सिडनी में दो बार शतक का इंतजार खत्म कर चुके हैं मास्टर ब्लास्टर

नई दिल्ली 1 जनवरी. माना जा रहा है कि सचिन तेंदुलकर आस्ट्रेलिया के खिलाफ  दूसरे टेस्ट क्रिकेट मैच में सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर महाशतक लगाने में सफ ल रहेंगे. जहा इससे पहले भी दो अवसरों पर उन्होंने सैकड़े का लंबा इंतजार खत्म किया था.

तेंदुलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने 100वें शतक के लिए पिछले साल 12 मार्च से इंतजार कर रहे हैं. इस बीच उन्होंने 19 अंतर्राष्ट्रीय पारिया खेली हैं, लेकिन पिछले आकड़ों को देखकर लग रहा है कि सिडनी में वह यह इंतजार समाप्त करने में सफ ल रहेंगे. स्वयं तेंदुलकर ने भी स्वीकार किया है कि सिडनी का मैदान विदेशों में उनके लिए सबसे प्रिय मैदान है. वैसे यह पहला अवसर नहीं है जबकि तेंदुलकर को अपने शतक के लिए इतना लंबा इंतजार करना पड़ा. इससे पहले पाच अवसरों पर वह 20 या इससे अधिक पारियों में सैकड़ा जडऩे में नाकाम रहे थे. उन्हें अपने अगले शतक के लिए सबसे लंबा इंतजार मई 2007 से जनवरी 2008 के बीच करना पड़ा था. तेंदुलकर तब 34 अंतरराष्ट्रीय पारियों तक शतक नहीं जड़ पाए थे और संयोग से उन्होंने यह इंतजार सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर खत्म किया था. यही नहीं अपने दूसरे शतक के लिए 24 पारियों का इंतजार भी तेंदुलकर ने सिडनी में ही खत्म किया था. तेंदुलकर ने अपने करियर का 78वा अंतरराष्ट्रीय शतक बाग्लादेश के खिलाफ  मई 2007 में मीरपुर में दूसरे टेस्ट मैच में लगाया था.

इसके बाद 34 पारियों तक वह तिहरे अंक में नहीं पहुंच पाए थे. इस बीच सात पारियों में वह नर्वस नाइंटीज के शिकार बने. इनमें से तीन पारियों में तो वह 99 रन पर आउट हुए थे. तेंदुलकर के शतक का यह लंबा इंतजार आखिर में आस्ट्रेलिया के खिलाफ  दो जनवरी 2008 से सिडनी में शुरू हुए दूसरे टेस्ट मैच में टूटा था. भारतीय रन मशीन ने तब पहली पारी में नाबाद 154 रन बनाए थे. यह उनका एससीजी पर तीसरा शतक था. यह मैच हालाकि हरभजन सिंह की एंड्रयू साइमंड्स के खिलाफ  कथित नस्ली टिप्पणी के कारण अधिक चर्चा में रहा था. संयोग से भारत अब तीन जनवरी से इस मैदान पर दूसरा टेस्ट मैच खेलने के लिए ही उतरेगा. तेंदुलकर ने 2008 में स्वीकार किया था कि वह फि र से 90 रन के पार पहुंचने के बाद चूकना नहीं चाहते थे और इसलिए उन्होंने स्कोर बोर्ड की तरफ  नहीं देखा था. उन्होंने कहा कि यह कुछ अलग हटकर था क्योंकि 2007 में मैं कई बार शतक से चूका था और मैं फि र से ऐसा नहीं चाहता था. भारत के इस स्टार बल्लेबाज ने अपना पहला शतक भी 21वीं अंतरराष्ट्रीय पारी में लगाया था. इसके बाद अगले शतक के लिए उन्हें 24 पारियों का इंतजार करना पड़ा था. भारत जब 1991-92 में आस्ट्रेलिया दौरे पर गया तो सिडनी में दो जनवरी से शुरू हुए तीसरे टेस्ट मैच की पहली पारी में उन्होंने नाबाद 148 रन बनाकर शतक का इंतजार समाप्त किया था. अब तेंदुलकर 19 पारियों से शतक लगाने में असफ ल रहे हैं. इस बीच वह दो बार 90 रन के पार पहुंचने के बावजूद शतक पूरा करने से चूक गए थे. तेंदुलकर को अपने लंबे करियर के दौरान 20वें अंतरराष्ट्रीय शतक के लिए 21 पारी और 76वें शतक के लिए 20 पारी तक इंतजार करना पड़ा था.

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