्था भी अस्त व्यस्त दिन में कही बार जाती है बिजली गांधीनगर क्षेत्र के विधुत उपभोक्ता भी इन दिनों आंख मिचोली से बहुत परेशान हैं दिन में कही बार बिजली का आना जाना रहता हैं यहा ंपर हल्के तूफान से बिजली फाल्ट हो जाती है.मई माह में विधुत वितरण अधिकारियो ने मेंटेनेंस के नाम पर रखरखाव किया था ताकि बरसात के दिनों में उपभोक्ताओं को बिजली मिल सके.लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है.12 जून को भी यहा कि बिजली कही घण्टो गुल रही थी.गुरुवार को भी दोपहर के बाद बिजली बंद हुई तो साढे सात बजे के बाद बिजली सप्लाई प्रदाय हो सकी.जब हमने सहायक यंत्री कार्तिक श्रीवास्तव से इस संबंध में जानकारी चाही तो उनका कहना था कि बिजली प्रदाय कर दी जाएगी.उधर भाजपा नेता खूबचंद भागचंदानी ने अधिकारियो को चेतावनी देते हुए कहा कि दिन में कही बार बिजली का आना जाना रहता है.अधिकारियो को विधुत उपभोक्ताओ की समस्या पर ध्यान नहीं है.अगर उनका यही रवैया चलता रहा तो वे इस संबंध में आंदोलन के लिए बाध्य होगे.

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