मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की तैयारियों की समीक्षा

भोपाल,16 सितंबर,नभासं.मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साँची में स्थापित होने वाले बौद्ध तथा भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय के शिलान्यास समारोह की तैयारियों की समीक्षा की. समारोह में श्रीलंका के राष्ट्रपति और भूटान के प्रधानमंत्री सहित बौद्ध संत और बड़ी संख्या में आमजन भी शामिल होंगे.

बैठक में उच्च शिक्षा और संस्कृति मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा, मुख्य सचिव श्री आर. परशुराम, अपर मुख्य सचिव आई.एस.दाणी, एंटोनी जे सी डिसा, पुलिस महानिदेशक नंदन दुबे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे. मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि साँची बौद्ध विश्वविद्यालय विश्व में अद्वितीय और अनूठा शिक्षा केन्द्र होगा. उन्होंने विश्वविद्यालय के गठन संबंधी औपचारिकताओं और निर्माण कार्यों आदि के लिये समय-सीमा निर्धारित कर तेजी से कार्य की जरूरत बताई. उन्होंने विश्वविद्यालय संबंधी विभिन्न कार्यों के लिये विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी की नियुक्ति के निर्देश भी दिये.

बैठक में बताया गया कि शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होने के लिये श्रीलंका के राष्ट्रपति महिन्दा राजपक्षे, विदेश मंत्री के साथ 21 सितम्बर की प्रात: आएंगे. भूटान के प्रधानमंत्री ल्यों जिग्में थिनली 20 सितम्बर को प्रात: भोपाल आएंगे और रात्रि-विश्राम भोपाल में ही करेंगे. वे भोपाल के दर्शनीय-स्थलों का भी अवलोकन करेंगे. आयोजन संबंधी विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी के दौरान बताया गया कि अतिथियों के सम्मान में दोपहर भोज का आयोजन पारंपरिक भारतीय शैली में होगा. सभा-स्थल पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होगा. मुख्य कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों और संतों की बैठक की व्यवस्था की जाएगी.

मुख्यमंत्री ने वायको को पत्र लिखकर विरोध वापस लेने का किया आग्रह
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने आज एमडीएमके के महासचिव वायको को पत्र लिखकर साँची बुद्धिस्ट विश्वविद्यालय की स्थापना और शिलान्यास समारोह के संबंध में विरोध प्रदर्शन वापस लेने का आग्रह किया है. अपने पत्र में चौहान ने कहा कि साँची बुद्धिस्ट विश्वविद्यालय की स्थापना और शिलान्यास समारोह पूरी तरह से गैर राजनैतिक अवसर है. इसे राज्य सरकार की ऐसी सकारात्मक पहल रूप में देखना चाहिये जिसके माध्यम से एशिया के देशों में परस्पर शांति और सद्भाव को बढ़ावा मिलेगा.

मुख्यमंत्री ने भारतीय राजनीति में वायको के योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि भारतीय संविधान और संयुक्त राष्ट्र संघ मानव अधिकारों की घोषणा में उल्लेखित मानव अधिकार सर्वोच्च हैं और मानव अधिकारों का उल्लंघन नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि वे तमिल लोगों सहित आम भारतीय नागरिकों के साथ खड़े हैं, चाहे वे भारत में रह रहे हों या विदेश में. अपने पत्र में चौहान ने कहा कि भाजपा और वे स्वयं सार्वभौमिक मानव अधिकारों के समर्थक हैं और जहाँ कहीं भी मानव अधिकारों का उल्लंघन हो वहाँ कड़ी कार्रवाई एवं त्वरित राहत उपलब्ध करवाने के लिये कटिबद्ध हैं. चौहान ने अपने पत्र में वायको को जानकारी दी कि राज्य सरकार ने एशियाई देशों की सभ्यताओं को एक साथ लाने के लिये साँची में अंतर्राष्ट्रीय बुद्धिस्ट विश्वविद्यालय की स्थापना करने की दिशा में कदम बढ़ाया है.

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्राचीन भारतीय विचार और एशिया के विभिन्न देशों में विस्तार ले रही बुद्धिस्ट संस्कृति के मध्य परस्पर वैचारिक संबंधों को प्रोत्साहित करने का विनम्र प्रयास है. अपने पत्र में चौहान ने कहा कि वास्तविक रूप से सच्चे अर्थों में अन्तर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना करने के लिये मध्यप्रदेश सरकार ने भूटान, म्यांमार, थाईलैण्ड, साउथ कोरिया, जापान, श्रीलंका, मंगोलिया, कंबोडिया, नेपाल आदि देशों के राष्ट्राध्यक्षों को निमंत्रण दिया है. भूटान के प्रधानमंत्री और श्रीलंका के राष्ट्रपति ने साँची बुद्धिस्ट विश्वविद्यालय के शिलान्यास समारोह में भाग लेने के लिए आमंत्रण स्वीकार किया है.

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