मुंबई 25 मार्च. सीनियर बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने रविवार को आस्ट्रेलियाई दौरे में अपनायी गई विवादास्पद रोटेशन नीति का बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह लंबा दौरा था और इसलिए सभी को फिट रखना जरूरी था.

तीन सीनियर खिलाडिय़ों तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर को आस्ट्रेलिया में रोटेट करने पर चुप्पी तोड़ते हुए इस स्टार बल्लेबाज ने कहा कि यह बहुचर्चित नीति पूर्व नियोजित थी. तेंदुलकर ने चयनित पत्रकारों से लगभग 55 मिनट तक बात करते हुए कहा कि इस (रोटेशन नीति) पर हमारे सीनियर खिलाडिय़ों और कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने फैसला किया था, हमें लगा कि क्योंकि यह बिना विश्राम वाला लंबा दौरा था इसलिए हल्की चोटों से उबरने के लिए इस तरह का विश्राम देना सही रहेगा. मेरे कहने का मतलब यह नहीं है कि वे चोटिल थे. किसी को भी बाहर नहीं किया गया था.

नसीहत ना दें लोग

सचिन तेंदुलकर ने रविवार को कहा कि मुझे अब कुछ साबित करने की जरूरत नहीं है और संन्यास कब लेना है मैं खुद तय करूंगा.  उन्होंने कहा कि मैं रिकार्ड के लिए नहीं खेलता और देश के लिए खेलना ही मेरा लक्ष्य है. उन्होंने कहा कि मुझे इस मुकाम पर पहुंचने के लिए 23 साल लगे हैं. उन्होंने संन्यास की सलाह लेने वालों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वे मुझे टीम में लेकर नहीं आए हैं.  उन्होंने कहा कि ड्रेसिंग रूम में हुई चर्चाएं बाहर नहीं आनी चाहिए.

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